CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें CGPSC पेपर लीक मामले में 25 लाख में पेपर बेचने वाला गिरफ्तार, PWD में 56 अफसरों का बड़ा फेरबदल, UCC पर राज्य स्तरीय समिति बनाएगा मुस्लिम समाज, स्कूलों में बैग पॉलिसी लागू नहीं करने पर प्रिंसिपल होंगे जिम्मेदार, युवा कांग्रेस चुनाव में फर्जी वोटिंग के आरोप से मचा हड़कंप, बाघों की तस्करी के महाराष्ट्र कनेक्शन पर CBI जांच की सिफारिश, आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व DEO को 4 साल की जेल, छत्तीसगढ़ के 14वें मंत्री की नियुक्ति पर हाईकोर्ट की सुनवाई टली, CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी पर 50 की फाइल 152 में खरीदने और 73 अधीक्षकों से वसूली के आरोप, रायपुर के बैंकों में 70 करोड़ से ज्यादा की रकम प्रभावित समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
CGPSC Scam: 25 लाख में पेपर बेचने वाला आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर 5 दिन की ED रिमांड पर
Crime Update: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2022 भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर की विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की ED रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उत्कर्ष चंद्राकर ने परीक्षा में चयन का भरोसा दिलाकर अभ्यर्थियों से 25 लाख रुपए तक की भारी-भरकम राशि वसूली थी। ED की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि लगभग 30 से 35 अभ्यर्थियों तक लीक प्रश्नपत्र पहुंचाए गए थे। प्रवर्तन निदेशालय की पड़ताल में यह चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है कि परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को बारनवापारा के एक रिजॉर्ट में ठहराया गया था, जहां उन्हें लीक हुए पर्चे के आधार पर विशेष तैयारी कराई गई थी। आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व में हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पेपर लीक करना मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। फिलहाल ED और अन्य जांच एजेंसियां प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर उसके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में शामिल अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं।
CG PWD Transfer: छत्तीसगढ़ पीडब्लूडी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 56 कार्यपालन अभियंता बदले
Government: छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं। राज्य सरकार द्वारा जारी नवीन पदस्थापना सूची के तहत 56 कार्यपालन अभियंताओं (सिविल) के स्थानांतरण किए गए हैं। इस प्रशासनिक फेरबदल का असर रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा समेत प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख संभागों, सेतु संभागों और जिला कार्यालयों पर पड़ा है। जारी आदेश के तहत संतोष कुमार गुप्ता को लोनिवि राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग रायपुर और रोशन कुमार साहू को बिलासपुर की कमान सौंपी गई है। विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार जी.बी.के. खाखा को अंबिकापुर तथा प्रज्ञानंद को जगदलपुर संभाग के साथ कोण्डागांव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सेतु संभागों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिनमें के. विग्नेश कुमार को रायपुर क्रमांक-1 और सत्येन्द्र साहू को रायपुर क्रमांक-2 की जिम्मेदारी मिली है। जिला स्तर पर सी.एस. ओगरे को रायपुर-1 और रितु खरे को राजनांदगांव में पदस्थ किया गया है। राज्य सरकार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के सख्त आदेश दिए हैं, ताकि विभागीय निर्माण कार्यों की गति प्रभावित न हो।
UCC Chhattisgarh: वक्फ बोर्ड और मुस्लिम समाज बनाएगा राज्य स्तरीय समिति, उलेमा और वकीलों से होगी सलाह
Social Issues: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) के विषय पर मुस्लिम समाज ने एक रणनीतिक और संवैधानिक पहल करने का निर्णय लिया है। रायपुर के घासीदास संग्रहालय में आयोजित वरिष्ठ अधिवक्ताओं, कानून विशेषज्ञों, उलेमा और शहर काजी की एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्य स्तरीय समिति के गठन का फैसला लिया गया। यह समिति केवल विरोध दर्ज कराने के बजाय proposed कानून के प्रावधानों का बारीकी से अध्ययन करेगी और संविधान के दायरे में रहकर सरकार की UCC समिति को अपने तथ्यात्मक और विधिक सुझाव सौंपेगी। नवगठित राज्य स्तरीय समिति प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों का दौरा कर स्थानीय स्तर पर उलेमा, वकीलों, मुतवल्लियों, महिलाओं और बुद्धिजीवियों से व्यापक रायशुमारी करेगी। इस मंथन के दौरान मुख्य रूप से मुस्लिम विवाह, निकाह, मेहर, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और वसीयत जैसे संवेदनशील विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कानून विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों की एक संयुक्त टीम इन प्राप्त सुझावों को संवैधानिक कसौटी पर परखकर एक अंतिम ड्राफ्ट तैयार करेगी। मुस्लिम समाज का मानना है कि शरीयत के सामाजिक संतुलन और महिला अधिकारों से जुड़े पहलुओं को सरकार के समक्ष सही ढंग से प्रस्तुत करना आवश्यक है।
