
CG RTE Admission 2026: छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। चयनित छात्रों को आवंटित स्कूलों में 30 मई तक अपना दाखिला सुनिश्चित करना होगा। इस वर्ष राज्य के 6861 निजी स्कूलों में कुल 21,698 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इन सीटों के लिए कुल 38,439 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से जांच के बाद 27,203 आवेदनों को पात्र पाया गया, जबकि 11,236 आवेदन निरस्त कर दिए गए। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश के दौरान अब दस्तावेजों का दोबारा भौतिक सत्यापन नहीं होगा, क्योंकि नोडल प्राचार्य पहले ही कागजातों की जांच कर चुके हैं।
अब नोडल प्राचार्य के हाथ में होगी कमान, पोर्टल अपडेट के नियम बदले
इस सत्र से शिक्षा विभाग ने पोर्टल अपडेट की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है। पहले निजी स्कूल प्रबंधन खुद अपने लॉगिन आईडी से यह जानकारी अपडेट करते थे कि कितने बच्चों ने प्रवेश लिया और कितने रह गए। लेकिन अब पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह जिम्मेदारी नोडल प्राचार्य को सौंपी गई है। अब केवल नोडल प्राचार्य के लॉगिन से ही आरटीई पोर्टल पर बच्चों की जानकारी अपडेट की जाएगी। इसके लिए निजी शाला के प्राचार्य और नोडल प्राचार्य को संयुक्त रूप से जवाबदेह बनाया गया है ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली न हो सके।
8 जून से शुरू होगा दूसरा चरण, नए स्कूलों को मिलेगा मौका
जिन बच्चों का चयन पहले चरण में नहीं हो पाया है या जो सीटें खाली रह गई हैं, उनके लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया 8 जून से प्रारंभ होगी। इस चरण में सबसे पहले नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। इसके बाद जुलाई के महीने में छात्रों के लिए पंजीकरण और लॉटरी की प्रक्रिया संपन्न होगी। दूसरे चरण की पूरी समय-सारिणी इस प्रकार है:
- 8 जून से: नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन शुरू होगा।
- 1 से 11 जुलाई: विद्यार्थियों के लिए नए आवेदन और पंजीयन।
- 27 से 31 जुलाई: लॉटरी के जरिए सीटों का आवंटन।
- 3 से 17 अगस्त: चयनित छात्रों को स्कूल में प्रवेश लेना होगा।
प्रवेश से इंकार करने पर रद्द होगी स्कूल की मान्यता
छत्तीसगढ़ सरकार ने RTE के तहत बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाल ही में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर प्रवेश प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी निजी स्कूल निर्धारित सीटों पर बच्चों को दाखिला देने से मना करता है, तो उसकी मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि चयनित बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रवेश के दौरान किसी भी प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
पहली कक्षा के दाखिलों पर नजर, 12वीं तक पढ़ाई बनी बड़ी चुनौती
इस साल पहली कक्षा में करीब 21,983 बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन विभाग के सामने एक कड़वा सच यह भी है कि इनमें से बहुत कम छात्र 12वीं तक की पढ़ाई पूरी कर पाते हैं। विशेषज्ञ और विभाग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि शुरुआती कक्षाओं में तो दाखिले हजारों में होते हैं, लेकिन उच्च कक्षाओं तक पहुंचते-पहुंचते बच्चों का ड्रॉपआउट रेट बढ़ जाता है। सरकार अब ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार कर रही है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि नि:शुल्क शिक्षा का लाभ लेने वाले बच्चे अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करें।
आरटीई प्रवेश प्रक्रिया: मुख्य आंकड़े और तिथियां
| विवरण | संख्या / तारीख |
| कुल निजी स्कूल | 6,861 |
| कुल उपलब्ध सीटें | 21,698 |
| कुल प्राप्त आवेदन | 38,439 |
| पात्र आवेदन | 27,203 |
| प्रथम चरण प्रवेश की अंतिम तिथि | 30 मई 2026 |
| दूसरे चरण की लॉटरी | 27 से 31 जुलाई 2026 |
अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
शिक्षा विभाग ने पालकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा कर लें। चूंकि नोडल प्राचार्य स्तर पर सत्यापन का कार्य पहले ही हो चुका है, इसलिए निजी स्कूलों को प्रवेश के समय नए सिरे से अभिलेखों की मांग नहीं करनी चाहिए। यदि किसी अभिभावक को प्रवेश प्रक्रिया में स्कूल की ओर से कोई परेशानी आती है, तो वे तुरंत अपने क्षेत्र के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) या जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।



