
Chhattisgarh ED Raid: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को भूपेश बघेल के निजी सहायक (पीए) के.के. चंद्रवंशी के पुरानी भिलाई स्थित निवास पर सुबह छापा मारा जिसके बाद धमतरी और बलरामपुर में ईडी की टीम ने एक साथ दबिश दी, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। यह कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) रहे चेतन बोरघरिया के ठिकानों पर की गई है। चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर जिले में अपर कलेक्टर (एडीएम) के पद पर कार्यरत हैं।

धमतरी स्थित अमलतास पुरम निवास पर पहुंची ईडी की टीम
ED Raid In Dhamtari: ईडी की टीम सुबह तड़के धमतरी के अमलतास पुरम स्थित चेतन बोरघरिया के निजी निवास पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने घर के भीतर जाकर जांच-पड़ताल शुरू की। जिस समय टीम पहुंची, उस वक्त घर पर उनके रिश्तेदार मौजूद थे। मूल रूप से धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के रहने वाले बोरघरिया का यह पैतृक क्षेत्र माना जाता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

बलरामपुर में अधिकारी को सर्किट हाउस में रखकर पूछताछ
Bhupesh Baghel Ex OSD Raid: धमतरी के साथ-साथ ईडी ने बलरामपुर जिले में भी अपनी कार्रवाई जारी रखी। सूत्रों के अनुसार, बलरामपुर में पदस्थ अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को ईडी की टीम ने अपनी कस्टडी में लिया और पूछताछ के लिए सर्किट हाउस लेकर पहुंची। वहां उनसे संपत्ति, लेन-देन और प्रशासनिक कार्यकाल से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। एक ही समय में दो अलग-अलग जिलों में हुई इस कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति बन गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी अधिकारियों में गिनती
Balrampur ADM ED Action: चेतन बोरघरिया राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफी करीबी माने जाते थे और उनके ओएसडी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही कांग्रेस शासनकाल के दौरान रहे कई अधिकारियों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है। इस छापेमारी को भी उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

आधिकारिक जानकारी का इंतजार, जांच जारी
ईडी की यह कार्रवाई किस विशिष्ट मामले को लेकर की जा रही है और अब तक की पड़ताल में क्या दस्तावेज या साक्ष्य बरामद हुए हैं, इस पर जांच एजेंसी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी इस रेड के ब्योरे के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई है। जांच एजेंसी की ओर से विस्तृत विवरण साझा किए जाने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
एक ही दिन में दो स्थानों पर ईडी की दबिश के बाद राज्य के प्रशासनिक अमले में चिंता का माहौल है। खासकर पूर्व सरकार में अहम पदों पर तैनात रहे अधिकारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा है। आगामी दिनों में इस जांच के दायरे में कुछ और लोगों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।