School Bag Policy Bilaspur: स्कूलों में बस्ते का वजन ज्यादा मिला तो प्रिंसिपल पर होगी सख्त कार्रवाई
Education News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्कूली बच्चों के भारी बस्ते के बोझ को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई एक अभिभावक की शिकायत का संज्ञान लेते हुए बिल्हा विकासखंड के शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को ‘स्कूल बैग पॉलिसी 2020’ का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया है। नए नियमों के अनुसार, यदि किसी स्कूल में बच्चों के बैग का वजन तय मानकों से अधिक पाया जाता है, तो इसके लिए संबंधित स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। शिक्षा विभाग ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभी स्कूलों में डिजिटल वजन मशीन रखना अनिवार्य कर दिया है, ताकि बच्चों के बैग के वजन की नियमित जांच की जा सके। इसके अलावा स्कूलों को अपनी दैनिक समय-सारणी इस प्रकार व्यवस्थित करने को कहा गया है कि विद्यार्थियों को रोजाना सभी पुस्तकें और कॉपियां न लानी पड़ें। विभाग ने सुरक्षा कारणों से पहिये वाले ट्रॉली बैग के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है और चौड़ी पट्टियों वाले हल्के बैग के उपयोग की सलाह दी है। साथ ही, स्कूलों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि भारी वाटर बॉटल का वजन कम किया जा सके।
Youth Congress Election Dispute: मुंगेली में फर्जी वोटिंग का आरोप, 11 बाहरी युवाओं पर पुलिस जांच शुरू
Politics: छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे प्रदेश युवा कांग्रेस चुनाव के दौरान मुंगेली जिले में एक बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय प्रत्याशियों ने मध्यप्रदेश से आए 11 युवाओं पर चुनाव प्रक्रिया में अवैध रूप से शामिल होकर फर्जी वोटिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस शिकायत के बाद मुंगेली के सिटी कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उन युवाओं की पहचान, उनके ठहरने की जानकारी और चुनाव नियमों के तहत उनकी मतदान पात्रता संबंधी दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि 9 युवकों और 2 युवतियों का समूह मध्यप्रदेश से मुंगेली पहुंचा था और उन्होंने स्थानीय चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने के उद्देश्य से मतदान किया। यह भी आरोप लगाया गया है कि ये बाहरी युवा मुंगेली के सरकारी सर्किट हाउस में ठहरे हुए थे। 30 अगस्त से 29 सितंबर तक चलने वाली इस चुनावी प्रक्रिया के बीच इस प्रकार के आरोपों से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मतदान रिकॉर्ड और पात्रता की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Wildlife Crime Chhattisgarh: बाघों की तस्करी मामले में महाराष्ट्र पुलिस का कनेक्शन, वन विभाग ने मांगी CBI जांच
Crime Update: छत्तीसगढ़ में बाघों के अवैध शिकार और वन्यजीव अंगों की तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। इस प्रकरण में महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल ब्रांच के एक जवान समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से तीन बाघों की खालें, 13 मूंछें, पंजे और शिकार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने राज्य के गृह विभाग को पत्र लिखकर सीबीआई जांच सौंपने की मांग की है। इस पूरे मामले का खुलासा जून के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर हुआ था, जब दो संदिग्धों को बाघ की खाल के साथ पकड़ा गया था। गिरफ्तार आरोपी बियरी गेडाम, जो कि महाराष्ट्र पुलिस में पदस्थ है, को पूर्व में उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक भी मिल चुका है। वन विभाग को आशंका है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व के दुर्गम इलाकों का उपयोग लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी सिंडिकेट द्वारा किया जा रहा है। मामले में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने भी दोनों संबंधित कर्मियों को निलंबित कर बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
DA Case Dantewada: आय से अधिक संपत्ति मामले में दंतेवाड़ा के पूर्व DEO सुभाष गंजीर को 4 साल की जेल
