
Gold Crown to Lord Ganesha Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक गोलबाजार क्षेत्र में गणेशोत्सव की शुरुआत बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा-उल्लास के साथ हुई। प्रतिमा स्थापना के पहले दिन राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने गोलबाजार हनुमान मंदिर परिसर में स्थापित भगवान श्री गणेश को लगभग 771 ग्राम वजनी सोने का भव्य मुकुट पहनाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से प्रथम पूज्य गणपति बाप्पा की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी।

100 साल से भी अधिक पुरानी है गोलबाजार की गणेशोत्सव परंपरा
रायपुर का गोलबाजार क्षेत्र अपनी पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां हनुमान मंदिर परिसर में पिछले 100 से अधिक वर्षों से लगातार गणेशोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को शुभ मुहूर्त में प्रतिमा की स्थापना की गई। इस दौरान पूरे बाजार क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल नजर आया और बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी तथा नागरिक बाप्पा के स्वागत में उपस्थित रहे।

1 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक आंकी गई मुकुट की कीमत
गणपति जी के सिर पर सुशोभित किया गया यह स्वर्ण मुकुट बेहद खास है। व्यापारियों और कारीगरों के सहयोग से तैयार कराए गए इस 771 ग्राम वजनी सोने के मुकुट की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 15 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। मुकुट पहनाने के बाद मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘जय श्रीराम’ और ‘गणपति बाप्पा मोरया’ के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने की राज्य की सुख-समृद्धि की कामना
भगवान श्री गणेश की आराधना करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गोलबाजार क्षेत्र में विराजित गणपति बाप्पा के दर्शन और पूजन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपने हाथों से भगवान को स्वर्ण मुकुट अर्पित किया और विघ्नहर्ता से संपूर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख, शांति, समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में बांटा गया मोदक और प्रसाद
स्वर्ण मुकुट धारण कराने के पश्चात पंडितों के सानिध्य में भगवान गणेश की मुख्य आरती संपन्न हुई। महाआरती के बाद उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ अपेक्स बैंक के चेयरमैन केदार गुप्ता, गोलबाजार व्यापारी संघ के प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे दस दिनों तक चलने वाले इस उत्सव को लेकर गोलबाजार में कड़ी सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था की गई है।



