CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें हाउसिंग बोर्ड बैठक में 45 करोड़ के प्रोजेक्ट्स, शराब फैक्ट्रियों पर हाईकोर्ट सख्त, बस्तर में रावघाट तक पहुंची पहली ट्रेन, दुर्ग में सड़क निर्माण में कमीशन का खेल, मनगट्टा में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर नकेल, दुर्ग-बिलासपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम की तैयारी, अंतागढ़ के 56 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, रायपुर नगर निगम का टैक्स पोर्टल बंद और ओबीसी कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों का एलान समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का 86वां सम्मेलन: 45 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी, दिव्यांगों को मिलेगी सीधी भर्ती
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की 86वीं बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मुख्यालय में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने की। बैठक में राज्य के विकास और आवास योजनाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अध्यक्ष ने बताया कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में बेहतर आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार मिलेगी। इस बैठक में तीन प्रमुख आवासीय परियोजनाओं के लिए कुल 44.82 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत रायपुर के तिल्दा स्थित दीनदयाल आवास कॉलोनी (कोहका) में 76 कमर्शियल और रेजिडेंशियल यूनिट्स बनाई जाएंगी, जिस पर 10.37 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जशपुर के गिनाबहार में 17.51 करोड़ रुपये की लागत से 97 मकान बनाए जाएंगे और 7 एकड़ जमीन का विकास होगा। वहीं मुंगेली के लोरमी (सारधा) में 16.94 करोड़ रुपये से 200 ईडब्ल्यूएस मकानों का निर्माण और 5 एकड़ जमीन का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, चालू साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में मंडल ने 317 करोड़ रुपये की 1,647 संपत्तियां बेची हैं। बैठक में निर्माण कार्यों के लिए जीएसटी भुगतान और रॉयल्टी क्लीयरेंस की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक समान नियम (एसओपी) लागू करने का फैसला हुआ। साथ ही दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत समाज कल्याण विभाग की गाइडलाइन के अनुसार दिव्यांगों को सीधी भर्ती में आरक्षण देने का निर्णय लिया गया। मंडल के कर्मचारियों को शासन के समान बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता भी मिलेगा। रायपुर के क्वींस क्लब ऑफ इंडिया को चलाने के लिए पीपीपी मॉडल पर एजेंसी तय करने के टेंडर दस्तावेज को भी मंजूरी दी गई। बैठक में मंडल कमिश्नर अवनीश कुमार शरण और विभिन्न विभागों के सीनियर अफसर मौजूद थे।
प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त: 3 शराब फैक्ट्रियों की जांच के लिए वकील बने कोर्ट कमिश्नर, 30 दिन में मांगी रिपोर्ट
छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण और जल स्रोतों के दूषित होने के मामले को बिलासपुर हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने इस मामले में खुद संज्ञान लेते हुए एक बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य की तीन बड़ी शराब डिस्टिलरीज की स्वतंत्र जांच के लिए दो वकीलों को ‘कोर्ट कमिश्नर’ नियुक्त किया है। अधिवक्ता वैभव शुक्ला और अपूर्वा त्रिपाठी को भाटिया वाइन मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, वेलकम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड और छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड के प्लांट का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई है। कोर्ट ने कहा कि वह पर्यावरण नियमों के पालन को लेकर लगातार नजर रख रहा है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने अदालत को बताया कि भाटिया वाइन और छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज के परिसर के बाहर कोई गंदा पानी नहीं बह रहा है। हालांकि, बोर्ड ने वेलकम डिस्टिलरीज में कई कमियां पाई हैं। इस फैक्ट्री में गंदे पानी को साफ करने का सिस्टम बंद मिला और प्रदूषित पानी बाहर बहता पाया गया। इसके लिए नवंबर 2025 में कंपनी पर 54.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही इसे बंद करने का आदेश भी दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि जमीनी हकीकत जानने के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है। कोर्ट कमिश्नर अब पर्यावरण बोर्ड के अफसरों के साथ मिलकर इन फैक्ट्रियों का दौरा करेंगे और 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेंगे।
बदल रहा है बस्तर: रावघाट तक पहुंची पहली ट्रेन, सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने किया सफर