Judicial Update: दंतेवाड़ा के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सुभाष गंजीर को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत ने दोषी करार देते हुए 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने वर्ष 2017 में प्राप्त शिकायत के आधार पर अधिकारी के परिसरों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह सख्त कानूनी फैसला आया है। ACB की छापेमारी के दौरान तत्कालीन अधिकारी के ठिकानों से लगभग 8.71 लाख रुपए नकद, 500 ग्राम सोना और 40 से अधिक अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए थे। जांच एजेंसी ने पाया कि यह कुल संपत्ति अधिकारी के वैध और घोषित आय स्रोतों से कहीं अधिक थी। वर्ष 2018 में गिरफ्तारी के बाद मामला अदालत में लंबित था, जहां अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त साक्ष्य और गवाह पेश किए। विशेष न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के पश्चात आरोपी पूर्व डीईओ को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।
High Court Hearing Postponed: 14वें मंत्री की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई चार सप्ताह टली
Judicial Update: छत्तीसगढ़ सरकार में 14वें मंत्री की नियुक्ति की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सुनवाई टल गई है। डिवीजन बेंच ने इस मामले को अति संवेदनशील और गंभीर संवैधानिक प्रश्न मानते हुए इस पर विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता जताई है। इसके चलते अदालत ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करने का निर्णय लिया है। याचिकाकर्ता वासु चक्रवर्ती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया। इस विवाद की पृष्ठभूमि 2003 के संवैधानिक संशोधन से जुड़ी है, जिसके तहत राज्य मंत्रिमंडल का आकार कुल विधानसभा सदस्यों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। छत्तीसगढ़ में 90 विधायकों के हिसाब से यह संख्या 13.5 बैठती है, जिसे व्यावहारिक रूप से मुख्यमंत्री सहित 13 या 14 मंत्रियों तक सीमित माना जाता रहा है। याचिका में दावा किया गया है कि 14वें मंत्री को शामिल किया जाना संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन है। अब चार सप्ताह बाद होने वाली अगली सुनवाई में उच्च न्यायालय इस संवैधानिक पहलू पर विस्तार से विचार करेगा।
CGPSC Administrative Corruption: पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी पर एक और आरोप, CBI और EOW तक पहुंची शिकायत
Crime Update: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जेल में बंद सोनवानी पर अब आदिम जाति विकास विभाग के एक दागी अधिकारी को अनुचित लाभ पहुंचाने और 73 निर्दोष छात्रावास अधीक्षकों पर नियम विरुद्ध वित्तीय जुर्माना ठोकने का नया आरोप लगा है। सूचना का अधिकार (RTI) से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सामान्य प्रशासन विभाग, सीबीआई और ईओडब्ल्यू से की गई है। पूरा मामला वर्ष 2020 में रायगढ़ में छात्रावासों के लिए 50 रुपए की बाजार दर वाली पंजी को 152 रुपए में खरीदने से जुड़ी वित्तीय अनियमितता का है। तत्कालीन जांच समिति ने संबंधित अधिकारी से 50% राशि वसूलने की सिफारिश की थी। आरोप है कि तात्कालीन अध्यक्ष सोनवानी ने आयोग के नियमों को दरकिनार करते हुए अकेले निर्णय लेकर आरोपी अधिकारी को पूर्णतः दोषमुक्त कर दिया और उसकी जगह 73 निर्दोष अधीक्षकों से वसूली का प्रस्ताव बना दिया। इस अवैध छूट के बल पर दागी अधिकारी को पदोन्नति भी मिल गई, जिसकी अब नए सिरे से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
Bank Frauds Raipur: रायपुर के बैंकों से 20 साल में 70 करोड़ रुपए गायब, भटक रहे पीड़ित खाताधारक
Crime Update: राजधानी रायपुर में विभिन्न व्यावसायिक और सहकारी बैंकों से जमाकर्ताओं की गाढ़ी कमाई गायब होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले 20 वर्षों के दौरान शहर के एक दर्जन से अधिक बैंकों में चोरी, धोखाधड़ी और गबन के जरिए लगभग 70 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रभावित हुई है। प्राथमिक दर्ज होने और कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद, दर्जनों पीड़ित खाताधारक और बुजुर्ग अपनी जमा पूंजी तथा लॉकर से गायब हुए सोने-चांदी के जेवर वापस पाने के लिए वर्षों से चक्कर काट रहे हैं। घोटालों की इस सूची में वर्ष 2006 का बहुचर्चित इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक घोटाला शामिल है, जिसमें 22 हजार खाताधारकों के 28 करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। इसके अतिरिक्त सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से 50 लाख के जेवर गायब होने, एक्सिस बैंक से फर्जीवाड़ा कर 16.40 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने और हाल ही में एक्सिस बैंक के कर्मचारी द्वारा 14.4 लाख रुपए की एफडी समय से पूर्व बंद कराकर राशि हड़पने जैसे मामले शामिल हैं। कानूनी प्रक्रिया की धीमी गति और रिकवरी न होने के कारण पीड़ितों में भारी आक्रोश व्याप्त है।



