CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें LPG e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, रायपुर में जुलूस पर FIR, 18 चौराहों का होगा री-डिजाइन, PhD की 355 सीटें, 230 शिक्षकों से 52 करोड़ की ठगी, लोकभवन भुगतान की जांच, Tata Power का विरोध, 34 खाद्य सैंपल फेल और नेपाल में फंसे CG के नागरिकों पर बड़ा अपडेट समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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LPG e-KYC की डेडलाइन बढ़ी, 31 अगस्त के बाद क्या घरेलू सिलेंडर पर पड़ेगा असर?

LPG Update: घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए e-KYC की अंतिम तारीख 23 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी गई है। Aadhaar-बेस्ड बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को अब कुछ अतिरिक्त समय मिला है। Indane, Bharat Gas और HP Gas के ग्राहकों को e-KYC जल्द पूरा करने की सलाह दी जा रही है। तेल कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को SMS के जरिए भी प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी भेजी जा रही है। बताया जा रहा है कि अंतिम तारीख के नजदीक LPG एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय-सीमा बढ़ाई गई।  e-KYC का उद्देश्य घरेलू LPG कनेक्शन को Aadhaar आधारित पहचान से सत्यापित करना है। कुछ उपभोक्ताओं को भेजे गए संदेशों में समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर घरेलू दर पर सिलेंडर नहीं मिलने की चेतावनी का उल्लेख है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार घरेलू सिलेंडर को सीधे कमर्शियल दर पर देने संबंधी कोई औपचारिक आदेश सामने नहीं आया है। भोपाल में लगभग 1.35 लाख उपभोक्ताओं की डिलीवरी प्रभावित होने का दावा भी सामने आया है, लेकिन वहां मौखिक निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर की बताई गई कीमत 947.50 रुपये और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,935 रुपये बताई गई है। उपभोक्ताओं को सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यम से e-KYC पूरा करें।

रायपुर में ईद मिलादुन्नबी जुलूस तय समय से 2 घंटे देर तक चला, आयोजकों पर FIR

Crime Update: रायपुर में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस को निर्धारित समय पर समाप्त नहीं करने के मामले में पुलिस ने आयोजकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने जुलूस के लिए समय और अन्य शर्तों के साथ अनुमति दी थी। आयोजन को सुबह 9 बजे तक समाप्त किया जाना था, लेकिन जुलूस करीब 11 बजे तक चलता रहा। इस दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले में कोतवाली पुलिस ने BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के अनुसार सार्वजनिक जुलूस और रैलियों के लिए अनुमति लेते समय निर्धारित रूट, समय और अन्य शर्तों का पालन करना जरूरी है। जनवरी 2026 में रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद जुलूस और रैलियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। 25 फरवरी को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला की ओर से जयस्तंभ चौक और जीई रोड को प्रतिबंधित मार्गों में शामिल किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके बावजूद आयोजकों को अनुमति प्रक्रिया के दौरान निर्धारित शर्तों का पालन करना होता है। अब पुलिस FIR के आधार पर यह जांच करेगी कि समय-सीमा का उल्लंघन किस परिस्थिति में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। प्रशासन का जोर भविष्य में सार्वजनिक आयोजनों के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहेगा।

रायपुर के फुंडहर गौठान में मवेशियों की मौत, अव्यवस्था पर जांच और 4 डेयरियों पर जुर्माना

Local News: रायपुर के फुंडहर गौठान में क्षमता से अधिक मवेशियों को रखे जाने और पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई गोवंश की मौत का मामला सामने आया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए गोसेवा आयोग की टीम ने गौठान का निरीक्षण किया। नगर निगम स्तर पर भी मौके की वास्तविक स्थिति की जांच के निर्देश दिए गए। महापौर मीनल चौबे ने निगम आयुक्त को गौठान की क्षमता, वहां मौजूद मवेशियों की संख्या और चारा-पानी सहित मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जांच करने को कहा। निरीक्षण में साफ-सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य और रखरखाव जैसे बिंदुओं को देखा गया। मामले में नगर निगम अधिकारियों और गौठान संचालक के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने की बात सामने आई है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि गौठान की निर्धारित क्षमता से अधिक मवेशियों को वहां नहीं रखा जाए और सड़क से हटाए गए पशुओं के रखरखाव की व्यवस्थित व्यवस्था की जाए। इसी बीच समता कॉलोनी में चार डेयरियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई। आरोप था कि संचालकों ने मवेशियों को खुले में छोड़ रखा था। नगर निगम ने कुल 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और पशुओं को खुले में न छोड़ने तथा गंदगी नहीं फैलाने की हिदायत दी। रायपुर में 70 वार्डों के रिहायशी क्षेत्रों में 400 से अधिक छोटी-बड़ी डेयरियां होने का दावा है। अब प्रशासन के सामने चुनौती गौठानों की क्षमता बढ़ाने, डेयरियों की निगरानी और आवारा मवेशियों की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने की है।

