Appy Raja Biography in Hindi: देश के पहले छत्तीसगढ़ी रैपर एप्पी राजा के संघर्षों से सफलता तक की पूरी कहानी

Appy Raja Biography in Hindi: छत्तीसगढ़ी संगीत जगत के लोकप्रिय रैपर और गायक एप्पी राजा का नाम उन कलाकारों में शामिल है जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर क्षेत्रीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एप्पी राजा का असली नाम चेतन चांडक था। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में रैप संगीत को लोकप्रिय बनाकर युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उनके गीतों में स्थानीय संस्कृति, युवाओं की सोच और समाज से जुड़े विषयों की झलक देखने को मिलती थी।

जन्म और शुरुआती जीवन: Appy Raja Birth and Early Life

Appy Raja Birth: एप्पी राजा का जन्म 10 मई 1994 को छत्तीसगढ़ के नवागढ़ क्षेत्र में हुआ था। उनका असली नाम चेतन चांडक है। उनके पिता वर्ष 1987 में बेमेतरा आए थे। बचपन की पढ़ाई दुर्ग में पूरी करने के बाद उनका परिवार कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में बस गया। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कांकेर में की और 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की।

CG Rapper Appy Raja: किशोरावस्था के दौरान ही उनके पिता को हार्ट अटैक आया, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो गई। परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। घर चलाने के लिए उनकी मां ने सिलाई का काम शुरू किया और परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गईं।

सातवीं कक्षा से शुरू हुआ रैप लिखने का सफर एजुकेशन: Appy Raja Education

Appy Raja Education: एप्पी राजा को बचपन से ही संगीत में रुचि थी। उन्होंने पहली बार सातवीं कक्षा में रैप लिखना शुरू किया था। धीरे-धीरे यह शौक उनके जीवन का लक्ष्य बन गया। 13 से 14 वर्ष की उम्र तक आते-आते वे लगातार रैप गीत लिखने लगे थे।

उस समय छत्तीसगढ़ी भाषा में रैप संगीत का चलन बहुत कम था, लेकिन एप्पी राजा ने अपनी अलग शैली विकसित की। बाद में यही शौक उनका पेशा बना और उन्होंने छत्तीसगढ़ी रैप को नई दिशा दी।

आर्थिक तंगी के बीच नहीं छोड़ा सपना: Appy Raja Struggle

पिता की बीमारी के बाद परिवार की मदद के लिए एप्पी राजा गुजरात के सूरत चले गए। वहां उन्होंने एक कपड़ों की दुकान में नौकरी की, जहां उन्हें हर महीने कुछ हजार रुपये वेतन मिलता था। हालांकि उनका मन नौकरी में नहीं लगा, क्योंकि उनका सपना संगीत की दुनिया में पहचान बनाने का था।

कुछ समय बाद वे वापस छत्तीसगढ़ लौट आए और संगीत को ही अपना करियर बनाने का निर्णय लिया। परिवार ने भी उनका साथ दिया और वे नए अवसरों की तलाश में निकल पड़े।

पंजाब से मिला करियर का पहला बड़ा मौका

Appy Raja Career: साल 2015 एप्पी राजा के जीवन का अहम मोड़ साबित हुआ। उन्हें पंजाब के लुधियाना स्थित एक म्यूजिक कंपनी से ईमेल मिला, जिसमें उन्हें अपना रैप रिकॉर्ड कर भेजने के लिए कहा गया। कंपनी को उनका काम पसंद आया और उन्हें पंजाब बुलाया गया।

वहीं उनकी मुलाकात पंजाबी संगीत जगत से जुड़े कलाकारों और संगीतकारों से हुई। उनके गुरु शरणजीत सानू ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए अपने स्टूडियो में रहने की सुविधा भी दी। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद एप्पी राजा दिन-रात मेहनत करते रहे और संगीत निर्माण की बारीकियां सीखते गए।

