
PM Awas Yojana Gramin Daily Wage Hike: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपना पक्का मकान बना रहे हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आवास निर्माण में खुद श्रम करने वाले लाभार्थियों की दैनिक मजदूरी बढ़ाने का निर्णय लिया है। राज्य कार्यालय ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना भेज दी है। इस नए फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों को निर्माण कार्य के दौरान सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा।
261 रुपये से बढ़कर 300 रुपये हुई दिहाड़ी
विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबीजीरामजी) के तहत राज्य में 1 जुलाई 2026 से अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय की गई है। इससे पहले मनरेगा और संबद्ध योजनाओं के अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों को प्रतिदिन 261 रुपये का भुगतान किया जाता था। नई दरें प्रभावी होने के बाद श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में सीधे 39 रुपये प्रति दिन का इजाफा हुआ है।
आवास निर्माण के दौरान मिलेगा 90 दिनों की मजदूरी का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नियम के अनुसार, पात्र हितग्राहियों को अपने मकान के निर्माण के दौरान 90 दिनों का अकुशल श्रम करने की पात्रता होती है। केंद्र सरकार के नए निर्देश के अनुसार, अब आवास बना रहे परिवारों को भी इस संशोधित दर के तहत ही भुगतान किया जाएगा। यानी अब हितग्राही खुद अपने घर के निर्माण में मजदूरी करके 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि प्राप्त कर सकेंगे।
हर पात्र परिवार को मिलेगा 3,500 रुपये का अतिरिक्त फायदा
मजदूरी की दरों में संशोधन होने से प्रत्येक पात्र परिवार को 90 दिनों के कुल कार्य के आधार पर लगभग 3,500 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। इससे पक्का मकान बनाने के दौरान सामग्री और अन्य जरूरतों पर होने वाले वित्तीय दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही पैसों की उपलब्धता सही समय पर होने से निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
जिला स्तर पर आदेश जारी, जल्द होगा भुगतान
राज्य स्तर से जारी परिपत्र में सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संशोधित दरों के अनुसार ही मस्टर रोल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 के बाद से किए गए सभी कार्यों पर लागू होगी। जिन हितग्राहियों के खातों में पुरानी दर से भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी, उनके अंतर की राशि का भी जल्द समायोजन किया जाएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय बाजारों को मिलेगा बल
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मजदूरी में हुई इस वृद्धि का असर सीधे ग्रामीण क्षेत्रों की क्रय शक्ति पर दिखाई देगा। दैनिक आय बढ़ने से ग्रामीण परिवारों के पास तरलता बढ़ेगी, जिससे स्थानीय बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों में सुधार होगा। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
समय पर निर्माण कार्य पूरा कराने का लक्ष्य
केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बेघर और कच्चे मकान में रह रहे परिवार को समय पर पक्का आवास मुहैया कराना है। अक्सर देखा जाता है कि मजदूरी की कमी या वित्तीय तंगी के कारण ग्रामीण इलाकों में मकानों का निर्माण अधूरा रह जाता है। इस वित्तीय सहयोग में बढ़ोतरी से अब हितग्राही बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपने मकान का काम समय पर पूरा कर सकेंगे।



