
NHAI Toll Price Revision CG: छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले चालकों के लिए यात्रा अब पहले से अधिक महंगी हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राज्य के 10 प्रमुख टोल प्लाजा पर 1 अगस्त 2026 से नई संशोधित दरें लागू कर दी हैं। इस फैसले के बाद प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों का आवागमन खर्चीला हो गया है। नई दरों का सीधा असर निजी कार चालकों से लेकर व्यावसायिक वाहनों के मालिकों पर पड़ने लगा है।
प्रदेश के 10 प्रमुख टोल प्लाजा पर बढ़े दाम
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के 10 प्रमुख टोल प्लाजा पर दरों में संशोधन किया गया है। इनमें मुड़ियापारा, बैजी, लिम्हा, मदनपुर, चोटिया, पचिरा, महाराजपुर, लोदाम, पाराघाट और केसला टोल प्लाजा शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर वाहनों की श्रेणी के हिसाब से 5 रुपये से लेकर 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। स्थानीय और लंबी दूरी के यात्रियों को अब हर चक्कर पर अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है।
कार से लेकर भारी व्यावसायिक वाहनों पर पड़ेगा असर
टोल दरों में की गई इस वृद्धि का असर सभी प्रकार के वाहनों पर दिखाई दे रहा है। कार, जीप, वैन, हल्के व्यावसायिक वाहन, मिनी बस, बड़ी यात्री बसें और मल्टी-एक्सल ट्रक सभी इस नए दर ढांचे के दायरे में आ गए हैं। माल वाहक वाहनों का भाड़ा बढ़ने से आने वाले दिनों में आवश्यक वस्तुओं की परिवहन लागत में भी आंशिक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
मुड़ियापारा और बैजी टोल प्लाजा का नया रेट ढांचा
संशोधित दरों के तहत मुड़ियापारा टोल प्लाजा पर कार चालकों को अब 45 रुपये की जगह 50 रुपये देने पड़ रहे हैं। वहीं इसी प्लाजा पर भारी वाहनों का शुल्क 160 रुपये से बढ़ाकर 165 रुपये कर दिया गया है। बैजी टोल प्लाजा की बात करें तो यहां कार के लिए पुराना शुल्क 65 रुपये ही रखा गया है, लेकिन हल्के व्यावसायिक वाहनों (LMV) की दर 100 रुपये से बढ़ाकर 105 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा बैजी पर बस और ट्रकों का शुल्क 215 रुपये से बढ़ाकर 220 रुपये तय किया गया है।
यात्रा बजट पर पड़ेगा सीधा प्रभाव
राष्ट्रीय राजमार्गों का नियमित उपयोग करने वाले दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों के लिए यह फैसला अतिरिक्त वित्तीय बोझ लेकर आया है। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा संभाग को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर स्थित इन टोल प्लाजा से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। हर फेरे पर 5 से 10 रुपये की बढ़ोतरी मासिक आधार पर ट्रांसपोर्टरों के बजट को प्रभावित कर रही है।
समय-समय पर समीक्षा के तहत हुआ निर्णय
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार टोल दरों में यह बदलाव नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के रख-रखाव, निर्माण लागत और मुद्रास्फीति के सूचकांक को ध्यान में रखते हुए प्रतिवर्ष टोल शुल्क का पुनरीक्षण किया जाता है। नई दरें लागू होने के बाद सभी टोल प्लाजा पर अपडेटेड रेट बोर्ड लगा दिए गए हैं ताकि वाहन चालकों को भुगताने योग्य राशि की स्पष्ट जानकारी मिल सके।



