CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें CECB का फैक्ट्रियों पर नया फरमान, वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल और दो IAS पर अवमानना केस, रायपुर 3D फैक्ट्री ब्लास्ट में 3 की मौत, कोनोकार्पस पेड़ पर सरकार का एक्शन, पैरामेडिकल कोर्सेज में अब NEET जरूरी, छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां तेज, राजनांदगांव रेलवे ओवरब्रिज धंसने पर सांसद का पत्र, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक को मंजूरी, पंडवानी गायिका तीजन बाई के नाम पर राज्य अलंकरण और गरियाबंद में खाद वितरण के लिए नया डिजिटल टोकन सिस्टम लागू समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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रायपुर: रिहायशी इलाकों और नदियों के पास नहीं खुलेंगी फैक्ट्रियां, CECB के नए नियम

रायपुर के उद्योगपतियों और नया बिजनेस शुरू करने वालों के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) ने उद्योग लगाने के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब कोई भी अपनी मर्जी से कहीं भी फैक्ट्री नहीं खोल पाएगा। सरकार ने इसके लिए नया साइटिंग क्राइटेरिया यानी जगह तय करने के कड़े नियम जारी किए हैं। अक्सर शहरों के अलग-अलग इलाकों में फैक्ट्रियों से होने वाले प्रदूषण को लेकर विवाद होता रहता है। कभी स्कूलों के पास तो कभी नदी के किनारे उद्योग खोलने पर लोग विरोध जताते हैं। इसी परेशानी को पूरी तरह खत्म करने और हवा-पानी को साफ रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। नए आदेश के तहत अब फैक्ट्रियों को आबादी और प्राकृतिक संसाधनों से एक तय दूरी पर ही बनाया जा सकेगा। नियमों का पालन न करने पर पर्यावरण विभाग से मंजूरी मिलना मुश्किल होगा। नए नियमों के मुताबिक आबादी, स्कूल, मंदिर और अस्पतालों से फैक्ट्रियों की दूरी कम से कम 500 मीटर होनी चाहिए। कुछ संवेदनशील इलाकों से 200 मीटर और अन्य चिन्हित जगहों से 100 मीटर की दूरी तय की गई है। इसके अलावा जंगल के पास कोई भी उद्योग लगाने के लिए कम से कम 100 मीटर का फासला रखना जरूरी होगा।

वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल और दो आईएएस अफसरों के खिलाफ अवमानना का मुकदमा

सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट के कारण विस्थापित हुए परिवारों ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित चार लोगों के खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें पुनर्वास नीति के तहत रोजगार और आर्थिक मदद नहीं मिली है। इस याचिका में अनिल अग्रवाल के अलावा छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और डभरा एसडीएम को भी पक्षकार बनाया गया है। यह मामला सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता पावर प्लांट का है। इस प्लांट को पहले एथेना पावर प्लांट कहा जाता था। साल 2008 में इस प्लांट के लिए लगभग 1000 एकड़ जमीन ली गई थी जिससे 800 से ज्यादा परिवार प्रभावित हुए थे। जमीन लेते समय प्रभावितों को साल 2007 की पुनर्वास नीति के तहत नौकरी और भत्ते देने का वादा किया गया था। यह प्लांट साल 2013 में शुरू हुआ लेकिन घाटे के कारण 2016 में बंद हो गया। साल 2022 में वेदांता ग्रुप ने इसे खरीदा और साल 2025 में दोबारा शुरू किया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट दोबारा शुरू होने के बाद भी 400 से ज्यादा परिवारों को उनका हक नहीं मिला। साल 2021 में 37 परिवारों ने हाई कोर्ट में केस किया था जिसके बाद प्रशासन ने जांच समिति बनाकर प्रबंधन को निर्देश दिए थे। आदेश का पालन न होने पर अब यह अवमानना याचिका लगाई गई है।

रायपुर की 3D फैक्ट्री में ब्लास्ट, 3 मजदूरों की मौत पर कांग्रेस ने बनाई जांच समिति

रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 3D फैक्ट्री में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। फर्नेस में काम के दौरान अचानक ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से तीन मजदूरों की जान चली गई। घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया है। सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को 30-30 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। दूसरी तरफ विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने इस घटना की गहराई से जांच के लिए अपनी एक समिति का गठन कर दिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि उरला की इस 3D फैक्ट्री में फेरो अलॉय बनाने का काम होता था। मंगलवार की शाम करीब 6 बजे जब फेरो एलॉयज डिवीजन में फर्नेस चालू था तभी लान्सिंग प्रक्रिया के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उद्योगों में सुरक्षा नियमों को लेकर आगे और कड़ाई की जाएगी। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस द्वारा बनाई गई आठ सदस्यीय जांच समिति के संयोजक पूर्व मंत्री शिव डहरिया होंगे। यह समिति घटना स्थल का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य में पिछले ढाई सालों में औद्योगिक हादसों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