‘टूरा भोको लोलो’ ने दिलाई पहचान

Appi Raja Popular Song: एप्पी राजा का सबसे चर्चित गीत ‘टूरा भोको लोलो’ रहा। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह गीत कई साल पहले लिख लिया था, लेकिन रिकॉर्डिंग के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे।

जब यह गीत रिलीज हुआ तो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवाओं ने इसे खूब पसंद किया और एप्पी राजा रातों-रात छत्तीसगढ़ी संगीत जगत का चर्चित नाम बन गए। इस गीत ने उन्हें प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में पहचान दिलाई।

लोकप्रिय गीत जिन्होंने बनाया युवाओं का चहेता

अपने करियर के दौरान एप्पी राजा ने कई सफल गीत दिए। इनमें ‘टूरा भोको लोलो’, ‘रसगुल्ला’, ‘सेवा जोहार’, ‘आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहूं’, ‘छत्तीसगढ़ एंथम’ और ‘चो चो हस’ जैसे गीत शामिल हैं।

इन गानों ने छत्तीसगढ़ी संगीत को नई ऊर्जा दी और युवाओं के बीच रैप शैली को लोकप्रिय बनाया। उनके गीतों में आधुनिक संगीत और स्थानीय बोली का अनोखा मेल देखने को मिलता था।

सामाजिक विषयों पर भी उठाई आवाज

एप्पी राजा सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित ‘ट्रिब्यूट टू डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम’ नामक रैप गीत बनाया। इसके अलावा शहीद भगत सिंह, स्वतंत्रता दिवस और युवाओं को प्रेरित करने वाले विषयों पर भी कई रचनाएं प्रस्तुत कीं।

उनके गीतों में सामाजिक संदेश और सकारात्मक सोच का प्रभाव साफ दिखाई देता था। यही कारण था कि उन्हें केवल रैपर नहीं बल्कि युवाओं की आवाज भी माना जाता था।

सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों तक पहुंची आवाज

एप्पी राजा की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर भी लगातार बढ़ती रही। इंस्टाग्राम पर उनके करीब दो लाख फॉलोअर्स थे, जबकि यूट्यूब पर लगभग छह लाख सब्सक्राइबर्स जुड़े हुए थे।

उनके गीतों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 13 करोड़ से अधिक बार देखा और सुना गया। देश और विदेश में रहने वाले छत्तीसगढ़ी समुदाय के बीच भी उनके गानों की बड़ी पहचान थी।

निजी जीवन और प्रेम विवाह: Appy Raja Wife & Private life

Appy Raja Wife Name:एप्पी राजा ने रानी चांडक के साथ प्रेम विवाह किया था। दोनों कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे और लंबे समय से रिश्ते में थे। कोरोना महामारी के दौरान शादी की योजना पूरी नहीं हो सकी, लेकिन बाद में दोनों ने कोर्ट मैरिज की और आर्य समाज में विवाह संपन्न किया।

शादी की जानकारी सामने आने के बाद प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। उनकी जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया।

बीमारी और निधन

जीवन के अंतिम दिनों में एप्पी राजा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। लगातार हीमोग्लोबिन कम होने के कारण उन्हें कमजोरी, चक्कर और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उनका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा था और उन्हें रक्त भी चढ़ाया जा रहा था।

15 जून को एप्पी राजा की निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद छत्तीसगढ़ी संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशंसकों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

छत्तीसगढ़ी रैप की अमिट पहचान

एप्पी राजा ने ऐसे समय में छत्तीसगढ़ी रैप को पहचान दिलाई, जब क्षेत्रीय संगीत मुख्य रूप से लोकगीतों तक सीमित था। उन्होंने स्थानीय भाषा और आधुनिक संगीत को जोड़कर एक नई राह दिखाई। उनका संघर्ष, उनकी रचनात्मकता और उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

आज भले ही एप्पी राजा हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गीत, उनकी सोच और उनका संगीत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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