बस्तर राजघराने की शाही शादी का जश्न, 107 साल बाद निकली शाही बारात

जगदलपुर, 20 फरवरी 2025। बस्तर राजघराने में शाही शादी का जश्न धूमधाम से शुरू हो चुका है। हल्दी रस्म के बाद, बस्तर गद्दी के राजा कमलचंद भंजदेव की शाही बारात शहर की सड़कों पर ऐतिहासिक भव्यता के साथ निकली। इस बारात में हाथी, घोड़े और ऊंट शामिल थे, जिन पर राजपरिवार का शाही चिन्ह सुसज्जित था।

राजा कमलचंद भंजदेव का ऐतिहासिक सफर

राजमहल से बारात शुरू होने से पहले, राजा कमलचंद भंजदेव हाथी पर सवार होकर शहर निकले। वह सबसे पहले मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेने पहुंचे, और फिर शाही बारात का काफिला रवाना हुआ। इस बारात में बस्तर रियासत के पारंपरिक प्रतिनिधि, जैसे माझी चालकी और अन्य ऐतिहासिक अधिकारी भी शामिल थे। शाही बारात ने जगदलपुर के मुख्य मार्गों से यात्रा करते हुए वापस राजमहल की ओर रुख किया।

विशेष विमान से मध्य प्रदेश जाएगी शाही बारात

राजमहल से निकलने के बाद, 20 फरवरी को कमलचंद भंजदेव अपनी बारात को चार्टर्ड फ्लाइट से मध्य प्रदेश के नागौद राजमहल ले जाएंगे, जहां उनका विवाह सम्पन्न होगा। शादी के बाद, बारात विशेष विमान से वापस जगदलपुर लौटेगी।

107 साल बाद बस्तर में शाही बारात

इस ऐतिहासिक घटना को देखने के लिए शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े। यह बारात 107 साल बाद निकली है, जब आखिरी बार पूर्व महाराजा रुद्र प्रताप देव की बारात राजमहल से निकली थी। इतने वर्षों बाद कमलचंद भंजदेव ने इस परंपरा को पुनर्जीवित किया, जिससे जगदलपुर में खास उत्साह का माहौल देखने को मिला।

यह शाही विवाह न केवल बस्तर के लिए, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है, जिसने शहरवासियों को अपने ऐतिहासिक अतीत से फिर से जुड़ने का मौका दिया।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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