CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें रायपुर हाईप्रोफाइल ड्रग्स केस की जांच अब एसआईटी के हवाले, सुशासन का पाठ पढ़ने मंत्रियों की लगेगी क्लास, खेत में करंट बिछाने वाले किसान को 10 साल की सजा, हाईकोर्ट ने रद्द किया 50 करोड़ का चरण पादुका टेंडर, निजी स्कूलों की मनमानी किताबों पर जांच कमेटी गठित, नकटी कांड के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने ठुकराया सरकारी आवास, मदरसा बोर्ड को बंद कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने की उठी मांग, ट्राइबल विभाग के एसी मेंटेनेंस टेंडर में बड़े घोटाले का खुलासा, लैंगिक उत्पीड़न के आरोपी अधिकारी की रायपुर पोस्टिंग पर उठे सवाल और प्रदेश में 1530 एमबीबीएस सीटों को मिली एनएमसी की मंजूरी समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
रायपुर ड्रग्स केस: नव्या मलिक मामले की जांच अब एसआईटी के पास
राजधानी रायपुर के चर्चित एमडीएमए ड्रग्स मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। केस की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अब विशेष जांच दल यानी एसआईटी को सौंप दी गई है। इस पांच सदस्यीय टीम में एक सहायक पुलिस आयुक्त और दो निरीक्षक शामिल हैं। एसआईटी अब पूरे ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और पैसों के लेन-देन की शुरुआत से जांच करेगी। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भी अवैध कमाई और मनी ट्रेल के एंगल से मामले की पड़ताल में जुटा है। यह पूरा मामला पिछले साल 23 अगस्त 2025 को तब सामने आया था जब पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू बिश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए के साथ पकड़ा था। इनसे पूछताछ के बाद मुंबई से नव्या मलिक की गिरफ्तारी हुई थी। जांच एजेंसियों का कहना है कि नव्या रायपुर के बड़े क्लबों और हाईप्रोफाइल पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई करती थी। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक यह नेटवर्क मोबाइल और डिजिटल माध्यमों से चल रहा था। इसमें ऋषिराज टंडन, विधि अग्रवाल और पेमेंट करने के आरोपी मोहित ईशरानी का नाम भी शामिल है। अब एसआईटी बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप चैट के फोरेंसिक विश्लेषण के जरिए मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
सुशासन का पाठ: आईआईएम रायपुर में लगेगी मंत्रियों की क्लास
छत्तीसगढ़ की साय सरकार अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक विशेष पहल करने जा रही है। नवा रायपुर स्थित आईआईएम में 4 और 5 जुलाई को दो दिवसीय आवासीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री शामिल होंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में सरकार के अब तक के कामों की समीक्षा की जाएगी और आगे के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। मुख्य फोकस विभागों के बीच बेहतर तालमेल, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने और तकनीकी नवाचार पर रहेगा। देश के बड़े विशेषज्ञ मंत्रियों को परिणाम आधारित कार्यशैली और बेहतर नेतृत्व का प्रशिक्षण देंगे। इससे पहले मई 2024 और जून 2025 में भी ऐसे शिविर आयोजित हो चुके हैं।
खेत में करंट लगाने से बच्चे की मौत, किसान को 10 साल की जेल
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले से एक बड़ा अदालती फैसला आया है। खेत की बाड़ में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़ने के कारण एक 10 साल के बच्चे की मौत के मामले में कोर्ट ने आरोपी किसान को 10 साल की कड़ी सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की कोर्ट ने इस कृत्य को सामान्य लापरवाही न मानकर आपराधिक मानव वध माना है। आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।यह घटना 28 अगस्त 2025 को मरवाही के करगीकला गांव में हुई थी। आरोपी स्वरूप सिंह धुर्वे ने बिना किसी अनुमति के अपने घर से तार खींचकर खेत की बाड़ में हाई वोल्टेज करंट लगा रखा था। खेलते समय 10 साल के गीतराम सारथी का हाथ इस तार से छू गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कोर्ट ने बचाव पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि फसल बचाने के लिए ऐसा किया गया था। अदालत ने कहा कि खुले तारों में करंट छोड़ना एक जानलेवा कृत्य है और समाज में सही संदेश देने के लिए ऐसी सख्त सजा जरूरी है।
चरण पादुका टेंडर रद्द: ₹50 करोड़ के ठेके पर हाईकोर्ट की रोक
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए जूते खरीदने के एक बड़े टेंडर को निरस्त कर दिया है। वन विभाग ने करीब 12 लाख 40 हजार जोड़ी कैनवास जूतों की खरीदी के लिए 50 करोड़ रुपये का यह टेंडर जारी किया था। बिलासपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने पाया कि इस प्रक्रिया में कुछ ऐसी शर्तें जोड़ी गई थीं जो पारदर्शी नहीं थीं और प्रतिस्पर्धा को रोकती थीं। इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता नितिन भंसाली ने आरोप लगाया कि नियमों में यह बदलाव मध्य प्रदेश के एक भाजपा नेता की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। टेंडर रद्द होने के कारण अब विभाग को नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी होगी जिससे आदिवासियों को जूता वितरण की योजना में देरी हो सकती है।
निजी स्कूलों की मनमानी: महंगी किताबों को लेकर जांच कमेटी गठित
