
Dhamtari Shyamtrai Conversion Controversy: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धर्मांतरण के आरोपों के चलते एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित ग्राम श्यामतराई में ग्रामीणों ने श्मशान घाट का रास्ता रोककर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में शव को धमतरी शहर ले जाया गया, जहां दानीटोला स्थित शांति घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया।
श्मशान घाट के रास्ते पर बांस रखकर बंद की आवाजाही
ग्राम श्यामतराई निवासी 50 वर्षीय गीता बाई का शनिवार को निधन हो गया था। जब परिजन शव को दफनाने के लिए श्मशान घाट की ओर ले जाने लगे, तभी सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों को आगे बढ़ने से रोक दिया और श्मशान घाट के मुख्य रास्ते पर बांस और लकड़ियां रखकर मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया।
तीन घंटे तक जारी रहा हंगामा और प्रशासनिक कशमकश
घटना के चलते गांव में देखते ही देखते तनाव का माहौल बन गया। शनिवार सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक गांव में गतिरोध की स्थिति बनी रही। घटना की जानकारी मिलते ही अर्जुनी थाना पुलिस और नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाया।
परंपराओं के उल्लंघन का आरोप लगाकर अड़े रहे ग्रामीण
प्रशासनिक अधिकारियों के काफी समझाने के बाद भी ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित महिला ने अपनी धार्मिक मान्यताएं बदल ली थीं और वह गांव में प्रचलित परंपराओं व रीति-रिवाजों का पालन नहीं करती थी। इसी आधार पर वे गांव के सार्वजनिक श्मशान घाट में अंतिम क्रिया की अनुमति देने का विरोध कर रहे थे।
दानीटोला शांति घाट ले जाकर कराया गया अंतिम संस्कार
गांव में विरोध शांत न होने पर अधिकारियों ने वैकल्पिक कदम उठाने का निर्णय लिया। परिजनों की सहमति से शव को धमतरी शहर ले जाने का फैसला किया गया। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच शव को धमतरी के दानीटोला स्थित शांति घाट ले जाया गया। वहां प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
अर्जुनी पुलिस और तहसील प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा विवाद
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की तत्परता ने गांव में स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया। अधिकारियों का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियात बरती जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।
धर्मांतरण के मुद्दों पर ग्रामीण इलाकों में बढ़ रहा तनाव
धमतरी और आसपास के ग्रामीण अंचलों में धर्मांतरण के आरोपों से जुड़े विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। इस घटना के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक परंपराओं और रीति-रिवाजों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे मामलों में पूर्व में ही स्पष्ट नीतियां बनानी चाहिए ताकि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील मौकों पर विवाद न हो।



