
CG Shramik Sammelan 2026: विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में मजदूर और कामगार पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिकों के हित में तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
श्रमिकों के लिए शहर में बनेगा सर्वसुविधायुक्त केंद्र
Raipur Indoor Stadium News: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि काम की तलाश में शहरों में आने वाले मजदूरों के लिए विशेष सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने, विश्राम करने और बुनियादी जरूरतों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद रहेंगी। इस कदम से ग्रामीण इलाकों से आने वाले असंगठित क्षेत्र के कामगारों को दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।

डिलीवरी बॉयज को ई-बाइक खरीदने में मिलेगी मदद
CM Vishnu Deo Sai Vishvakarma Jayanti: बढ़ते डिजिटल दौर में सामान की डिलीवरी करने वाले युवाओं और कामगारों के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई सहायता योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि डिलीवरी का काम करने वाले श्रमिकों को अब ई-बाइक की खरीद पर राज्य सरकार की ओर से विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे उनका काम आसान होगा और युवाओं के लिए स्वरोजगार के बेहतर विकल्प तैयार होंगे।
ई-रिक्शा खरीद पर अनुदान राशि बढ़कर हुई 1 लाख रुपये
असंगठित क्षेत्र में खुद का रोजगार शुरू करने वाले श्रमिकों के लिए प्रोत्साहन राशि में बड़ा इजाफा किया गया है। ऑटो या ई-रिक्शा खरीदने पर सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 लाख रुपये कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से श्रमिक आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे।
विकास और निर्माण में श्रमिकों का योगदान सर्वोपरि
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य या देश की प्रगति में श्रमिकों का पसीना और मेहनत सबसे बड़ी नींव होती है। कारखानों से लेकर सड़क और भवन निर्माण तक, हर क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर मजदूर को उसका वाजिब अधिकार और सामाजिक सुरक्षा मिले।

पीएम मोदी को बताया आधुनिक भारत का विश्वकर्मा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश को आधुनिक स्वरूप देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री लगातार काम कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभा में मौजूद सभी श्रमिकों से अपने-अपने घरों में एक-एक दीपक जलाकर बधाई देने का आह्वान किया।
यूनिवर्सल अकाउंट नंबर से सरल हुई प्रोविडेंट फंड प्रक्रिया
कामगारों के प्रोविडेंट फंड (पीएफ) पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) प्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब किसी भी श्रमिक को एक राज्य से दूसरे राज्य में काम के सिलसिले में जाने पर नया पीएफ खाता नहीं खुलवाना पड़ता। एक ही यूएएन नंबर से उनकी जमा पूंजी सुरक्षित रहती है और वह बिना रुकावट इसके लाभ उठा सकते हैं।

श्रमिकों के मेधावी बच्चों को मिलेगी उच्च शिक्षा में आर्थिक मदद
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कक्षा 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट अंक लाने वाले श्रमिकों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके साथ ही जो बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते हैं, उनका खर्च उठाने की दिशा में भी सरकार एक विशेष कार्ययोजना पर काम कर रही है।
1.45 लाख श्रमिकों तक पहुंचीं कल्याणकारी योजनाएं
कार्यक्रम में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 1 लाख 45 हजार पंजीकृत श्रमिकों को 26 अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा चुका है। कार्यक्रम के दौरान श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन सहित मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की।