रायपुर ट्रैफिक जाम से राहत की तैयारी, 18 चौराहों का री-डिजाइन तीन महीने में होगा पूरा

Traffic Update: रायपुर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या से राहत देने के लिए शहर के 18 प्रमुख चौराहों को री-डिजाइन करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त सर्वे के बाद उन स्थानों का चयन किया गया, जहां नियमित रूप से जाम की स्थिति बनती है। इस परियोजना पर करीब 9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण एजेंसी तय होने के बाद एक महीने के भीतर जमीन पर काम शुरू करने और तीन महीने में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी ट्रैफिक पुलिस करेगी।  चौराहों के नए डिजाइन को अंतिम रूप देने से पहले कुछ स्थानों पर करीब तीन महीने तक अस्थायी व्यवस्था का परीक्षण किया गया। देवेंद्रनगर ओवरब्रिज और महिला थाना चौक पर अस्थायी रोटेटरी के प्रयोग से यातायात में सुधार मिलने के बाद स्थायी डिजाइन को मंजूरी दी गई। नए लेआउट में बंद लेफ्ट टर्न को फ्री करने, प्लास्टिक रोटेटरी की जगह सीमेंट की मजबूत रोटेटरी बनाने और जरूरत के अनुसार डिवाइडर की लंबाई बढ़ाने जैसे बदलाव होंगे। कालीबाड़ी तिराहे की गोलाई कम करने तथा कुछ स्थानों पर प्रतिमाओं को किनारे स्थानांतरित करने की भी योजना है। बंजारी वाले बाबा चौक, भारत माता चौक, शंकरनगर, आनंद नगर, अनुपम नगर, जयस्तंभ, कालीबाड़ी, खम्हारडीह, खजाना तिराहा, लाखेनगर, तेलघानीनाका, रायपुरा ओवरब्रिज, गुरुनानक, राठौर और पठारीडीह समेत 18 चौराहों की व्यवस्था बदलेगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे जाम, ईंधन की खपत और सड़क हादसों में कमी आएगी।

PRSU PhD Admission 2026: 30 विषयों में 355 सीटें, 10 सितंबर तक आवेदन

Education News: पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने PhD प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। विश्वविद्यालय के 30 विषयों में कुल 355 रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 26 अगस्त से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 10 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। शोध के इच्छुक छात्रों के लिए रसायन शास्त्र में सबसे अधिक 70 सीटें उपलब्ध हैं। फार्मेसी में 54, गणित में 34, कॉमर्स में 22 और कंप्यूटर साइंस में 19 सीटें निर्धारित की गई हैं।  हिन्दी में 16, एजुकेशन में 14, बायोकेमेस्ट्री में 12 तथा मैनेजमेंट और फिजिक्स में 10-10 सीटें हैं। इकोनॉमिक्स और इंग्लिश में 9-9 तथा बायोसाइंस में 8 सीटें हैं। आरक्षण व्यवस्था के तहत 238 सीटें आरक्षित और 117 सीटें अनारक्षित बताई गई हैं। इनमें ST के लिए 157, SC के लिए 45 और OBC के लिए 36 सीटें शामिल हैं। चयन के लिए लिखित परीक्षा होगी, जिसमें 50 MCQ पूछे जाएंगे। 25 प्रश्न रिसर्च मैथडोलॉजी और 25 संबंधित विषय से होंगे। परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा और एक सीट के लिए तीन पात्र अभ्यर्थियों तक चयन की प्रक्रिया रखी गई है। परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर, ईमेल, अंकसूची और आवश्यक प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा।

