
Ayushman Portal Down Dhamtari: धमतरी जिले में गरीबों के बेहतर इलाज के लिए बनाई गई आयुष्मान भारत योजना इस समय गंभीर तकनीकी समस्याओं से घिर गई है। पिछले बीस दिनों से पोर्टल बंद होने और पुराने हितग्राहियों का डेटा नहीं मिलने के कारण मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पहचान का सत्यापन और क्लेम की मंजूरी अटकने की वजह से कई गरीब मरीजों के परिजनों को अपनी जेब से पैसे खर्च करके अस्पतालों में नगद भुगतान करना पड़ रहा है।
बीस दिन से ठप है पोर्टल और नहीं मिल रहा पुराना डेटा
Ayushman Bharat Yojana Technical Flaw: आयुष्मान भारत योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाती है। धमतरी जिले में उन्नीस निजी अस्पतालों समेत कई सरकारी स्वास्थ्य संस्थान इस योजना से जुड़े हैं। लेकिन पिछले बीस दिनों से पोर्टल में तकनीकी खामी आने के कारण पुराने हितग्राहियों का डेटा सर्वर पर दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे इलाज की फाइलें अटक गई हैं।
मरीजों और परिजनों को उठानी पड़ रही है भारी आर्थिक परेशानी
Dhamtari Health Department News: अस्पताल पहुंचे मरीजों के परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों द्वारा इलाज की रिपोर्ट मंजूरी के लिए भेजने के बावजूद एक सप्ताह तक स्वीकृति नहीं मिल रही है। क्लेम पास न होने के कारण अस्पतालों को मजबूरी में नगद भुगतान करना पड़ रहा है। गट्टासिल्ली और मरकाटोला के स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि कार्ड होने के बावजूद उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा इलाज में लगाना पड़ रहा है।
नए डेटा और एपीआई की तकनीकी गड़बड़ी से आ रही दिक्कत
Dhamtari News: पड़ताल में सामने आया है कि नए डेटाबेस में एपीआई के माध्यम से अलग मेंबर आईडी तैयार होने के कारण पुराने कार्डधारकों की पहचान करने में तकनीकी बाधा आ रही है। आधार कार्ड या राशन कार्ड नंबर डालने पर पोर्टल पर सीधा ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ का संदेश प्रदर्शित हो रहा है। इस तकनीकी खामी के कारण मरीजों का सत्यापन रुक गया है और अस्पतालों द्वारा भेजे जाने वाले क्लेम भी पेंडिंग पड़े हैं।
नए आयुष्मान कार्ड बनाने के काम पर भी लग गया है बड़ा ब्रेक
धमतरी जिले में कुल आठ लाख इक्यावन हजार से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से अधिकांश लोगों के कार्ड बन चुके हैं और करीब बयालीस हजार से अधिक लोगों के कार्ड बनाए जाने बाकी हैं। लेकिन पोर्टल पूरी तरह बंद होने के कारण नए आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर भी पूरी तरह ब्रेक लग गया है, जिससे पात्र लोग आवेदन करने के बाद भी वंचित हो रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के बीच बढ़ रही है असमंजस की स्थिति
निजी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और प्रबंधन के बीच पोर्टल की खराबी को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जब तक ऑनलाइन पोर्टल से क्लेम की मंजूरी नहीं मिलती, तब तक वे योजना के तहत मुफ्त इलाज नहीं दे सकते। इस तकनीकी गतिरोध के कारण सबसे ज्यादा परेशानी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे असहाय मरीजों को उठानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग और उच्च अधिकारियों के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती
लंबे समय से चल रही इस तकनीकी समस्या ने स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने पोर्टल को जल्द से जल्द बहाल करने और पुराने सभी हितग्राहियों का डेटाबेस दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती है। यदि यह समस्या जल्द दूर नहीं हुई, तो योजना का लाभ पाने वालों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं।
सीएमएचओ ने उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन लेकर समाधान का दिया भरोसा
इस पूरे मामले पर धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एके टोंडर ने जानकारी दी है कि आयुष्मान पोर्टल में सर्वर डाउन होने की बड़ी तकनीकी समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए जल्द ही उच्च कार्यालय को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा जाएगा, ताकि जिले के सभी पात्र मरीजों को योजना का सुचारू लाभ मिल सके।



