
CG Monsoon Rain Alert: छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए भीषण गर्मी और उमस के बीच राहत की बड़ी खबर सामने आई है. आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने प्रदेश में दस्तक दे दी है. मौसम विभाग ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले से मानसून के प्रवेश की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. मानसून के सक्रिय होते ही बस्तर समेत राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है और ठंडी हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छाने लगे हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि आने वाले 24 से 48 घंटों के भीतर प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है.
दंतेवाड़ा के रास्ते बस्तर संभाग में दाखिल हुआ मानसून, ठंडी हवाओं ने बदला मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक इस साल मानसूनी हवाओं ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले को अपना पहला पड़ाव बनाया है. दंतेवाड़ा में एंट्री करने के साथ ही मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं. इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है. मौसम विभाग का कहना है कि हवा में नमी की मात्रा बढ़ने से मानसून तेजी से मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ेगा.

भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से जूझ रहे लोगों को मिलेगी राहत, गिरेगा दिन का तापमान
पिछले कई दिनों से छत्तीसगढ़ के लोग सूरज की तीखी धूप और असहनीय उमस से बेहाल थे. कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार चल रहा था जिससे दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता था. अब मानसून के विधिवत आगमन के बाद हवाओं में घुली ठंडक की वजह से अधिकतम तापमान में तेजी से गिरावट आएगी. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की कमी आ सकती है जिससे लोगों को तपिश से बड़ी राहत मिलेगी.
रायपुर और बिलासपुर समेत प्रदेश के इन प्रमुख हिस्सों में अगले दो दिनों में झमाझम बारिश के आसार
मौसम केंद्र ने अपनी ताजा रिपोर्ट में संकेत दिए हैं कि आगामी दो दिनों के भीतर बारिश का दायरा केवल बस्तर तक सीमित नहीं रहेगा. बस्तर संभाग के साथ-साथ राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में वर्षा की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी. विभाग ने कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई है, जिसे देखते हुए मैदानी अमले को अलर्ट पर रहने को कहा गया है.

खेतों में लौटेगी रौनक, धान उत्पादक किसानों के चेहरों पर आई मुस्कान
धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन का सबसे ज्यादा इंतजार ग्रामीण इलाकों में हो रहा था. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खरीफ फसलों की बोनी और खेतों को तैयार करने के लिए यह बारिश बेहद संजीवनी साबित होगी. समय पर पानी बरसने से किसान अब बिना किसी देरी के खेतों की जुताई और धान की थराई का काम शुरू कर सकेंगे. समय पर मानसून का पहुंचना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती-किसानी के लिहाज से बहुत अच्छा संकेत माना जा रहा है.
मौसम विभाग रख रहा है बादलों की चाल पर पैनी नजर, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
रायपुर स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिक लगातार सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए मानसूनी बादलों की गति और हवा के दबाव की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लें. विशेषकर ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी-तूफान या बिजली चमकने के दौरान वे खुले मैदानों, तालाबों के किनारे या बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से सुरक्षित रहा जा सके.
आने वाले एक हफ्ते में पूरे छत्तीसगढ़ को अपनी आगोश में ले लेगा मानसून
मौसमविदों का अनुमान है कि अगर हवा की रफ्तार और नमी का स्तर इसी तरह बना रहा, तो आने वाले एक सप्ताह के भीतर मानसून पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर लेगा. दंतेवाड़ा से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी जिलों से होते हुए उत्तर के पहाड़ी इलाकों तक पहुंचेगा. शुरुआती दौर में बस्तर के जंगलों में अच्छी बारिश दर्ज होने की उम्मीद है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर भी सुधरने लगेगा और आने वाले दिनों में पेयजल की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी.



