
Ayodhya Deepotsav 2026 World Record: भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में दसवें दीपोत्सव का आयोजन बेहद धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में किया जा रहा है। इस मौके पर पूरी रामनगरी भक्ति के माहौल में सराबोर नजर आ रही है। साकेत महाविद्यालय से लेकर रामकथा पार्क तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पूरे रास्ते में हर तरफ प्रभु श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे और हर कोई इस अलौकिक पल को देखकर आनंदित होता रहा।
त्रेतायुगीन परंपरा और आधुनिकता
Ayodhya Ram Mandir: इस वर्ष निकाली गई शोभायात्रा की सबसे बड़ी खासियत सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का अनूठा तालमेल रही। एक तरफ जहां रामायण कालीन प्रसंगों को जीवंत करती झांकियों ने त्रेतायुग की यादें ताजा कर दीं, वहीं दूसरी तरफ अयोध्या में हुए आधुनिक विकास, स्वच्छता और डिजिटल प्रगति को दर्शाते मॉडल भी जुलूस में शामिल किए गए। यह दृश्य बताता है कि परंपराओं को सहेजते हुए विकास के पथ पर कैसे आगे बढ़ा जाता है।
सात भव्य झांकियों का प्रदर्शन
Vice President CP Radhakrishnan Ayodhya Visit: साकेत महाविद्यालय से शुरू हुई इस शोभायात्रा में रामायण के अलग-अलग कांडों और कथाओं पर आधारित कुल सात मुख्य झांकियां शामिल की गईं। किष्किंधा कांड से लेकर राम दरबार और पुष्पक विमान की मनमोहक झांकियों ने रास्ते में खड़े सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर सभी को भावविभोर कर दिया।
भारत की बहुरंगी लोक संस्कृति
Ayodhya Deepotsav Grand Shobhayatra: यह शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें भारत की बहुरंगी लोक संस्कृति का रूप भी दिखाई दिया। देश के अलग-अलग राज्यों से आए सांस्कृतिक दलों ने अपने-अपने पारंपरिक लोक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की ऊर्जा और नृत्य कौशल ने उत्सव के रंग को और ज्यादा गाढ़ा कर दिया।
मोबाइल कैमरों में कैद पल
प्रभु श्रीराम के स्वागत में पूरी अयोध्या नगरी की जनता सड़कों पर उतर आई थी। रास्ते के दोनों किनारों पर स्थानीय निवासियों और बाहर से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। लोग लगातार तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ा रहे थे। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इन ऐतिहासिक पलों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए।
56 घाटों पर नया इतिहास
रामनगरी अयोध्या आज सरयू नदी के 56 घाटों पर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। राम की पैड़ी सहित तमाम प्रमुख घाटों पर 30 लाख से अधिक दीयों को सलीके से सजाया गया है। शाम होते ही जब ये दीये एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे, तब पूरी अयोध्या नगरी अलौकिक रोशनी से जगमगा उठेगी।
35 हजार स्वयंसेवकों की मेहनत
दीपोत्सव के इस विशाल आयोजन को धरातल पर उतारने में अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार स्वयंसेवकों ने मुख्य भूमिका निभाई है। लगातार तीन दिनों की कड़ी मेहनत के बाद दीप बिछाने का काम पूरा किया गया। नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र की देखरेख में शनिवार सुबह से ही दीयों में तेल डालने और बाती लगाने का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा किया गया।
उपराष्ट्रपति बनेंगे ऐतिहासिक साक्षी
इस साल का दीपोत्सव प्रशासनिक और प्रोटोकॉल के लिहाज से भी काफी खास है। देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस आयोजन में शिरकत कर रहे हैं। यह पहला मौका है जब भारत के उपराष्ट्रपति व्यक्तिगत रूप से अयोध्या के इस विशाल दीपोत्सव कार्यक्रम में मौजूद रह रहे हैं।
हेलीकॉप्टर से प्रभु राम आगमन
अयोध्या में त्रेतायुग के उस पावन क्षण को फिर से जीवंत किया जाएगा, जब चौदह वर्ष का वनवास काटकर भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे थे। दोपहर के समय प्रतीक स्वरूप एक विशेष हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी अयोध्या की पावन भूमि पर कदम रखेंगे। इस क्षण को देखने के लिए रामकथा पार्क में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री का स्वागत
हेलीकॉप्टर से आगमन के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य सरकार के मंत्रियों और साधु-संतों की मौजूदगी में भगवान राम का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद भरत मिलाप का भावुक प्रसंग संपन्न होगा। आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्पवर्षा की जाएगी और भगवान राम का रथ रामकथा पार्क के लिए रवाना होगा।
रामकथा पार्क में सांकेतिक राजतिलक
रामकथा पार्क में सजे भव्य राम दरबार में त्रेतायुगीन परंपरा के अनुसार राज्याभिषेक का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। महर्षि वशिष्ठ द्वारा किए गए प्रथम राजतिलक के पौराणिक प्रसंग के तहत उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी का तिलक कर उनका आशीर्वाद लेंगे।
परिसर में 1 लाख दीये
दीपोत्सव की चमक केवल सरयू तट तक सीमित नहीं है, बल्कि भव्य राम मंदिर परिसर भी दीयों की रोशनी से नहाने के लिए तैयार है। मुख्य राम मंदिर समेत परिसर के सभी 18 मंदिरों में कुल मिलाकर एक लाख दीपक जलाए जाएंगे। पूरे परिसर को पांच अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है और 1500 मंदिर कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
2100 ड्रोन का अद्भुत शो
राम मंदिर को इस मौके पर सुंदर रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। सरयू तट पर शाम को पर्यावरण अनुकूल आतिशबाजी के साथ-साथ 2100 ड्रोन का एक विशेष शो आयोजित किया जाएगा, जो हवा में रामायण के विभिन्न दृश्यों की आकृतियां बनाएगा। इसके अलावा धर्मपथ पर 50 डिजिटल पिलर लगाए गए हैं जो रामायण के प्रसंगों को प्रदर्शित कर रहे हैं।
सरयू तट पर भव्य महाआरती
संध्या समय सरयू तट पर 2147 आचार्यों और श्रद्धालुओं द्वारा एक साथ भव्य महाआरती की जाएगी। इसके साथ ही लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग का प्रदर्शन भी होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस आयोजन को खास बनाने के लिए रामकथा पार्क के मंच पर तीन अलग-अलग देशों से आए कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
विदेशी पर्यटकों में भारी उत्साह
अयोध्या का यह विहंगम दृश्य देखने के लिए केवल देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। अर्जेंटीना से आईं पर्यटक कैरोलिना ने अयोध्या के इस भक्तिमय माहौल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इतना अद्भुत और भव्य दृश्य देखा है। यह आयोजन हर देखने वाले के मन में गहरा प्रभाव छोड़ रहा है।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा इंतजाम
इतने बड़े ऐतिहासिक और राष्ट्रीय स्तर के आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। यातायात प्रबंधन से लेकर घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के इस पावन उत्सव का आनंद ले सकें।



