Mahtari Vandan Yojana Portal Reopen: महतारी वंदन योजना में नाम जुड़वाने का दूसरा मौका, धमतरी जिले की हजारों महिलाओं को मिलेगा लाभ

Mahtari Vandan Yojana Portal Reopen: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ लेने से वंचित रह गईं विवाहित महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग योजना के ऑनलाइन पोर्टल को दोबारा खोलने जा रहा है। इस फैसले से उन हजारों महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी जो पहले चरण में तकनीकी दिक्कतों या अधूरी ई-केवाईसी की वजह से आवेदन नहीं कर पाई थीं। विभाग ने इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं और बहुत जल्द छूटे हुए लोगों को फॉर्म भरने का दूसरा अवसर दिया जाएगा।

बस्तर संभाग से शुरू हुई प्रक्रिया, चरणबद्ध तरीके से धमतरी सहित पूरे प्रदेश में लागू होगा नियम

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से पुख्ता दस्तावेज आधारित होगी। नए आवेदकों और छूटे हुए लोगों के वैध कागजातों के भौतिक सत्यापन के बाद ही उनके नाम पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इस विशेष मुहिम की शुरुआत सबसे पहले बस्तर संभाग से की गई है। बस्तर में प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से धमतरी सहित राज्य के अन्य सभी जिलों में लागू किया जाएगा ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर सके।

धमतरी जिले की 5 हजार से अधिक महिलाओं को मिलेगा सीधा फायदा, तकनीकी दिक्कतें होंगी दूर

अकेले धमतरी जिले की बात करें तो यहां योजना के तहत लगभग 2.27 लाख लाभार्थियों का ई-केवाईसी कराने का लक्ष्य रखा गया था। इस प्रक्रिया के दौरान करीब 5 हजार महिलाएं ऐसी पाई गईं जिनका बैंक खाता लिंक न होने, बायोमेट्रिक मिलान न होने या अन्य तकनीकी कारणों से सत्यापन लटक गया था। इसके अलावा जिले में कई ऐसी नई विवाहित महिलाएं भी हैं जो पात्रता के दायरे में आती हैं। पोर्टल खुलने से धमतरी की इन सभी महिलाओं का इंतजार खत्म हो जाएगा।

डीबीटी और बैंक खाता रखें तैयार, इन जरूरी कागजातों की पड़ेगी आवश्यकता

विभाग ने योजना का लाभ लेने की इच्छुक महिलाओं से अपने बैंक खातों को पूरी तरह सक्रिय रखने की अपील की है। महिलाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका खाता बैंक स्तर पर आधार से जुड़ा हो और उसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की सुविधा चालू हो। आवेदन शुरू होने पर महिलाओं को अपना पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और विवाह से जुड़े प्रासंगिक दस्तावेज अपने पास तैयार रखने होंगे। जिन महिलाओं का ई-केवाईसी अटका है, वे चॉइस सेंटर जाकर इसे पूरा करा सकती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिली हरी झंडी, एक हफ्ते के भीतर पोर्टल लाइव होने की उम्मीद

महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारी महेश मरकाम ने बताया कि इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आधिकारिक अनुमति मिल चुकी है। विभागीय स्तर पर सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का काम अंतिम चरण में है। पूरी संभावना जताई जा रही है कि अगले एक सप्ताह के भीतर पोर्टल को आम जनता के लिए लाइव कर दिया जाएगा। इसके बाद नई पात्र महिलाएं और पहले चरण की वंचित हितग्राही अपना नया आवेदन जमा कर सकेंगी।

सालाना मिलेंगे 12 हजार रुपये, अंतिम छोर की महिलाओं तक लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

महतारी वंदन योजना के तहत सरकार पात्र विवाहित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 1000 रुपये यानी सालाना कुल 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजती है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य की कोई भी गरीब या जरूरतमंद महिला कागजी खानापूर्ति या तकनीकी खराबी के कारण इस सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए विभाग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस बदलाव का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कर रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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