
Raipur Dhamtari Rail Line MEMU Train: रायपुर और धमतरी के बीच मेमू ट्रेन सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे जिले के लाखों यात्रियों को झटका लगा है। स्वतंत्रता दिवस तक इस ट्रैक पर यात्री ट्रेनें चलाने की योजना पर फिलहाल पानी फिर गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) द्वारा 543.93 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट का काम अंतिम चरण में पहुंचने के बाद भी तकनीकी दिक्कतों के कारण पिछड़ गया है। अब यात्रियों को कम से कम चार महीने और प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।
15 अगस्त तक मेमू ट्रेन चलाने की योजना टली
धमतरी जिले के नागरिक पिछले चार दशकों से बड़ी रेल लाइन पर यात्री ट्रेन चलने की राह देख रहे हैं। रेलवे प्रशासन ने अगस्त के महीने तक धमतरी तक ट्रेन चलाने का लक्ष्य रखा था। हालांकि धमतरी स्टेशन से ठीक पहले करीब एक किलोमीटर का ट्रैक बिछाने और 15 किलोमीटर में सिग्नल व संचार केबल बिछाने का काम अधूरा है। इन तकनीकी कार्यों को पूरा किए बिना ट्रेनों का संचालन संभव नहीं है।
सिग्नलिंग और ट्रैक से जुड़े अंतिम काम बाकी
रेलवे ने स्टेशन भवन, पुल-पुलियों और मुख्य ट्रैक का बड़ा हिस्सा तैयार कर लिया है। वर्तमान में प्लेटफॉर्म पर फ्लोरिंग, शेड का निर्माण, गिट्टी की भराई और ट्रैक लेवलिंग का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया जा सकता। इन बचे हुए कार्यों को पूरा करने में कम से कम तीन से चार महीने का समय लगेगा।
धमतरी में तैयार हो रहा आधुनिक टर्मिनल स्टेशन
इस प्रोजेक्ट के तहत धमतरी स्टेशन को एक बड़े और हाईटेक टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में 18 कमरों और दो विशाल हॉल वाले प्रशासनिक भवन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त मालगाड़ियों के संचालन के लिए 100 मीटर लंबी फ्यूल साइडिंग, दो ओवरलाइन, व्हील लूप, पानी की विशाल टंकी, माल बुकिंग दफ्तर और रेल कर्मियों के रहने के लिए आवास भी तैयार किए गए हैं।
टेंडर प्रक्रिया और भूमि विवाद से हुई देरी
इस परियोजना की नींव 6 अक्टूबर 2018 को रखी गई थी, लेकिन शुरुआती दिनों से ही काम की रफ्तार धीमी रही। पहले चरण में टेंडर प्रक्रिया में वक्त लगा, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण और ट्रैक के आसपास अतिक्रमण के चलते काम रुकता रहा। बाद में कोरोना महामारी के दौरान लंबे समय तक लगे लॉकडाउन ने निर्माण कार्य को पूरी तरह ठप्प कर दिया था। इन सभी बाधाओं के बावजूद रेलवे ने 67.20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 125 छोटे और 5 बड़े पुलों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
अभनपुर और राजिम तक चल रही हैं ट्रेनें
प्रोजेक्ट के तहत अभनपुर और राजिम मार्ग पर पहले ही मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा कुरुद रेलवे स्टेशन तक लाइट इंजन और मालगाड़ी का सफल ट्रायल भी संपन्न हो चुका है। अब पूरा फोकस कुरुद से धमतरी के बीच बचे हुए काम को जल्द से जल्द पूरा करने पर है ताकि पूरे सेक्शन को एक साथ जोड़ा जा सके।
सुरक्षा आयुक्त की मंजूरी के बाद ही शुरू होगा परिचालन
निर्माण कार्य पूरी तरह खत्म होने के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पूरे रेलखंड का बारीक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान ट्रैक की मजबूती, सिग्नल सिस्टम, पुल-पुलियों की सुरक्षा क्षमता और स्टेशन की व्यवस्थाओं को परखा जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान सुरक्षा आयुक्त किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी पाते हैं, तो उसे सुधारने में एक से दो महीने का अतिरिक्त समय लग सकता है। सब कुछ दुरुस्त मिलने के बाद ही मेमू ट्रेन को हरी झंडी दी जाएगी।
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