
CG Assembly Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन सदन में अजीब स्थिति देखने को मिली, जब सत्ताधारी दल के ही एक विधायक ने अपनी सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों के संचालन में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इन दुकानों के जरिए नियमों के खिलाफ जाकर मसालों की बिक्री की जा रही है। इस तीखे सवाल के बाद खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का भरोसा देना पड़ा।
विधानसभा के प्रश्नकाल में गूंजा राशन दुकानों का मुद्दा, विधायक सुशांत शुक्ला ने लगाए गंभीर आरोप
सदन की कार्यवाही के दौरान बिलासपुर से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने राशन दुकानों के बचत स्टॉक के भौतिक सत्यापन से जुड़ा सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से राशन दुकानों की वास्तविक स्थिति और स्टॉक की पूरी जानकारी छिपाई जा रही है। विधायक ने कहा कि सदन में केवल अप्रैल 2025 तक की ही अधूरी जानकारी दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि इसके बाद के महीनों का पूरा ब्यौरा आखिर क्यों छिपाया जा रहा है, जिस पर विभाग को स्थिति साफ करनी चाहिए।
हर 15 दिन में अधिकारी करते हैं औचक निरीक्षण, मंत्री ने दी अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी
विपक्षी और सत्ता पक्ष के तेवरों को देखते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि राशन दुकानों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग के अधिकारी लगातार काम कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि हर 15 दिन में राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान जहां भी स्टॉक में कमी या कोई अन्य शिकायत सामने आई है, वहां संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है।
उचित मूल्य की दुकानों पर मिलता है सिर्फ तय राशन, बस्तर संभाग के लिए हैं कुछ विशेष नियम
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए विधायक सुशांत शुक्ला ने मंत्री से पूछा कि छत्तीसगढ़ में उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से आम जनता को कौन-कौन सी सामग्री बांटने का नियम है। इस पर खाद्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत पूरे प्रदेश में राशन कार्डधारियों को केवल चावल और शक्कर का वितरण किया जाता है। इसके अलावा राज्य के आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग की विशेष भौगोलिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए वहां के लोगों को अतिरिक्त रूप से चना भी दिया जाता है।
स्व सहायता समूह की महिलाओं पर दबाव बनाकर मसाला बेचने का दावा, विधायक ने दिखाए दस्तावेज
इसके बाद सुशांत शुक्ला ने सीधा सवाल किया कि क्या राशन दुकानों में किसी तरह के मसालों को बेचने की भी अनुमति दी गई है। मंत्री के ना कहने पर विधायक ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है और उनसे राशन दुकानों के जरिए मसाला बिकवाया जा रहा है। शुक्ला ने सदन में दावा किया कि उनके पास इस पूरी गड़बड़ी के पुख्ता लिखित दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें वह पटल पर रखने को तैयार हैं।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में दी बड़ी घोषणा, साक्ष्य मिलने पर दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
विधायक की ओर से सबूत होने की बात कहे जाने के बाद खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए घोषणा की कि सरकार इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। मंत्री ने विधायक से कहा कि वे राशन दुकानों में मसाला बेचने से जुड़े जो भी दस्तावेज उनके पास हैं, उन्हें विभाग को सौंप दें। उन दस्तावेजों के आधार पर मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।
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