
CG EV Charging Station: छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का सफर अब और आसान होने जा रहा है। राज्य सरकार पर्यावरण के अनुकूल इन वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। इसके तहत प्रदेश के अलग-अलग शहरों और राजमार्गों पर 200 से अधिक नए ईवी चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे। इस बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने वाले स्थानीय लोगों और निवेशकों को नियम के मुताबिक आर्थिक मदद भी देगी। इस रणनीति को लेकर बुधवार को परिवहन सचिव एस प्रकाश की अगुवाई में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें नई नीति के क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
पीएम ई-ड्राइव और राज्य की ईवी पॉलिसी के तहत निवेशकों को मिलेगा पूरा प्रोत्साहन
PM E Drive Scheme: मंत्रालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में केंद्र सरकार की ‘पीएम ई-ड्राइव योजना’ के तहत मिलने वाले वित्तीय अनुदान पर बारीकी से बात की गई। परिवहन सचिव ने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की अपनी ईवी नीति के तहत नागरिकों और निजी निवेशकों को कई तरह की रियायतें दे रही है। बैठक में उप परिवहन आयुक्त मनोज कुमार ध्रुव सहित सभी जिलों के आरटीओ, डीटीओ, वाहन निर्माता कंपनियों के प्रतिनिधि और एचपीसीएल, बीपीसीएल व आईओसीएल जैसी दिग्गज तेल कंपनियों के अफसर मौजूद रहे। इन सभी हितधारकों से राज्य में चार्जिंग नेटवर्क को तेजी से फैलाने के लिए सहयोग मांगा गया है।
जमीन के चुनाव के लिए आरटीओ को निर्देश, सिंगल विंडो सिस्टम से मिलेगी एनओसी
नया चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया जा रहा है ताकि लोग बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे निवेश कर सकें। परिवहन विभाग ने सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों (RTO/DTO) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में उन जमीनों और प्रमुख चौराहों की सूची तैयार करें जो चार्जिंग स्टेशन के लिए सबसे सही हैं। इसके साथ ही बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन से मिलने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को बिना किसी देरी के जारी करने के लिए विभागों के बीच एक बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है।
अलग-अलग प्लेटफॉर्म की झंझट होगी खत्म, एक ही जगह मिलेगी सारे स्टेशनों की जानकारी
वर्तमान समय में गाड़ी चालकों को सबसे बड़ी दिक्कत यह आती है कि अलग-अलग वाहन कंपनियां और निजी सेवा प्रदाता अपने खुद के मोबाइल ऐप पर चार्जिंग पॉइंट की लोकेशन दिखाते हैं। इससे आम आदमी को सफर के दौरान यह समझने में परेशानी होती है कि सबसे पास कौन सा स्टेशन खाली है। इस समस्या को दूर करने के लिए बैठक में एक राज्य स्तरीय एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने पर सहमति बनी है। इस नए सिस्टम के जरिए प्रदेश के किसी भी कोने में मौजूद वाहन चालक एक ही जगह पर राज्य के सभी चालू चार्जिंग स्टेशनों की रियल-टाइम स्थिति देख सकेंगे।
चिप्स के जरिए तैयार हो रहा है विशेष ईवी ऐप, तेल कंपनियों ने भी साझा किया पूरा प्लान
इस डिजिटल सुविधा को जमीन पर उतारने के लिए ऊर्जा विभाग की तकनीकी एजेंसी ‘चिप्स’ के माध्यम से एक विशेष ईवी मोबाइल ऐप का शुरुआती (पायलट) विकास कार्य कर रही है। अफसरों ने इस ऐप को आम जनता की जरूरतों के हिसाब से बेहद सरल और उपयोगी बनाने के लिए कई तकनीकी सुधारों पर सुझाव दिए। इसके अलावा बैठक में मौजूद तेल कंपनियों के प्रबंधकों ने राज्य में पहले से चल रहे पेट्रोल पंपों पर लगे चार्जिंग पॉइंट की मौजूदा स्थिति बताई और आने वाले महीनों में नए आउटलेट पर बिजली चार्जिंग की मशीनें लगाने की अपनी कार्ययोजना का खाका पेश किया।
प्रदूषण कम करने और रोजगार के नए अवसर खोलने में मददगार साबित होगी यह पहल
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता को कम करना है। सरकार के इस बड़े कदम से न केवल पर्यावरण प्रदूषण पर लगाम लगेगी बल्कि 200 से ज्यादा नए स्टेशन खुलने से युवाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए मौके भी बनेंगे। पर्याप्त मात्रा में चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होने से आम उपभोक्ताओं के मन से सफर के दौरान बैटरी खत्म होने का डर भी दूर होगा, जिससे आने वाले समय में लोग पारंपरिक गाड़ियों को छोड़कर तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करेंगे।



