
CG School Student Fainted Heat Wave: छत्तीसगढ़ में लंबा ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद आज से सभी सरकारी और निजी स्कूल दोबारा खुल गए हैं. पहले दिन बच्चे बड़े उत्साह के साथ अपने बस्ते लेकर स्कूल पहुंचे थे. हालांकि, दुर्ग जिले के जेआरडी स्कूल से पहले ही दिन एक डराने वाली खबर सामने आई है. यहाँ सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान कड़कड़ाती धूप और अत्यधिक उमस के चलते एक स्कूली बच्चा अचानक गश खाकर जमीन पर गिर पड़ा. बच्चे के बेहोश होते ही पूरे स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में शिक्षकों ने उसे उठाकर एक सुरक्षित कमरे में पहुंचाया.
प्रार्थना सभा के दौरान अचानक बिगड़ी बच्चे की तबीयत, स्कूल प्रबंधन में मची अफरा-तफरी
चश्मदीदों के मुताबिक, सुबह जब सभी बच्चे मैदान में प्रार्थना के लिए कतारों में खड़े थे, तभी हवा थमने से उमस काफी बढ़ गई थी. धूप तेज होने के कारण बच्चे पसीने से तरबतर हो रहे थे. इसी बीच एक छात्र अचानक चक्कर खाकर गिर गया. छात्र को अचेत अवस्था में देखकर वहां मौजूद शिक्षक और बाकी बच्चे सहम गए. स्कूल प्रबंधन ने बिना समय गंवाए बच्चे को तुरंत एक हवादार कमरे में लिटाया और स्थानीय डॉक्टर को इसकी सूचना दी. डॉक्टर की टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार आया.
प्राचार्य का दावा सभी तैयारियां थीं पूरी, तीखी धूप और उमस ने बढ़ाई बच्चों की परेशानी
इस घटना के बाद स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. एक तरफ जहाँ स्कूल के प्राचार्य का कहना है कि नए सत्र को लेकर स्कूल में पीने के ठंडे पानी और छाया की तमाम तैयारियां पहले से पूरी थीं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. जून के इस महीने में पारा लगातार ऊपर चढ़ रहा है. ऐसे मौसम में सुबह के वक्त भी धूप इतनी तीखी हो जाती है कि बच्चों के लिए खुले मैदान में ज्यादा देर खड़ा होना भी दूभर हो रहा है.
भीषण गर्मी के बीच स्कूल खोलने पर भड़के अभिभावक, प्रशासन के फैसले पर उठाए गंभीर सवाल
राज्य सरकार के आदेश के बाद आज से प्रदेश के सभी स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू तो कर दी गई हैं, लेकिन इस फैसले से बच्चों के माता-पिता बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं. पहले ही दिन सामने आई इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है. पालकों का कहना है कि जब मौसम विभाग लगातार तीखी धूप और उमस का अलर्ट जारी कर रहा है, तो ऐसी स्थिति में बच्चों को स्कूल बुलाना उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने जैसा है. अभिभावकों ने मांग की है कि जब तक बारिश शुरू नहीं हो जाती, तब तक स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी जानी चाहिए.



