कुरूद-मेघा मगरलोड मार्ग पर महानदी के पुल को मिली मंजूरी, विधायक अजय चंद्राकर की पहल रंग लाई, ₹46.96 करोड़ की लागत से बनेगा नया हाई लेवल ब्रिज

Kurud News: कुरूद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेघा-मगरलोड मार्ग पर स्थित महानदी का पुराना पुल जर्जर होकर क्षतिग्रस्त हो गया था। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए शासन ने ₹4696.67 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। नया उच्च स्तरीय पुल बनने से क्षेत्र की जनता को लंबे समय से हो रही आवागमन की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। निर्माण कार्य जल्द पूरा होने के बाद कुरूद और मगरलोड के बीच का यातायात सामान्य हो जाएगा।

क्षतिग्रस्त पुल से 75 हजार लोग हो रहे थे प्रभावित

सितंबर 2024 में महानदी पर स्थित 973 मीटर लंबे पुराने पुल का एक हिस्सा धंस गया था। इसके बाद से ही सुरक्षा कारणों के चलते इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। पुल क्षतिग्रस्त होने से कुरूद और मगरलोड क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। स्थिति यह थी कि 5 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लोगों को 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा था। इससे लगभग 75,000 ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही थी।

विधायक अजय चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र

आवागमन बाधित होने से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा था। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने 12 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में बताया था कि दो महीनों से आवागमन ठप होने के कारण ग्रामीणों को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक ने वित्त विभाग से प्रस्तावित बजट की प्रशासकीय स्वीकृति जल्द से जल्द जारी करने का अनुरोध किया था ताकि नया पुल बनाने का काम शुरू किया जा सके।

लोक निर्माण विभाग ने जारी की 46.96 करोड़ की मंजूरी

विधायक की पहल और ग्रामीणों की मांग पर विचार करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। ₹46.96 करोड़ की वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ ही अब नए हाई लेवल ब्रिज और उसके पहुंच मार्ग का निर्माण मार्ग साफ हो गया है। इस नए ढांचे के तैयार हो जाने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button