
Bhupesh Baghel High Court Order: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े एक अहम कानूनी मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अर्जी को खारिज कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से भाजपा उम्मीदवार रहे विजय बघेल ने भूपेश बघेल के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की थी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस याचिका को शुरुआती चरण में ही निरस्त करने की मांग को लेकर सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत अर्जी लगाई थी। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए इस अर्जी को अस्वीकार कर दिया।
खारिज हुई प्रारंभिक सुनवाई में अर्जी निरस्त करने की मांग
Vijay Baghel vs Bhupesh Baghel: हाईकोर्ट द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री की अर्जी खारिज किए जाने के बाद अब विजय बघेल की ओर से दायर मुख्य चुनाव याचिका पर नियमित सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है। भूपेश बघेल के वकीलों का तर्क था कि चुनाव याचिका में ठोस आधारों की कमी है, इसलिए इसे प्राथमिक स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि, अदालत ने इस दलील को पर्याप्त न मानते हुए मामले की विस्तृत सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया है।
गवाहों की बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया में आई तेजी
Patan Election Dispute CG: इससे पहले 10 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता सांसद विजय बघेल और उनके प्रमुख गवाह सौरभ दुबे व्यक्तिगत रूप से बिलासपुर हाईकोर्ट में उपस्थित हुए थे। उस दिन वे अपने साक्ष्य और बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे थे, लेकिन भूपेश बघेल की ओर से लंबित आवेदन के कारण बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब गवाहों के साक्ष्य दर्ज कराने का काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ेगा।
5 अक्टूबर से शुरू होगी मामले में गवाही की प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल चुनावी विवाद में अगली कार्यवाही की समय-सीमा तय कर दी है। अदालत के निर्देशानुसार आगामी 5 अक्टूबर से गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होगी। इस फैसले के बाद पाटन सीट के चुनावी नतीजों और चुनाव प्रचार के दौरान हुए घटनाक्रमों को लेकर कानूनी खींचतान और तेज होने की उम्मीद है।
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