छत्तीसगढ़ में बस किराए में भारी बढ़ोतरी, धमतरी से रायपुर जाने वालों को लगेगा झटका, रात में देना होगा और ज्यादा किराया

Chhattisgarh Bus Fare Hike 2026: छत्तीसगढ़ में बस से सफर करने वाले आम यात्रियों की जेब पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। परिवहन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के बाद प्रदेश भर में यात्री बसों के किराए में वृद्धि कर दी गई है। इस फैसले का सीधा असर धमतरी से रायपुर समेत प्रदेश के अन्य प्रमुख मार्गों पर नियमित यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। नई दरों के लागू होने से दैनिक रेल और बस यात्रियों के साथ-साथ नौकरीपेशा और अध्ययनरत छात्रों का मासिक बजट बिगड़ने के आसार बन गए हैं।

प्रति किलोमीटर 50 पैसे बढ़ा किराया

CG Bus Fare Price Per KM: परिवहन विभाग की नई तालिका के अनुसार साधारण बसों का प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। शुरुआत के पांच किलोमीटर तक के सफर के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये तय किया गया है। इसके बाद तय की जाने वाली दूरी के हिसाब से भाड़ा जुड़ेगा। इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब यात्रा के लिए पहले की तुलना में अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है।

रात में 10% अतिरिक्त प्रीमियम

Dhamtari News: रात के समय बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। विभाग की ओर से रात के सफर पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रीमियम किराया वसूलने का प्रावधान किया गया है। साधारण श्रेणी के अलावा डीलक्स, सुपर डीलक्स और वोल्वो जैसी वातानुकूलित लग्जरी बसों की श्रेणियों में भी नई दरों के तहत किराया बढ़ाया गया है। हर श्रेणी के हिसाब से अंतिम भाड़े का निर्धारण अधिसूचना के मानकों के आधार पर किया गया है।

धमतरी से रायपुर का सफर महंगा

Dhamtari E Rickshaw Fare Surge: धमतरी से रायपुर के बीच चलने वाली साधारण बसों का किराया अब 140 रुपये हो गया है। इस मार्ग पर हर दिन हजारों लोग नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और इलाज के सिलसिले में आवागमन करते हैं। रोजाना सफर करने वाले कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए यह बढ़ोतरी मासिक बजट को प्रभावित करने वाली है। परिवार के साथ यात्रा करने पर एक साथ कई टिकट लेने वाले नागरिकों को भी अब अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

चिल्हर की समस्या से राउंड फिगर

किराया बढ़ोतरी पर धमतरी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष महावीर गुप्ता का कहना है कि यात्रियों और परिचालकों के बीच छुट्टे पैसे यानी चिल्हर को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बनती थी। इस व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए किराए को राउंड फिगर में तय किया गया है। बस संचालकों का तर्क है कि इससे भुगतान प्रक्रिया आसान होगी। हालांकि, आम नागरिकों के लिए इस व्यवस्था का सीधा अर्थ यात्रा पर अधिक खर्च होना ही है।

ई-रिक्शा चालकों ने भी बढ़ाए दाम

शहरों के भीतर स्थानीय स्तर पर आवागमन करने वाले यात्रियों को भी राहत नहीं मिल पा रही है। धमतरी शहर में ई-रिक्शा की संख्या 150 से बढ़कर 500 से अधिक हो गई है, लेकिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद किराया घटने के बजाय बढ़ गया है। पहले जहां एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 10 रुपये देने पड़ते थे, वहीं अब चालक यात्रियों से 15 से 20 रुपये तक वसूल रहे हैं, जिससे स्थानीय परिवहन भी काफी महंगा हो गया है।

आम लोगों पर पड़ा दोहरा बोझ

मुख्य मार्गों पर बस का किराया बढ़ने और शहर के अंदर ई-रिक्शा की दरें तेज होने से आम नागरिकों के सामने दैनिक आवागमन का खर्च संभालना कठिन हो रहा है। रोजाना काम पर जाने वाले छोटे कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों और कॉलेज जाने वाले युवाओं का परिवहन खर्च काफी बढ़ चुका है। मुख्य बस स्टैंड तक पहुंचने और वहां से गंतव्य तक जाने में यात्रियों को दोनों स्तरों पर अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है।

दैनिक यात्रियों का बढ़ा बजट

धमतरी से रायपुर जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूट पर नियमित रूप से यात्रा करने वाले यात्रियों पर इस किराया वृद्धि का दीर्घकालिक असर देखा जा रहा है। मासिक पास या रोजाना टिकट लेकर आने-जाने वाले लोगों का यात्रा खर्च घरेलू बजट का बड़ा हिस्सा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि ईंधन की कीमतें और बदलती हैं, तो परिवहन व्यवस्था से जुड़े अन्य क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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