छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश कार्यालय में बिना बुलावे एंट्री बंद! रायपुर पहुंचते ही प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं को पढ़ाया अनुशासन का पाठ

Smriti Irani Raipur BJP Entry Restrictions: छत्तीसगढ़ भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी अपने पहले प्रवास पर रविवार को रायपुर पहुंचीं। राजधानी पहुंचते ही उन्होंने पार्टी दफ्तर की व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं को साफ शब्दों में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया। स्मृति ईरानी ने निर्देश जारी किए हैं कि प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में केवल आमंत्रित लोग ही मौजूद रहें, बिना किसी जरूरी काम के कार्यालय में भीड़ लगाने से सख्त परहेज किया जाए।

कार्यालय में कड़ा अनुशासन

स्मृति ईरानी ने रायपुर पहुंचते ही पार्टी कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जिन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बैठक में आमंत्रित किया गया है, केवल वही परिसर में आएं। बिना कारण या काम के भीड़ एकत्रित होने से बैठकों के संचालन में बाधा उत्पन्न होती है। इस निर्देश को संगठन के भीतर अनुशासन को और मजबूत करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।

जमीन पर बैठकर सुना कार्यक्रम

PM Modi Mann Ki Baat Raipur: पार्टी कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का सीधा प्रसारण सुना। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना।

प्रदेश नेताओं संग बैठक

Smriti Irani CG BJP Core Group Review: ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुबह 11:30 बजे से प्रदेश नेतृत्व के साथ पहली आधिकारिक बैठक तय की गई। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, प्रदेश संगठन महामंत्री और प्रदेश महामंत्रियों को बुलाया गया। इस दौरान राज्य में पार्टी के कामकाज का शुरुआती फीडबैक लिया गया और भावी सांगठनिक गतिविधियों के ढांचे पर शुरुआती चर्चा संपन्न की गई।

पदाधिकारियों संग संवाद

दोपहर 12:30 बजे से प्रदेश पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक का खाका तैयार किया गया। इस बैठक के दौरान पार्टी की वर्तमान गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट देखी गई और आगे के कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा की गई। प्रदेश प्रभारी ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखना अनिवार्य है।

जिला प्रभारियों संग चर्चा

दोपहर 1:30 बजे से संभाग और जिला स्तर के प्रमुख प्रभारियों की संयुक्त बैठक तय की गई। इसमें संभाग प्रभारी, सह प्रभारी, जिला प्रभारी, जिला सह प्रभारी और सभी जिला अध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान जिलों में चल रहे सदस्यता अभियान और स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता का लेखा-जोखा लिया गया, साथ ही प्रदेश और जिला स्तर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

पूर्व विधायकों से रायशुमारी

दोपहर के बाद के सत्र में पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता दी गई। दोपहर 3:30 बजे से 5 बजे तक पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों की अलग से बैठक बुलाई गई। इसके बाद शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संवाद का समय रखा गया। इन बैठकों के जरिए पुराने नेताओं के तजुर्बे का लाभ संगठन के विस्तार में उठाने पर मंथन किया गया।

कोर ग्रुप की बैठक

रविवार शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक भाजपा कोर ग्रुप की अहम बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, प्रशासनिक समन्वय और आगामी महीनों में पार्टी द्वारा चलाए जाने वाले बड़े अभियानों की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

2028 चुनाव पर नजर

हालांकि छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है, लेकिन भाजपा केंद्रीय नेतृत्व अभी से सांगठनिक कसावट में जुट गया है। प्रदेश प्रभारी के रूप में स्मृति ईरानी के सामने राज्य के विभिन्न गुटों और नेताओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाने और मैदानी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से पहले ही प्रवास में मैराथन बैठकों का ढांचा तैयार किया गया।

संगठन में कड़े फैसले

पार्टी दफ्तर में बेवजह की भीड़ पर रोक लगाने और सिर्फ काम से जुड़े लोगों की मौजूदगी तय करने के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में संगठन के कामकाज में पेशेवर दृष्टिकोण देखने को मिलेगा। अब देखना यह होगा कि दो दिनों के इस सघन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा की कार्यशैली और जिला स्तर के ढांचे में किस तरह के नए बदलाव लागू किए जाते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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