
पीएम आवास योजना के आंकड़ों पर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान
Vijay Sharma vs Bhupesh Baghel Debate: छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन और आंकड़ों को लेकर वार-पलटवार का दौर तेज हो गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच आज रायपुर प्रेस क्लब में सीधी बहस होने की संभावना बन रही है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को सार्वजनिक मंच पर आकर तथ्यों के साथ आंकड़े रखने की चुनौती दी थी। इस हाई-प्रोफाइल डिबेट को लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है और मीडिया से लेकर आम जनता की निगाहें प्रेस क्लब पर टिकी हुई हैं।
प्रेस क्लब में आमने-सामने आ सकते हैं दोनों दिग्गज नेता
Vijay Sharma Bhupesh Baghel Face Off: निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सुबह 11:30 बजे रायपुर प्रेस क्लब पहुंचने वाले हैं। पीएम आवास के मुद्दे पर दोनों नेताओं ने मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से बहस की चुनौती स्वीकार की थी। इस चुनौती के बाद दोनों का एक ही मंच पर उपस्थित होना तय माना जा रहा है। रायपुर प्रेस क्लब में इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि चर्चा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिया था 15 तारीख का समय
Raipur Press Club Political War: इस पूरी बहस की शुरुआत तब हुई जब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सरकार के काम का ब्योरा जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालते ही पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। इसमें से 11 लाख आवास का निर्माण कार्य पूरा भी कराया जा चुका है। शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा था कि वे किसी भी सार्वजनिक स्थान पर आकर इन आंकड़ों पर खुली चर्चा कर सकते हैं।

भूपेश बघेल ने स्वीकार की थी बहस की चुनौती
CG Political Dispute PM Awas Scheme: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उपमुख्यमंत्री की इस चुनौती को तुरंत स्वीकार कर लिया था। उन्होंने कहा था कि जब तिथि 15 तारीख तय की गई है, तो वे पूरी तैयारी के साथ चर्चा के लिए आएंगे। बघेल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जा रहे पीएम आवास के आंकड़ों में भारी विरोधाभास है। संसद में दिए गए आंकड़ों और मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्रों में दी गई संख्याओं में अंतर दिखाई देता है।
आंकड़ों में भिन्नता को लेकर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
भूपेश बघेल का दावा है कि छत्तीसगढ़ में 11 लाख से अधिक आवास पहले की सरकारों के कार्यकाल में ही बनकर तैयार हो चुके थे। उनके मुताबिक कांग्रेस शासनकाल के दौरान लगभग 7 लाख पीएम आवास स्वीकृत कराए गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की है कि मौजूदा सरकार को यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कितने नए मकान स्वीकृत किए हैं और उनमें से वास्तव में कितने बनकर तैयार हुए हैं।
प्रदेश की जनता की निगाहें आज की इस डिबेट पर टिकीं
एक तरफ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं तो दूसरी तरफ वर्तमान उपमुख्यमंत्री, ऐसे में इस सीधी बहस का परिणाम राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं और दोनों ही अपने आंकड़ों को प्रामाणिक बता रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या दोनों नेता प्रेस क्लब के मंच पर एक साथ बैठकर जनता के सामने स्थिति पूरी तरह साफ करते हैं या यह मामला केवल बयानों तक सीमित रहता है।



