
Monsoon 2026: भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ पारे से झुलस रहे देश के बड़े हिस्से के लिए आखिरकार एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश में मानसून के आगमन का काउंटडाउन शुरू होने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के भीतर देश के वायुमंडलीय सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्य भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में हैं, लेकिन इसी बीच मौसम विभाग ने 13 राज्यों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इस बदलाव के दौरान कई इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
अंडमान के रास्ते आगे बढ़ रहा है दक्षिण पश्चिम मानसून, 26 मई को केरल में दस्तक की उम्मीद
Kab Aaega Monsoon: मौसम विज्ञान केंद्र से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में पूरी तरह कदम रख दिया है। परिस्थितियां मानसून के आगे बढ़ने के अनुकूल बनी हुई हैं और इसके आगामी 26 मई 2026 तक केरल के तट से टकराने की प्रबल संभावना है। केरल में दस्तक देने के तुरंत बाद यह सिस्टम दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ बढ़ेगा, जिससे देश के एक बड़े भू-भाग में प्री-मानसून और मानसून की नियमित बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।

उत्तर भारत में सक्रिय हो रहा है नया पश्चिमी विक्षोभ, धूलभरी आंधी के साथ बदलेंगे बादल
Monsoon Update: एक तरफ जहां दक्षिण से मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इस नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसमान में मई के आखिरी सप्ताह में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर भारत के इन राज्यों में जून की शुरुआत से पहले तेज धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
दो हिस्सों में बंटा देश का मौसम, कहीं आग उगल रही हवाएं तो कहीं बाढ़ जैसे हालात
Weather Today: इस समय देश का मौसम दो विपरीत छोरों पर खड़ा दिखाई दे रहा है। जहां उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में दोपहर के समय सूरज की किरणें आग उगल रही हैं और सड़कें पूरी तरह सूनी हो जाती हैं, वहीं इसके ठीक विपरीत दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह मौसम का बदलाव काल (ट्रांजिशन पीरियड) है। इस अवधि में जब समुद्र की तरफ से आने वाली नमी युक्त हवाएं मैदानी इलाकों की बेहद गर्म हवाओं से टकराती हैं, तो अचानक तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाएं सामने आती हैं।
पूर्वोत्तर के राज्यों में प्री-मानसून की भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की चेतावनी जारी
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड सहित देश के पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इन राज्यों के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार मध्यम से भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और निचले इलाकों में अचानक जलभराव के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा होने की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा को सीमित करने की सलाह दी है।

केरल और कर्नाटक में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बेंगलुरु में भी गरजेंगे बादल
अरब सागर में बने एक विशेष साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती घेरे) के कारण दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में शाम के समय तेज आंधी के साथ भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र के भीतर ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की हिदायत दी गई है।
अगले 48 घंटे अभी भी रहेंगे बेहद कठिन, दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
भले ही मानसून के आगे बढ़ने की खबरें राहत देने वाली हैं, लेकिन मौसम विभाग ने साफ किया है कि उत्तर और मध्य भारत के राज्यों के लिए अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। दिल्ली, यूपी और राजस्थान के कई जिलों में शनिवार और रविवार को गंभीर लू चलने का रेड अलर्ट बरकरार है। डॉक्टरों और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना किसी बेहद जरूरी काम के सीधे धूप में निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
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