
Ayushman Scam Chhattisgarh: भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीजों के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले निजी अस्पतालों की ‘ट्रिगर फ्रॉड लिस्ट’ जारी की गई है। इस सूची में छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस को पूरे देश में दूसरे स्थान पर रखा गया है, जबकि भोपाल का चिरायु मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहले स्थान पर है। वहीं रायपुर का रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल भी प्रणाली के निशाने पर है और इसे 17वां स्थान मिला है। स्वास्थ्य विभाग ने छत्तीसगढ़ के 16 अस्पतालों को योजना से बाहर (ब्लैकलिस्ट) कर दिया है।
भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल में जांच के दौरान गायब मिले 24 मरीज
Ayushman Fraud Chhattisgarh 16 Hospitals Blacklisted: स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम जब भिलाई के जुनवानी स्थित शंकराचार्य अस्पताल पहुंची, तो वहां कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। जांच के दिन रजिस्टर में आयुष्मान योजना के तहत 35 मरीज भर्ती दिखाए गए थे, लेकिन मौके पर बेड से 24 मरीज नदारद थे। टीम द्वारा मरीजों के परिजनों को रैंडम फोन करने पर 8 लोगों ने पुष्टि की कि कार्ड होने के बावजूद उनसे इलाज के अतिरिक्त पैसे ऐंठ लिए गए। विभाग ने अस्पताल को 3 साल के लिए आयुष्मान योजना से निलंबित कर दिया है।
ट्रिगर फ़्रॉड रैंकिंग

एजेंटों के जरिए दूर-दराज से लाए जाते थे फर्जी मरीज
Shankarcharya And Rawatpura Hospital Ayushman Fraud: रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान और भी हैरान करने वाला खुलासा हुआ। गंभीर बीमारियों के नाम पर कागजों में भर्ती 200 मरीज अस्पताल परिसर के आसपास चाय और पान के ठेलों पर घूमते पाए गए। पूछताछ में सामने आया कि 90 प्रतिशत मरीजों को जशपुर, बलरामपुर और सरगुजा जैसे दूरस्थ जिलों से एजेंटों द्वारा लाया गया था। हाथ-पैर में सामान्य दर्द होने पर भी एजेंट उन्हें अस्पताल ले आते थे ताकि फर्जी क्लेम पास कराया जा सके।
कुल 19 में से 16 अस्पतालों पर गिरी गाज, 3 को मिली क्लीन चिट
प्रदेशभर के 19 अस्पतालों की जांच के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कठोर कदम उठाए हैं। 3 अस्पतालों (बिलासपुर के मेहता चिल्ड्रेन हॉस्पिटल, रायपुर के विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा के डीएचटी हॉस्पिटल) को छोड़कर शेष 16 अस्पतालों में भारी अनियमितताएं पाई गईं। इसके अतिरिक्त रायपुर के तेलीबांधा स्थित मेडिलाइफ और लोटस अस्पताल के खिलाफ भी हाल ही में आयुष्मान योजना के तहत निष्कासन की कार्रवाई की जा चुकी है।
3 साल के निष्कासन के लिए विभागीय स्तर पर विशेष प्रक्रिया
CG Ayushman Yojana Hospital Blacklist News: आयुष्मान योजना के सामान्य नियमों के अंतर्गत किसी अस्पताल को अधिकतम 1 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। हालांकि, इन अस्पतालों के गंभीर आपराधिक रवैये को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नोटशीट में 3 साल तक बाहर रखने का प्रस्ताव तैयार किया है। कानूनी अड़चनों से बचने के लिए विभाग हर साल नया औपचारिक आदेश जारी करेगा ताकि इसे किसी अदालत में चुनौती न दी जा सके।
आयुष्मान योजना से बाहर किए गए 16 अस्पतालों की पूरी सूची
| क्र. | अस्पताल का नाम | जिला / स्थान |
| 1 | श्री अनंत साई अस्पताल | रायपुर |
| 2 | पल्स हॉस्पिटल | दुर्ग |
| 3 | नेताम हॉस्पिटल | कोंडागांव |
| 4 | हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल | कोरबा |
| 5 | स्वामी चंद्रशेखरानंद हॉस्पिटल | बस्तर |
| 6 | एसके केयर हॉस्पिटल | रायपुर |
| 7 | जय जगन्नाथ हेल्थ केयर | कबीरधाम |
| 8 | अशोक प्रसूति मंदिर | बिलासपुर |
| 9 | केयर एंड केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल | बिलासपुर |
| 10 | श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस | दुर्ग (भिलाई) |
| 11 | महावीर हॉस्पिटल | रायपुर |
| 12 | श्रीनिवास हॉस्पिटल | रायपुर |
| 13 | वरदान हॉस्पिटल | रायपुर |
| 14 | सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस | रायपुर |
| 15 | हेरिटेज हॉस्पिटल | रायपुर |
| 16 | रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल | रायपुर |



