
Dhamtari DEO School Inspection Notice Teacher: धमतरी जिले में आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों और शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी सख्त कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मधुलता तिवारी ने अपनी टीम के साथ विभिन्न शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से जहां लापरवाह शिक्षकों में हड़कंप मच गया, वहीं सरकारी स्कूलों में बुनियादी शिक्षा के गिरते स्तर की पोल भी खुल गई। डीईओ ने स्पष्ट किया है कि केवल कागजी आंकड़ों से काम नहीं चलेगा और शैक्षणिक लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
25 तक का पहाड़ा नहीं सुना पाए छात्र, शिक्षक को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान शासकीय माध्यमिक शाला भोयना में चौंकाने वाली स्थिति देखने को मिली। यहां कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थी 25 तक का पहाड़ा नहीं सुना सके। इसके अलावा बच्चे सामान्य अंग्रेजी संवाद और संस्कृत वंदना सुनाने में भी असफल रहे। शिक्षा के इस बेहद कमजोर स्तर को देखकर डीईओ ने भारी नाराजगी जताई और संबंधित शिक्षक को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मेधावी छात्रों के लिए रणनीति और कमजोरों के लिए एक्स्ट्रा क्लास
दूसरी तरफ नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 10वीं और 12वीं के होनहार विद्यार्थियों को मेरिट सूची में स्थान दिलाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। इन छात्रों के उत्तर लेखन कौशल में सुधार लाने के लिए अलग से तैयारी कराई जाएगी। इसके साथ ही स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कुकरेल में पिछले साल के कमजोर नतीजों को देखते हुए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने और हर हफ्ते मूल्यांकन परीक्षा आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए।
वर्षों बाद शुरू हुआ औचक चेकिंग का सिलसिला
धमतरी जिले के सरकारी स्कूलों में लंबे समय बाद अधिकारियों की टीम अचानक जांच करने पहुंची है। बीते कुछ वर्षों में इस तरह का औचक निरीक्षण लगभग बंद हो गया था। पूर्व में सेवानिवृत्त सहायक संचालक और पूर्व डीईओ नियमित रूप से स्कूलों का औचक निरीक्षण कर अनुपस्थित या लापरवाह शिक्षकों का वेतन रोकने जैसी कठोर कार्रवाई करते थे। नए डीईओ के कमान संभालने के बाद फिर से शुरू हुई इस चेकिंग से जिले में शैक्षणिक स्तर सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है।



