पीएम मोदी के जन्मदिन पर विधायक दीपेश साहू ने छात्राओं को बांटी खटारा साइकिल, DEO की सख्ती के बाद प्रिंसिपल पर मंडराया गाज का खतरा

Bemetara News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सिंघोरी के शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में सरकारी योजना की बदहाली का अजीब मामला सामने आया है। सरस्वती साइकिल योजना के तहत छात्राओं को बांटी गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर भारी सवाल उठ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक दीपेश साहू ने 62 छात्राओं को साइकिलें सौंपी थीं। हालांकि वितरण के तुरंत बाद ही कई साइकिलें जर्जर और चलाने में पूरी तरह असमर्थ पाई गईं।

टूटे पैडल और पंचर टायरों के साथ बांटी गईं साइकिलें

Saraswati Cycle Yojana CG: कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब छात्राओं ने अपनी नई साइकिल चलाकर घर जाने का प्रयास किया तो उनकी पोल खुल गई। कई साइकिलों के पैडल, घंटी, सीट और कैरियर टूटे हुए थे। इसके अलावा कई साइकिलों के टायर पंचर थे और उनमें हवा भरने का वाल्व तक नदारद था। छात्राओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि साइकिलों के हिलने और पार्ट्स टूटे होने के कारण वे इन्हें चलाकर स्कूल आने-जाने में असमर्थ हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने जताई नाराजगी और जांच के आदेश दिए

Bemetara Atmanand School Dispute: खराब साइकिलों का मुद्दा सामने आते ही जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि बिना जांच-परख के कबाड़ हो चुकी साइकिलों का हैंडओवर कैसे ले लिया गया। डीईओ ने मामले में संज्ञान लेते हुए सीधे तौर पर स्कूल के प्राचार्य की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

प्रिंसिपल ने मानी गलती, जल्द मरम्मत कराने का दिया भरोसा

CG Education Department Action: इस पूरे विवाद पर स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य संजय प्रसाद पयासी ने स्वीकार किया है कि वितरित की गई साइकिलों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामियां पाई गई हैं। उन्होंने छात्राओं और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि जिन भी साइकिलों में जो पार्ट खराब या टूटे हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराया जाएगा ताकि छात्राएं उनका सही तरीके से उपयोग कर सकें।

दूर-दराज से आने वाली 700 से अधिक छात्राओं का भविष्य जुड़ा

सिंघोरी के स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा पहली से बारहवीं तक 700 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल स्कूल आने वाली छात्राओं की सहूलियत के लिए राज्य सरकार इस योजना के तहत मुफ्त साइकिल प्रदान करती है। इस तरह के सरकारी आयोजनों में घटिया सामान बांटे जाने से न केवल योजना की साख पर असर पड़ता है, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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