कोनोकार्पस पेड़ लगाने पर छत्तीसगढ़ सरकार का प्रतिबंध, पुराने पेड़ भी हटाए जाएंगे

छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विदेशी प्रजाति के कोनोकार्पस पौधे के नए रोपण पर पूरी तरह रोक लगा दी है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार ने यह बड़ा फैसला सुप्रीम कोर्ट की एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया है जिसने इस पौधे को स्थानीय पर्यावरण के लिए नुकसानदेह बताया था। अब किसी भी सरकारी विभाग, नगर निगम, पंचायत या निजी व्यक्ति को यह पौधा लगाने की इजाजत नहीं होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक कोनोकार्पस की जड़ें जमीन में बहुत गहराई तक जाती हैं जिससे यह भूजल को तेजी से सोखता है। इसकी वजह से आसपास के स्थानीय पेड़-पौधों का विकास रुक जाता है। इतना ही नहीं इसके परागकणों से लोगों को सांस की बीमारी, दमा और एलर्जी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा भी रहता है। अब तक शहरों में सड़कों के डिवाइडर और पार्कों को हरा-भरा दिखाने के लिए इसका खूब इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब इसकी जगह स्थानीय और छायादार भारतीय पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पर्यावरण कानून के तहत कार्रवाई होगी और पहले से लगे कोनोकार्पस के पेड़ों को भी धीरे-धीरे हटाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल कोर्सेज के नियम बदले, अब नीट पास करना होगा जरूरी

छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पैरामेडिकल कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह बदलने जा रही है। अब प्रदेश के 10 मुख्य पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस (NCAHP) के नए नियमों के तहत अब बिना नीट स्कोर के किसी भी सरकारी या निजी कॉलेज में दाखिला नहीं मिल सकेगा। इस नई व्यवस्था से एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और फर्जी संस्थानों पर लगाम लगेगी। पिछले दो सालों से छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल की प्रवेश प्रक्रिया काफी प्रभावित रही है जिससे छात्रों को परेशानी उठानी पड़ी थी। अब नीट 2026 का रिजल्ट आने के बाद ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए ही छात्रों को कॉलेज और कोर्स अलॉट किए जाएंगे। इससे कॉलेजों द्वारा सीधे प्रवेश देने और मनमानी करने पर रोक लगेगी। यह नियम बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (BPT), ऑक्यूपेशनल थैरेपी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ट्रॉमा और सर्जिकल एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी जैसे 10 कोर्स पर लागू होगा। इसके साथ ही बीपीटी कोर्स की इंटर्नशिप अवधि को भी 6 महीने से बढ़ाकर पूरे 12 महीने कर दिया गया है ताकि छात्रों को बेहतर क्लीनिकल अनुभव मिल सके।

नगरीय निकाय चुनाव की सुगबुगाहट तेज, 15 निकायों और 2 नई नगर पंचायतों में होगा मतदान

छत्तीसगढ़ में आगामी दिसंबर 2026 में होने वाले नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नवा रायपुर में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में उन 15 नगरीय निकायों के चुनावों की तैयारियों पर चर्चा की गई जिनका कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो रहा है। इसके साथ ही राज्य में नवगठित दो नई नगर पंचायतों में भी पहली बार आम चुनाव कराए जाएंगे। जिन प्रमुख जगहों पर चुनाव होने हैं उनमें भिलाई, बीरगांव, भिलाई-चरौदा और रिसाली जैसे 4 नगर निगम शामिल हैं। इनके अलावा जामुल, सारंगढ़, बैकुंठपुर, शिवपुर-चरचा और खैरागढ़ नगरपालिका परिषद और 6 नगर पंचायतों में भी वोट डाले जाएंगे। तमनार और बड़ी करेली नाम की दो नई नगर पंचायतों में भी चुनाव होंगे। बैठक में बताया गया कि इन सभी 15 निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण का काम पूरा हो चुका है और अब वार्ड पार्षदों के आरक्षण की प्रक्रिया चल रही है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को सभी कागजी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

राजनांदगांव में नया ओवरब्रिज धंसा, सांसद संतोष पांडे ने रेल मंत्री से की कार्रवाई की मांग