230 शिक्षकों से 52 करोड़ की कथित ठगी, लोन के नाम पर गिरोह ने ऐसे बनाया शिकार

Crime Update: झारखंड में शिक्षकों को आसान तरीके से बड़ा बैंक लोन दिलाने का झांसा देकर करीब 52 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक करीब 230 शिक्षक इस नेटवर्क के शिकार हुए। आरोप है कि स्थानीय एजेंट शिक्षकों से संपर्क करते थे और उन्हें बैंक से बड़ा लोन दिलाने का भरोसा देते थे। बदले में लोन की रकम का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा एजेंटों को देने की बात कही जाती थी। पीड़ितों को कथित तौर पर यह भरोसा भी दिया गया कि बाकी लोन की किस्तें गिरोह की ओर से चुकाई जाएंगी। शुरुआत में कुछ समय तक EMI भरकर विश्वास कायम किया गया।  बाद में किस्तें बंद होने पर शिक्षकों को बैंक से नोटिस मिलने लगे और उन्हें पता चला कि उनके नाम पर लाखों रुपये का कर्ज चल रहा है। जांच में एक शिक्षक के नाम पर 35 लाख रुपये तक का लोन और अलग मामलों में 41 लाख तथा 58.98 लाख रुपये के लोन की जानकारी सामने आई है। आरोप यह भी है कि शिक्षकों के दस्तावेज और बैंक खातों का इस्तेमाल कर रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कराया गया। कुछ मामलों में शिक्षक स्वयं वित्तीय लेन-देन के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने की स्थिति में पहुंच गए। पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है और कुछ गिरफ्तारियां होने की जानकारी है। जांच का अगला चरण बैंक खातों, दस्तावेजों, एजेंटों और लोन मंजूरी की प्रक्रिया की पड़ताल पर केंद्रित है। बैंककर्मियों की संभावित भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।

लोकभवन में अधूरे HVAC काम का पूरा भुगतान? 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई

Government: नवा रायपुर के सेक्टर-18 स्थित लोकभवन परिसर में HVAC कार्य अधूरा होने के बावजूद भुगतान किए जाने के आरोपों ने सरकारी निर्माण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों में हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग से संबंधित काम निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा नहीं हुआ था, लेकिन इसके बावजूद माप, प्रमाणन और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। शिकायत में विभागीय अधिकारियों और संबंधित फर्मों के बीच कथित मिलीभगत तथा भंडार क्रय नियमों की अनदेखी के आरोप भी लगाए गए हैं।  मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद PWD के प्रमुख अभियंता यानी E-in-C कार्यालय ने इसे गंभीरता से लिया है। मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिकी को तकनीकी और वित्तीय जांच के निर्देश दिए गए हैं तथा 15 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। शिकायत में HVAC कार्य से जुड़ी फर्मों के रूप में वेक्सॉन इंजीनियर्स और अशोक खंडेलवाल का उल्लेख किया गया है। जांच में कार्यादेश, माप पुस्तिका, बिल, भुगतान रिकॉर्ड और मौके पर वास्तव में किए गए कार्य का मिलान किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि अधूरे कार्य का प्रमाणन किस स्तर पर हुआ और भुगतान किस अधिकारी ने स्वीकृत किया। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। यदि नियमों के उल्लंघन या सरकारी राशि के गलत भुगतान की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। अब पूरे मामले की नजर 15 दिन के भीतर आने वाली जांच रिपोर्ट पर है।

रायपुर में Tata Power की एंट्री का विरोध, बिजली कर्मचारी यूनियन ने आवेदन रद्द करने की मांग की