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से बस्तर के बदलते हालात की एक बेहद खास तस्वीर सामने आई है। सालों से अधूरी पड़ी रावघाट रेल परियोजना का काम अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। ताडोकी से रावघाट के बीच रेल की पटरी पर ट्रेन के इंजन का ट्रायल सफलता के साथ पूरा कर लिया गया है। साल 2007 में शुरू हुई इस परियोजना को पूरा होने में करीब 21 साल का वक्त लगा, क्योंकि नक्सली लगातार इस काम का विरोध कर रहे थे। इस दौरान कई जवानों और कर्मचारियों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। दूसरी सुखद तस्वीर यह रही कि जो पूर्व नक्सली कभी इस रेल लाइन का विरोध करते थे और जिन्होंने अब हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है, उन्हें पुलिस ने इस ट्रेन में सफर कराया। पहली बार ट्रेन को सामने देखने और उसमें यात्रा करने को लेकर इन लोगों में भारी उत्साह था। एक दौर था जब नक्सली वारदातों की वजह से बस्तर में ट्रेनों को रोक दिया जाता था, लेकिन अब वहां विकास की नई बयार बह रही है।
दुर्ग में कमीशन का खेल: दो महीने में उखड़ी नई सड़क, महापौर ने की ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
भिलाई नगर निगम में विकास कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वार्ड 22 कुरूद में 15वें वित्त आयोग के फंड से 78 लाख 30 हजार रुपये की लागत से दो सड़कों का निर्माण कराया गया था। यह ठेका मेसर्स शशांक जैन को मिला था। सड़क बनने के दो महीने के भीतर ही यह पूरी तरह से टूट गई, जिससे काम की क्वालिटी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में महापौर नीरज पाल ने दुर्ग कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। हैरान करने वाली बात यह है कि जून 2025 में जोन कमिश्नर एशा लहरे ने इस ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के लिए निगम कमिश्नर को पत्र लिखा था, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदार ने पीडब्ल्यूडी से क्वालिटी रिपोर्ट लाकर अपना 15 लाख रुपये का बिल पास करा लिया। इसके बाद जब ठेकेदार ने दूसरा बिल लगाया, तो निगम कमिश्नर राजीव पांडेय ने जनवरी 2026 में बिना पूरा जुर्माना वसूले 35 लाख 25 हजार रुपये का एक और भुगतान कर दिया। महापौर ने कमिश्नर की इस कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं निगम कमिश्नर का कहना है कि यह काम अफसरों को बिना बताए किया गया था, इसलिए अब ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मनगट्टा में अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर: 150 एकड़ जमीन पर बना गेट और सड़कें जमींदोज
राजनांदगांव के मशहूर पर्यटन स्थल मनगट्टा में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध प्लॉटिंग के खेल को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। राजस्व विभाग की टीम को खबर मिली थी कि बिना किसी सरकारी अनुमति और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की मंजूरी के 150 एकड़ जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। इसके बाद राजस्व अमला सुबह ही बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई जा रही सड़कें, बाउंड्रीवॉल, प्रवेश द्वार और दूसरे अवैध निर्माणों को पूरी तरह से तोड़ दिया गया। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी झांसे में न आएं और कोई भी प्लॉट खरीदने से पहले उसके सरकारी कागजात और मंजूरी की अच्छी तरह जांच कर लें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मनमानी फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूलों पर कड़ा पहरा: सरकार ने बनाई निगरानी कमेटी
छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और महंगी किताबें व यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव बनाने की शिकायतों पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की इस मनमानी को रोकने के लिए जिला स्तर पर विशेष निगरानी कमेटियों का गठन किया है। इस कमेटी की कमान जिले के कलेक्टर के हाथ में होगी, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जीएसटी के सहायक आयुक्त इसके सदस्य होंगे। शिक्षा सचिव ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही हर विकासखंड (ब्लॉक) स्तर पर भी जांच टीमें बनाई जाएंगी, जिसमें एसडीएम, बीईओ और जीएसटी इंस्पेक्टर शामिल होंगे। यह टीम सीधे स्कूलों में जाकर फीस और किताबों की कीमतों की जांच करेगी और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग और बिलासपुर में भी लागू होगा पुलिस कमिश्नर सिस्टम: कानून-व्यवस्था सुधारने को गृहमंत्री का बड़ा फैसला
