
CG Smart Meter Electricity Bill: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बिजली के बढ़े हुए बिलों को लेकर माहौल गरमाया हुआ है। जगह-जगह उपभोक्ता सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं। कहीं लोग स्मार्ट मीटर उखाड़ रहे हैं तो कहीं बिजली दफ्तरों का घेराव कर रहे हैं। भारी विरोध के बीच पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने सफाई जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है।
स्मार्ट मीटर में कोई तकनीकी खराबी नहीं होने का विभाग का दावा
बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर में किसी भी तरह की गड़बड़ी की बात से साफ इनकार किया है। विभाग का कहना है कि मीटर में वही रीडिंग दर्ज हो रही है जितनी बिजली का इस्तेमाल घरों में किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भीषण गर्मी के दौरान एसी, कूलर और पंखों का लगातार इस्तेमाल बढ़ने की वजह से खपत ज्यादा हुई थी, जिसका असर बिलों में दिख रहा है।
तीन महीनों की स्टडी में सामने आए बिजली खपत के आंकड़े
विभाग ने मई, जून और जुलाई महीनों के दौरान दर्ज हुई बिजली खपत की एक तुलनात्मक स्टडी कराई है। आंकड़ों से पता चलता है कि मई और जून के मुकाबले जुलाई के महीने में राज्य के बड़े शहरों में बिजली का उपयोग काफी कम हुआ है। मौसम बदलने और बारिश शुरू होने से कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल घटा है।
रायपुर में जून की तुलना में जुलाई में 28 फीसदी घटी बिजली खपत
अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार रायपुर शहर के 3 लाख 11 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटरों में जून के महीने में कुल 10 करोड़ 85 लाख यूनिट खपत दर्ज हुई थी। जुलाई में यही आंकड़ा घटकर 7 करोड़ 77 लाख यूनिट पर आ गया। यानी बरसात के दौरान रायपुर में करीब 28 फीसदी बिजली कम इस्तेमाल हुई। वहीं 400 यूनिट से ज्यादा खपत वाले 1 लाख 21 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के इस्तेमाल में 44 प्रतिशत की गिरावट आई।
दुर्ग और बिलासपुर शहरों में भी दर्ज की गई भारी गिरावट
दुर्ग शहर में 400 यूनिट से अधिक खपत वाले 240 स्मार्ट मीटरों का अध्ययन किया गया। यहां जून में जो खपत 1 लाख 65 हजार यूनिट थी, वह जुलाई में घटकर 76 हजार यूनिट रह गई, जो 53 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। बिलासपुर के 9 हजार 717 स्मार्ट मीटरों की जांच में भी जुलाई के दौरान 43 फीसदी की कमी पाई गई है।
अगस्त में आने वाले बिलों में राहत मिलने का विभाग का आश्वासन
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में उपभोक्ताओं के पास जो बिल पहुंचे हैं, वे जून महीने के हैं जब गर्मी चरम पर थी। जुलाई में खपत घटने के कारण अगस्त महीने में आने वाले बिलों में अपने आप राशि कम हो जाएगी। इसके साथ ही पात्र उपभोक्ताओं को शासकीय योजनाओं का लाभ भी नियमानुसार मिलेगा।
जानिए क्या है मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना और हाफ बिजली बिल का नियम
राज्य में 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को हाफ बिजली बिल योजना के तहत 200 यूनिट पर 50 फीसदी की छूट मिलती है। हालांकि 400 यूनिट से अधिक खपत होने पर उपभोक्ता इस योजना के दायरे से बाहर हो जाते हैं और उन्हें पूरी दर से भुगतान करना पड़ता है। इससे बिल की राशि अचानक काफी ज्यादा लगने लगती है।
बिजली का लोड बढ़ने पर अलग से लगता है अफोर्डिंग चार्ज
जब किसी मकान में बिजली का उपयोग तय स्वीकृत भार से ज्यादा होने लगता है, तो सिस्टम स्वतः ही स्वीकृत किलोवाट बढ़ा देता है। प्रत्येक बढ़ते किलोवाट के हिसाब से फिक्स चार्ज या अफोर्डिंग चार्ज की राशि जुड़ती जाती है। यह चार्ज तब लगाया जाता है जब एक ही समय में कई भारी उपकरण चलाने से मीटर पर लोड बढ़ जाता है।
मोर बिजली ऐप से रोजाना ट्रैक कर सकते हैं अपनी खपत
यदि उपभोक्ताओं को लगता है कि उनका स्मार्ट मीटर तेजी से चल रहा है, तो वे अपने मोबाइल पर मोर बिजली ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। पुराने डिजिटल मीटरों में केवल महीने के अंत में कुल रीडिंग दिखती थी, जबकि स्मार्ट मीटर के उपभोक्ता इस ऐप के जरिए रोजाना की यूनिट खपत आसानी से देख सकते हैं। इससे बिजली के सही उपयोग का अंदाजा लगाना आसान हो जाता है।
संतुष्टि के लिए विभाग लगाएगा अलग से पैरेलल चेक मीटर
अगर ऐप देखने के बाद भी उपभोक्ता की शंका दूर नहीं होती है, तो बिजली विभाग उनके घर पर एक अतिरिक्त चेक मीटर लगाने की सुविधा दे रहा है। मुख्य स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर की रीडिंग का मिलान किया जाएगा। दोनों की रीडिंग में अंतर पाए जाने पर खराबी का पता लगाकर उसे दुरुस्त किया जाएगा।
गड़बड़ी या शिकायत होने पर 1912 टोल फ्री नंबर पर करें संपर्क
स्मार्ट मीटर, गलत रीडिंग या बिल से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग ने केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी बिजली दफ्तर में जाकर भी अपनी समस्या का लिखित आवेदन दे सकते हैं।



