
Mahtari Vandan Yojana CG E KYC Deadline: छत्तीसगढ़ सरकार की लोकप्रिय महतारी वंदन योजना का लाभ उठा रही लाखों महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। योजना के तहत अनिवार्य की गई ई-केवाईसी (डिजिटल सत्यापन) कराने की तय समय-सीमा 30 जून को समाप्त हो चुकी है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में सत्यापन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बस्तर संभाग के जिलों में जमीनी दिक्कतों की वजह से इसकी रफ्तार काफी धीमी रही. इसे ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले 7 जिलों के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 20 जुलाई 2026 करने की तैयारी कर ली गई है.
30 जून तक वेरिफिकेशन नहीं कराने वाली महिलाओं की अटक सकती है जुलाई की किस्त
महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर में योजना की कुल 65.3 लाख सक्रिय महिला हितग्राही हैं, जिनमें से 97 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों का डिजिटल सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है. हालांकि, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव और रायगढ़ संभाग की जिन महिलाओं ने 30 जून की समय-सीमा बीतने के बाद भी अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा नहीं कराया है, उन्हें इस महीने बड़ा झटका लग सकता है. विभाग के नियमानुसार, तय तारीख तक सत्यापन न कराने वाली ऐसी सभी महिलाओं की जुलाई महीने की किस्त पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी जाएगी.
बस्तर संभाग के 7 जिलों के लिए विशेष रूप से दोबारा खोला जाएगा ऑनलाइन पोर्टल
बस्तर क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और अंदरूनी इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण वहां अभी भी कई महिलाएं इस अनिवार्य प्रक्रिया से वंचित हैं. इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए विभाग ने केवल बस्तर संभाग के लिए अपने आधिकारिक पोर्टल को विशेष रूप से दोबारा खोलने का निर्णय लिया है. बस्तर के 7 जिलों की बची हुई हितग्राही महिलाएं अब 20 जुलाई तक संबंधित केंद्रों पर जाकर अपना सत्यापन करा सकेंगी, ताकि उनकी मासिक वित्तीय सहायता बिना किसी रुकावट के उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सके.
नए रजिस्ट्रेशन के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव, बाकी संभागों को करना होगा इंतजार
महतारी वंदन योजना की शुरुआत फरवरी 2024 में हुई थी, जिसके तहत शुरुआती चरण में करीब 70.27 लाख आवेदन शासन को प्राप्त हुए थे. उस समय कई पात्र महिलाएं जरूरी दस्तावेजों के अभाव या अन्य तकनीकी कारणों से अपना फॉर्म जमा करने से चूक गई थीं, जिसके बाद से ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल को फिर से खोलने की मांग लगातार की जा रही है. महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब नए आवेदकों का नाम जोड़ने के लिए सरकार को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजा है. हालांकि, यह सुविधा भी शुरुआती तौर पर केवल बस्तर संभाग के लिए ही बहाल की जा रही है और बाकी संभागों की महिलाओं को नए पंजीकरण के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा.
पोर्टल खुलने से राज्य में जुड़ेंगी 10 लाख नई महिलाएं, अकेले बस्तर से एक लाख की उम्मीद
विभागीय अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले समय में जब नए पंजीयन के लिए पोर्टल को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा, तो राज्य भर से लगभग 8 से 10 लाख अतिरिक्त पात्र महिलाएं इस कल्याणकारी योजना के दायरे में आ सकेंगी. इस संभावित संख्या में से अकेले बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से ही एक लाख से अधिक नई महिलाओं के शामिल होने की पूरी संभावना जताई जा रही है. सरकार का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठी हर जरूरतमंद महिला को इस योजना के जरिए हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से जोड़ना है.



