
CG High Court Notice to CG Government: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महकमे में हाल ही में जारी हुए अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस विभाग में जारी की गई तबादला सूची में सीनियरटी यानी वरिष्ठता सूची को दरकिनार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। अदालत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

सीनियरिटी लिस्ट की अनदेखी के बाद मामला पहुंचा हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अधिकारियों के पदस्थापन को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बन रही थी। राज्य सरकार द्वारा जारी की गई तबादला सूची में वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज करने के आरोप लगे, जिसके बाद यह मामला बिलासपुर हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंच गया। अदालत ने वरिष्ठता क्रम का उल्लंघन कर किए गए तबादलों के मामले को गंभीरता से लिया है।
एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा की याचिका पर सुनवाई
यह पूरा मामला बिलासपुर हाईकोर्ट में एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा द्वारा दायर की गई एक याचिका के बाद प्रकाश में आया। याचिकाकर्ता महिला पुलिस अधिकारी ने अदालत के समक्ष राज्य सरकार के तबादला आदेश की विसंगतियों को रखा। याचिका में दिए गए तथ्यों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने इस पर तत्काल प्रभाव से सुनवाई करने का निर्णय लिया।

35वें स्थान पर होकर भी नहीं मिला उचित प्रभार
एडिशनल एसपी ऋचा मिश्रा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि प्रदेश पुलिस की वरिष्ठता सूची में उनका नाम 35वें स्थान पर दर्ज है। इसके बावजूद उनसे कनिष्ठ यानी जूनियर अधिकारियों को एसपी और कमांडेंट जैसे महत्वपूर्ण पदों का प्रभार सौंप दिया गया। वहीं वरिष्ठता क्रम में ऊपर होने के बावजूद उन्हें डिप्टी कमांडेंट के पद पर पदस्थ कर दिया गया, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
20 जुलाई 2026 के तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर रोक
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 20 जुलाई 2026 को जारी किए गए विवादित पुलिस तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत के इस फैसले से राज्य शासन के उस प्रशासनिक आदेश पर फिलहाल ब्रेक लग गया है, जिसके तहत कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

राज्य सरकार को नोटिस, तीन सप्ताह में मांगा जवाब
बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम में राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शासन और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी उत्तरदाताओं को तीन सप्ताह के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया है। सरकार के जवाब दाखिल करने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी तय
पुलिस महकमे के इस चर्चित तबादला और वरिष्ठता विवाद मामले की अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने 23 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई के दौरान यह साफ हो पाएगा कि राज्य सरकार अपने तबादला आदेश के पक्ष में क्या तर्क पेश करती है और अदालत इस पर क्या अंतिम फैसला सुनाती है।