राजनांदगांव जिले में एक महीने पहले बने रेलवे ओवरब्रिज के पहली ही बारिश में धंसने का मामला अब गरमा गया है। इस लापरवाही को लेकर राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि रेलवे के डीआरएम ने क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया है लेकिन अभी तक किसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। केंद्र सरकार की गति शक्ति योजना के तहत लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से राजनांदगांव से डोंगरगढ़ रेल मार्ग के बीच बरगा, आलीवारा और मुसरा में इस रेल ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था। इसका उद्घाटन इसी साल जून के महीने में हुआ था लेकिन जुलाई की शुरुआती बारिश होते ही पुल की सड़क धंस गई। सांसद ने अपने पत्र में बताया कि नए नवेले ब्रिज में 60 से 70 फीट लंबी और 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें आ गई हैं जिससे यह रास्ता अब चलने लायक नहीं बचा है। पुल की नींव में बारिश का पानी जाने और मिट्टी धंसने से यह हादसा हुआ है जो सीधे तौर पर निर्माण कार्य में बड़े भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल को कैबिनेट की मंजूरी, छत्तीसगढ़ बनेगा ऐसा करने वाला पहला राज्य

छत्तीसगढ़ में नए निवेश को आकर्षित करने और उद्योग धंधों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का दावा है कि इस तरह का अनूठा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ पूरे देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। इस कानून के आने से निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर काटने और बेवजह की देरी से राहत मिलेगी। इस नए कानून में व्यापारियों की सहूलियत के लिए डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे कई आधुनिक प्रावधान शामिल किए गए हैं। साथ ही दोहरे लाइसेंस की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है जिससे व्यापार शुरू करना बेहद आसान हो जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 को भी हरी झंडी दी है। इसके तहत अब निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के समय विन्यास निधि की जगह रक्षित निधि का प्रावधान होगा जिससे वहां पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा और कॉलेजों में यूजीसी के मानकों के अनुसार बेहतर लाइब्रेरी और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो सकेगा।

पंडवानी गायिका तीजन बाई के नाम पर मिलेगा राज्य अलंकरण, गनियारी बनेगा कला ग्राम

छत्तीसगढ़ के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पंडवानी की महान और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिका स्वर्गीय तीजन बाई को कला जगत में उनके अद्वितीय योगदान के लिए याद किया। मंत्री ने एलान किया कि तीजन बाई की स्मृति को हमेशा जीवित रखने के लिए अब हर साल पंडवानी के क्षेत्र में उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही उनके पैतृक गांव गनियारी को एक आधुनिक कला ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान संस्कृति मंत्री ने तीजन बाई के परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भी सौंपा। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि तीजन बाई जिस ऐतिहासिक तंबूरे को लेकर देश-विदेश में पंडवानी का प्रदर्शन करती थीं उसे अब रायपुर के घासीदास संग्रहालय में सहेजकर रखा जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी कला यात्रा से रूबरू हो सकें। संस्कृति विभाग उनकी स्मृतियों और कला शैलियों के संरक्षण के लिए आगे कई विशेष योजनाएं भी तैयार कर रहा है।

गरियाबंद में खाद वितरण के लिए नया डिजिटल नियम, अब मोबाइल ऐप से बुक होगा टोकन

गरियाबंद जिले के किसानों के लिए रासायनिक खाद की खरीदी को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक नई डिजिटल व्यवस्था की शुरुआत की गई है। भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय ने खाद बिक्री के नए फ्रेमवर्क (FSS) योजना के लिए छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब किसान घर बैठे ही मोबाइल ऐप के जरिए अपनी खाद बुक कर सकेंगे जिससे सोसायटियों में लगने वाली लंबी लाइनों और ब्लैक मार्केटिंग से छुटकारा मिलेगा। इस सिस्टम का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने फोन में Framework for Fertilizer Sale (FSS) ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में अपनी जमीन और फसल का ब्योरा दर्ज करने के बाद वे अपने पास के बिक्री केंद्र का चयन कर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक क्यूआर कोड आधारित टोकन मिलेगा जो केवल तीन दिनों तक मान्य रहेगा। किसान इस टोकन को लेकर केंद्र पर जाएंगे जहां पीओएस मशीन से क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा और बायोमेट्रिक यानी अंगूठे का निशान मिलते ही तय सरकारी रेट पर खाद दे दी जाएगी। किसी भी तकनीकी दिक्कत के समाधान के लिए कृषि विभाग ने नोडल अधिकारियों के फोन नंबर भी जारी किए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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