
CG Paddy Procurement Model Maharashtra MLA Visit Raipur: छत्तीसगढ़ की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी आधारित धान खरीदी व्यवस्था अब देश के दूसरे राज्यों के लिए एक नजीर बनने लगी है. छत्तीसगढ़ सरकार के पारदर्शी और प्रभावी धान उपार्जन मॉडल से प्रभावित होकर अब महाराष्ट्र सरकार ने इसका जमीनी स्तर पर अध्ययन करने का फैसला किया है. इसके लिए महाराष्ट्र के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 18 और 19 जून 2026 को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर आ रहा है. यह दल यहां की पूरी क्रय प्रणाली को बारीकी से समझकर इसे अपने राज्य में लागू करने की संभावनाओं को तलाशेगा.
महाराष्ट्र के 12 जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों का दल आ रहा रायपुर
महाराष्ट्र सरकार का यह विशेष प्रतिनिधिमंडल राजधानी रायपुर पहुंचकर सीधे धान उपार्जन केंद्रों का रुख करेगा. इस आधिकारिक दल में महाराष्ट्र विधानसभा के 9 विधायक, विधान परिषद के 3 सदस्य और खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के 2 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं. छत्तीसगढ़ दौरे पर आने वाले प्रमुख जनप्रतिनिधियों में विधायक विनोद अग्रवाल, संजय पुराम, राजू कारेमोरे, विजय रहांगडाले और नरेंद्र भोंडेकर के नाम शामिल हैं. यह पूरा दल राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी वितरण और उपार्जन शृंखला की समीक्षा करेगा.
उपार्जन केंद्र से लेकर सीधे भुगतान की पूरी प्रक्रिया को समझेगी टीम
दो दिनों के इस विस्तृत अध्ययन दौरे के दौरान महाराष्ट्र का यह दल छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली को जमीनी स्तर पर देखेगा. टीम मुख्य रूप से इस बात का आकलन करेगी कि कैसे लाखों किसानों से बिना किसी अव्यवस्था के इतनी भारी मात्रा में धान की खरीदी की जाती है. इसके साथ ही धान के सुरक्षित भंडारण की तकनीक, मिलिंग के लिए उठाव का समयबद्ध प्रबंधन और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसानों के बैंक खातों में सीधे और त्वरित ऑनलाइन भुगतान की पूरी डिजिटल प्रक्रिया को यह दल नोट करेगा.
देश भर में मिसाल बना छत्तीसगढ़ का पारदर्शी कृषि उपार्जन मॉडल
छत्तीसगढ़ की धान खरीदी प्रणाली ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी पारदर्शिता और बेहतर टोकन प्रबंधन के कारण राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है. यहां बारदाने की उपलब्धता से लेकर तौल के समय होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए पुख्ता ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है. किसानों को उनकी उपज का सही दाम समय पर मिलने की वजह से ही पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नीति निर्माता इस मॉडल के प्रति उत्सुक नजर आ रहे हैं. इस दौरे के बाद महाराष्ट्र में भी इसी तर्ज पर धान खरीदी व्यवस्था को अपग्रेड करने की तैयारी है.



