
CG Deputy Collector Z+ Security: छत्तीसगढ़ में इन दिनों करीब सवा सौ नेताओं और प्रशासनिक अफसरों की सुरक्षा में कटौती की खबरें तेजी से चर्चा में हैं। राज्य सरकार सुरक्षा समीक्षा के आधार पर कई दिग्गजों का सुरक्षा घेरा छोटा करने जा रही है। इसी बीच प्रदेश के एक ऐसे प्रशासनिक अफसर का नाम सुर्खियों में आ गया है, जिनकी सुरक्षा व्यवस्था राज्य के कई मंत्रियों, कलेक्टरों, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से भी कहीं ज्यादा मजबूत मानी जाती है। यह अधिकारी कोई और नहीं, बल्कि दुर्ग जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा हैं।
बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा के बेटे हैं आशीष कर्मा
Mahendra Karma Son Ashish Karma Security: आशीष कर्मा बस्तर में ‘बस्तर टाइगर’ के नाम से मशहूर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा के बेटे हैं। वर्ष दो हजार तेरह में झीरम घाटी में हुए भयानक नक्सली हमले में नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा की निर्मम हत्या कर दी थी। इस दुखद हादसे के बाद तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने वर्ष दो हजार उन्नीस में महेंद्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा को अनुकंपा नियुक्ति देते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा में सीधे डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त किया था।
झीरम घाटी हमले के बाद पूरे परिवार को मिली थी जेड प्लस सुरक्षा
CG VIP Security Downgrade 2026: झीरम घाटी अग्निकांड के बाद राज्य में पैदा हुए गंभीर सुरक्षा खतरों को देखते हुए शासन ने महेंद्र कर्मा के पूरे परिवार को सर्वोच्च श्रेणी यानी जेड प्लस (Z+) सुरक्षा प्रदान की थी। इसमें उनकी पत्नी देवती कर्मा और उनके तीनों बेटों छबिंद्र कर्मा, आशीष कर्मा तथा दिव्यराज कर्मा को यह सुरक्षा घेरा दिया गया था। आशीष कर्मा के प्रशासनिक सेवा में आने के बाद भी उनकी सुरक्षा श्रेणी में कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे वे बतौर डिप्टी कलेक्टर भी जेड प्लस सुरक्षा घेरे में तैनात रहे।
दफ्तर से लेकर दौरों तक चौबीसों घंटे 24 जवानों का पहरा
CG VIP Security Downgrade 2026: जेड प्लस सुरक्षा मिलने की वजह से डिप्टी कलेक्टर आशीष कर्मा हर समय कड़े सुरक्षा चक्र में रहते हैं। वे जब जिला कार्यालय या अपने दफ्तर में बैठते हैं, तो वहां भी हथियारबंद जवानों का पहरा रहता है। उनकी सुरक्षा में करीब चौबीस से पच्चीस जवान तैनात रहते हैं। उनकी आधिकारिक गाड़ी के आगे पुलिस की पायलट गाड़ी और पीछे आधुनिक हथियारों से लैस जवानों की फॉलो गाड़ी चलती है, जो आमतौर पर सिर्फ मुख्यमंत्री या राज्यपाल के काफिले में ही दिखाई देती है।
सुरक्षा के भारी लाव-लश्कर के कारण फील्ड पोस्टिंग में अड़चन
Bastar VIP Security Change Update: अत्यधिक सुरक्षा इंतजामों की वजह से आशीष कर्मा के सामने कई बार असहज स्थितियां खड़ी हो जाती हैं। आमतौर पर जिलों के कलेक्टर या प्रदेश के मुख्य सचिव के साथ केवल एक पीएसओ तैनात रहता है और उनके साथ कोई पायलट या फॉलो गाड़ी नहीं होती। आशीष कर्मा के साथ चलने वाले इस भारी सुरक्षा बल के कारण प्रशासन उन्हें फील्ड की सीधी जिम्मेदारी देने में हिचकिचाता रहा है। यही वजह है कि सात साल की प्रशासनिक सेवा के बावजूद उन्हें अब तक एसडीएम की मैदानी जिम्मेदारी नहीं मिल सकी है।
बस्तर के सवा सौ नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में कटौती की तैयारी
CG Deputy Collector Security Story: राज्य शासन अब बस्तर संभाग और आसपास के इलाकों में शांति व्यवस्था सुधरने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा कर रहा है। इसके तहत राज्य के नौ प्रमुख दिग्गजों की सुरक्षा जेड प्लस से घटाकर जेड श्रेणी की जा रही है, जिनमें कर्मा परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार सुरक्षा घेरा छोटा करने से लगभग दो सौ पुलिस जवान वीआईपी ड्यूटी से मुक्त होंगे, जिन्हें रायपुर कमिश्नरेट और अन्य जिलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने में तैनात किया जाएगा।
सुरक्षा घटने के बाद मिल सकती है एसडीएम की नई जिम्मेदारी
गृह विभाग द्वारा जल्द ही सुरक्षा कटौती का आधिकारिक आदेश जारी किया जा सकता है। माना जा रहा है कि सुरक्षा श्रेणी जेड प्लस से घटकर जेड होने पर उनके साथ चलने वाला लाव-लश्कर कम हो जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन उन्हें एसडीएम जैसी मैदानी और जनसंपर्क वाली भूमिका सौंपने पर विचार कर सकता है। इससे वे आम जनता से सीधे जुड़कर शासकीय योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज का बेहतर ढंग से संचालन कर सकेंगे।