अंबिकापुर में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें खरीदने का दबाव बनाने की शिकायत सामने आई है। भाजपा पार्षद आलोक दुबे की शिकायत और कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने एक तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है। इस टीम को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। शिकायत के अनुसार छत्तीसगढ़ बोर्ड के अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पहली से दसवीं तक सरकार मुफ्त किताबें देती है। इसके बाद भी कई स्कूल निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें चला रहे हैं। कक्षा पहली की किताबों का सेट दो हजार और पांचवीं का सेट पांच हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है। स्कूल प्रबंधन कुछ तय दुकानों की लिस्ट व्हाट्सएप पर भेजकर वहीं से सामान खरीदने को कहते हैं। पेरेंट्स बच्चों के भविष्य के डर से खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे थे। हालांकि कुछ स्कूलों का तर्क है कि सरकारी किताबें समय पर नहीं मिलने के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ता है।
नकटी कांड पर सियासत: कांग्रेस विधायकों ने सरकारी आवास ठुकराया
रायपुर के नकटी गांव में गरीबों के मकान तोड़े जाने का मामला अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इसके विरोध में कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वहां बनने वाले नए सरकारी विधायक आवासों को लेने से मना कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस फैसले को विस्थापितों के प्रति संवेदनशीलता बताया है और स्थानीय भाजपा विधायकों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि बरसात के मौसम में लोगों को बेघर कर दिया गया और उनके पुनर्वास की कोई सही व्यवस्था नहीं की गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि विधायक आवासों को नकटी के बजाय किसी दूसरी खाली सरकारी जमीन पर बनाया जाए। इस कदम के बाद सरकार पर विस्थापित परिवारों को जल्द से जल्द बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं देने का दबाव बढ़ गया है। आगामी विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं।
मदरसा बोर्ड पर फैसला संभव: अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाने की मांग
छत्तीसगढ़ में संचालित मदरसा बोर्ड को बंद कर उसकी जगह उत्तराखंड की तर्ज पर ‘छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ बनाने की मांग उठने लगी है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीमराज ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक पत्र भेजा है। पत्र में मदरसों को आधुनिक शिक्षा और मुख्यधारा से जोड़ने का आग्रह किया गया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि मदरसों के छात्रों को दीनी तालीम के साथ-साथ कंप्यूटर और वैज्ञानिक शिक्षा भी मिलनी चाहिए ताकि वे डॉक्टर और इंजीनियर बन सकें। वर्तमान में राज्य के करीब 418 मदरसों को सरकारी अनुदान मिलता है लेकिन कई मदरसों में छात्र ही नहीं हैं या सिर्फ प्राथमिक स्तर की पढ़ाई हो रही है। उत्तराखंड ने पिछले साल अक्टूबर 2025 में इस मॉडल को लागू किया था। इस पत्र के बाद राज्य सरकार मदरसों के सर्वे और उनके पाठ्यक्रम में बदलाव को लेकर कोई बड़ा नीतिगत फैसला ले सकती है।
ट्राइबल विभाग में गड़बड़ी: 78 हजार के एसी की मेंटेनेंस फीस 82 हजार
रायपुर स्थित स्टेट ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट में एयर कंडीशनर के मेंटेनेंस टेंडर को लेकर एक अजीब मामला सामने आया है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार संस्थान में लगे डायकिन कंपनी के जिस एसी की बाजार कीमत करीब 78 हजार रुपये है, उसके केवल एक साल के रखरखाव यानी एएमसी के लिए 81,666 रुपये की दर तय की गई है। यह टेंडर जेम पोर्टल के माध्यम से मई 2026 से मई 2027 तक के लिए जारी किया गया है। संस्थान के कुल 30 एसी के मेंटेनेंस के लिए करीब 25 लाख रुपये का यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। आमतौर पर किसी भी उपकरण की वार्षिक मेंटेनेंस फीस उसकी असल कीमत का एक छोटा सा हिस्सा होती है। लेकिन यहां नया एसी खरीदने से भी ज्यादा रकम उसके सुधार पर खर्च की जा रही है, जिससे इस पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग: उत्पीड़न के आरोपी अधिकारी की पोस्टिंग पर सवाल
दंतेवाड़ा के तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी पर दो महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न के आरोप जांच में सही पाए गए हैं। नायब तहसीलदार की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट के बाद विभाग ने अधिकारी को निलंबित कर दिया था। लेकिन अब निलंबन के दौरान ही उनकी नई पोस्टिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अधिकारी महिलाओं को काम के बहाने केबिन में बुलाकर आपत्तिजनक टिप्पणियां और अनुचित मांगें करता था। कॉल डिटेल और गवाहों के बयानों के आधार पर समिति ने इन आरोपों की पुष्टि की थी। इसके बाद भी आरोपी अफसर को पहले जगदलपुर और फिर रायपुर बुलाकर राज्य स्तरीय संसाधन केंद्र में उप संचालक की बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभाग में ही ऐसा मामला आने और आरोपी को दोबारा पद मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मेडिकल छात्रों को राहत: छत्तीसगढ़ में 1530 एमबीबीएस सीटों को मंजूरी
छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों के लिए इस नए शैक्षणिक सत्र से एक अच्छी खबर आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन ने राज्य के 10 सरकारी और 1 निजी मेडिकल कॉलेज की कुल 1530 एमबीबीएस सीटों के रिन्युअल को मंजूरी दे दी है। इसमें सरकारी कॉलेजों की 1430 सीटें शामिल हैं, जिससे सत्र 2026-27 में दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। सीटों की संख्या बढ़ने से इस बार नीट यूजी परीक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए कट ऑफ मार्क्स थोड़े कम हो सकते हैं। इसके साथ ही दंतेवाड़ा, कवर्धा और जांजगीर-चांपा के तीन नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को भी इस सत्र से पहली बार मान्यता मिलने की पूरी संभावना है। एनएमसी ने जिन कॉलेजों को मंजूरी दी है, उन्हें 45 दिनों के भीतर बुनियादी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भी 20 सीटें बढ़ने की उम्मीद है।