राजधानी रायपुर की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ के दो और बड़े शहरों, दुर्ग और बिलासपुर में भी पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की जाएगी। गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस बड़े फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि रायपुर में यह व्यवस्था बहुत अच्छे से काम कर रही है। औद्योगिक क्षेत्र और रेलवे जोन होने के कारण दुर्ग और बिलासपुर में भी इस सिस्टम की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इस नई व्यवस्था के लागू होने से जिलों में पुलिस का मुखिया पुलिस कमिश्नर (आयुक्त) होगा। वर्तमान में केवल रायपुर को छोड़कर बाकी जिलों में कानून-व्यवस्था के बड़े फैसलों, जैसे धारा 144 लगाना, लाठीचार्ज या प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने के लिए पुलिस को जिला कलेक्टर की मंजूरी लेनी पड़ती है। कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद ये मजिस्ट्रेट अधिकार पुलिस को मिल जाएंगे, जिससे वे अपराध और ट्रैफिक व्यवस्था पर तुरंत फैसले ले सकेंगे। दूसरी तरफ इस फैसले पर राजनीति भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद भी कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो अफसर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें वहां तैनात कर दिया गया है। जब तक अफसरों को पूरे अधिकार नहीं मिलेंगे, तब तक जमीन पर कोई नतीजा नहीं दिखेगा।
फंड न मिलने से नाराज कांकेर के 56 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, प्रशासनिक अमले में मची खलबली
कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक में विकास कार्यों के ठप होने से नाराज होकर एक साथ 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने अपने पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इतनी बड़ी संख्या में सरपंचों के इस्तीफे से इलाके की राजनीति और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सरपंचों का कहना है कि वे लंबे समय से गांवों में सड़क, नाली, साफ पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी फंड जारी करने की मांग कर रहे थे। पर्याप्त बजट न मिलने के कारण गांवों के विकास कार्य पूरी तरह रुक गए हैं। सरपंचों का आरोप है कि फंड न होने से वे ग्रामीणों को जवाब नहीं दे पा रहे हैं और पंचायतों का कामकाज ठप हो गया है। लगातार हो रही उपेक्षा से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया है।
रायपुर नगर निगम की लापरवाही: बंद पड़ा है टैक्स पोर्टल, एडवांस टैक्स देने के लिए भटक रहे लोग
एक तरफ जहां रायपुर नगर निगम अपने खाली खजाने को भरने की चिंता जता रहा है, वहीं दूसरी तरफ एडवांस टैक्स जमा करने पहुंच रहे करदाताओं को परेशान होना पड़ रहा है। नगर निगम का राजस्व पोर्टल बंद होने के कारण लोग अपनी संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) और वॉटर टैक्स का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। असल में, निगम प्रशासन हर साल शुरुआती महीनों (मार्च, अप्रैल और मई) में सालभर का टैक्स एक साथ जमा करने पर 5 से 7 फीसदी तक की छूट देता है। लोग इसी छूट का फायदा उठाने के लिए एडवांस टैक्स जमा करना चाहते हैं। लेकिन तकनीकी दिक्कतों और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के अधूरे कामों को नए साल में अपडेट करने की वजह से पोर्टल को बंद रखा गया है। इस मामले में राजस्व अधिकारी जागृति साहू ने बताया कि मार्च के बाद अप्रैल तक का अतिरिक्त समय दिया गया था। फिलहाल पुराने आंकड़ों को नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है और अगले कुछ दिनों में पोर्टल को दोबारा चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जून तक टैक्स देने पर करीब सवा छह प्रतिशत की छूट मिलती है, जबकि मार्च के बाद टैक्स न चुकाने वालों पर 17 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जाता है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नियुक्तियां: ओबीसी कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों के नामों का हुआ एलान
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूती देने के लिए ओबीसी कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी कर दी है। इस सूची में राज्य के कई प्रमुख नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लक्ष्मण सेन को रायपुर शहर ओबीसी कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, रायपुर ग्रामीण की कमान मुकेश साहू को सौंपी गई है। इसके साथ ही धमतरी शहर में प्रमोद सिन्हा और धमतरी ग्रामीण इलाके में लखेश्वर साहू को ओबीसी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी को उम्मीद है कि इन नई नियुक्तियों से जमीनी स्तर पर पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के बीच संगठन की पकड़ और मजबूत होगी।
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