Politics: छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण के निजीकरण को लेकर बहस तेज हो गई है। रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसीलों में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए Tata Power के आवेदन के बाद छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने नियामक आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन ने आवेदन निरस्त करने और पूरी प्रक्रिया रोकने की मांग की है। यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने आयोग को भेजे पत्र में निजी भागीदारी से बिजली उपभोक्ताओं और सरकारी विद्युत व्यवस्था पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। कर्मचारी संगठन का तर्क है कि बिजली आम जनता, किसानों, मजदूरों और उद्योगों की बुनियादी जरूरत है। यूनियन को आशंका है कि निजी वितरण कंपनी के आने के बाद व्यावसायिक हितों का असर बिजली दरों और अन्य शुल्कों पर पड़ सकता है। संगठन ने कर्मचारियों की नौकरी, सेवा शर्तों, पदोन्नति और स्थानांतरण को लेकर भी चिंता जताई है। ग्रामीण और कम राजस्व वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और रखरखाव प्रभावित होने की आशंका भी उठाई गई है। यूनियन का कहना है कि सरकारी व्यवस्था में कमियां हैं तो कर्मचारियों की भर्ती, तकनीकी आधुनिकीकरण, वित्तीय सुधार और जवाबदेही के जरिए उन्हें दूर किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से इस प्रस्ताव पर 1 अक्टूबर को जनसुनवाई प्रस्तावित है। अब इस सुनवाई में निजीकरण के पक्ष और विरोध में दिए जाने वाले तर्क महत्वपूर्ण होंगे और आयोग के निर्णय से रायपुर के संबंधित क्षेत्रों की बिजली वितरण व्यवस्था की दिशा तय हो सकती है।

त्योहारी सीजन से पहले छत्तीसगढ़ में खाद्य सैंपल फेल, 150 में 34 अमानक

Food Safety: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में 150 में से 34 खाद्य सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने दूध, पनीर, मसालों, मिठाइयों और तैयार भोजन समेत अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। जांच में 10 सैंपल असुरक्षित और 24 अमानक पाए गए। पनीर के सात नमूनों को असुरक्षित बताया गया, जबकि दूध के पांच नमूने भी निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। हल्दी और लाल मिर्च पाउडर समेत कई उत्पादों पर भी सवाल उठे हैं। विभाग की जांच में केवल कच्चे खाद्य पदार्थ ही नहीं बल्कि तैयार भोजन के नमूने भी फेल हुए। बिलासपुर के गरिमा फैमिली ढाबा की एग करी, नारायणपुर के होटल ताजमहल की चिकन ग्रेवी, होटल हिमालय की वेज ग्रेवी, कोंडागांव के बिरयानी हाउस की चिकन बिरयानी और कोरबा के रिशु बार रेस्टोरेंट के पके चावल के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरने की जानकारी सामने आई है। न्यू मां कलिका स्वीट्स, श्री दूध डेयरी, संतोष डेयरी, ग्रैंड विष्टा, मां शारदा डेयरी, होटल लक्ष्मण अरीना, होटल सुंदरम और अलीमेंटो कैफे समेत कई प्रतिष्ठानों के खाद्य नमूनों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। विभाग ने संकेत दिया है कि फेल सैंपलों से जुड़े मामलों को नियमानुसार अदालत में पेश किया जाएगा। त्योहारी दिनों में दूध, खोवा, पनीर और मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए जांच अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।

नेपाल बाढ़ में छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी, रायपुर के 5 लोग सुरक्षित लौट रहे

Weather Alert: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से बने गंभीर हालात के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने वहां मौजूद प्रदेश के नागरिकों की जानकारी जुटाने और राहत प्रयास तेज किए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रशासन लगातार नेपाल में गए नागरिकों और उनके परिजनों के संपर्क में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदेश से जुड़े नौ नागरिकों के संबंध में स्थिति सामने आई है। इनमें दो लोगों के परिजनों से संपर्क स्थापित होने की जानकारी है, जबकि रायपुर के पांच नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। बिलासपुर और सरगुजा से जुड़े दो नागरिकों के लापता होने की सूचना सामने आई है। रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूटने की सूचना थी, लेकिन प्रशासन के अनुसार उनके परिजनों से अब संपर्क स्थापित हो गया है। बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं और उनके संबंध में भी परिजनों से संपर्क होने की जानकारी है। बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी के लापता होने की सूचना है; वे फिनलैंड की नागरिक बताई गई हैं और प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है। सरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं, के नेपाल-चीन सीमा स्थित रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय के आसपास होने की अंतिम जानकारी बताई गई है। वहीं रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर सुरक्षित हैं और छत्तीसगढ़ लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। प्रशासन बाकी मामलों में भी लगातार समन्वय कर रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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