
Raipur Red Room Techno Party: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विवादों में घिरी “रेड रूम टेक्नो पार्टी” को पुलिस ने समय रहते रुकवा दिया है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के वीआईपी रोड स्थित फर्जी कैफे में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर शहर में भारी विरोध शुरू हो गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल इस आयोजन को पूरी तरह रद्द कराया, बल्कि मामले से जुड़े तीन मुख्य आयोजकों को भी हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पार्टी के सभी आपत्तिजनक विज्ञापनों और वीडियो को भी इंटरनेट से हटवा दिया गया है।

40 हजार तक की थी एंट्री फीस, बिना अनुमति के हो रही थी बड़ी तैयारी
आयोजकों की ओर से जारी किए गए प्रचार पोस्टरों के अनुसार, यह विवादित कार्यक्रम शुक्रवार शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक चलना था। इस हाई-प्रोफाइल पार्टी में शामिल होने के लिए एंट्री फीस बेहद महंगी रखी गई थी, जो ₹8,000 से लेकर ₹40,000 तक तय की गई थी। इसके अलावा पार्टी में आने वाले विशेष कलाकारों से अलग से मिलने के लिए भी अलग से शुल्क वसूला जा रहा था। इस तरह के वीआईपी आयोजन की भनक जैसे ही स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों को लगी, उन्होंने शहर की संस्कृति का हवाला देते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
अश्लील प्रमोशन का आरोप, विरोध बढ़ता देख बंद किया इंस्टाग्राम पेज
इस पार्टी को लेकर सबसे बड़ा विवाद इसके प्रचार के तरीकों को लेकर हुआ। सोशल मीडिया पर इस आयोजन को बेहद आपत्तिजनक और कथित तौर पर अश्लील अंदाज में प्रमोट किया जा रहा था। इंस्टाग्राम पर इसके वीडियो वायरल होने के बाद जब समाज के विभिन्न वर्गों ने तीखी प्रतिक्रिया दी, तो आयोजकों में हड़कंप मच गया। पुलिस की सख्ती और लोगों का गुस्सा बढ़ता देख आयोजकों ने उस इंस्टाग्राम हैंडल को ही डिलीट कर दिया जिससे इसका प्रचार हो रहा था। अब उस लिंक को खोलने पर पेज उपलब्ध न होने का संदेश आ रहा है।

प्रमोशन वीडियो में नाबालिग लड़कियों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर मोड़ तब आया जब वायरल वीडियो में नाबालिग लड़कियों को शामिल करने की बात सामने आई। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि पार्टी की पब्लिसिटी बढ़ाने के लिए कम उम्र की लड़कियों का इस्तेमाल किया गया और उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया। इंटरनेट यूजर्स ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सवाल उठाए कि ऐसे संवेदनशील कंटेंट को खुलेआम कैसे पोस्ट किया जा सकता है। सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि यदि वीडियो में नाबालिगों के शामिल होने की पुष्टि होती है, तो आयोजकों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
पुलिस से छिपाई गई जानकारी, कैफे से दूसरे वेन्यू पर शिफ्ट हो रही थी पार्टी
तेलीबांधा पुलिस के मुताबिक, इस तरह के बड़े और व्यावसायिक आयोजन के लिए कानूनन स्थानीय थाने और जिला प्रशासन से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन आयोजकों ने ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली थी। विवाद और पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए आयोजकों ने आखिरी वक्त पर पार्टी की जगह बदलने की भी कोशिश की थी। ‘सॉर्ट माई सीन’ नाम की टिकट बुकिंग वेबसाइट पर मिले अपडेट के अनुसार, पहले यह कार्यक्रम ‘फर्जी कैफे’ में होना था, जिसे बाद में बदलकर ‘को पाई को’ नाम की जगह पर शिफ्ट करने का पोस्टर अपलोड किया गया था।
पुलिस ने आयोजकों को कस्टडी में लिया, सोशल मीडिया पर पैनी नजर
जैसे ही इस गुप्त आयोजन की खबरें मुख्यधारा की मीडिया और पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचीं, तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। तेलीबांधा थाना पुलिस ने मौके पर दबिश देकर तीन आयोजकों को दबोच लिया, जिनसे थाने में बिठाकर कड़ी पूछताछ की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साइबर सेल की टीम को भी काम पर लगाया गया है ताकि टिकटिंग वेबसाइट्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से इस पार्टी से जुड़ी हर जानकारी को पूरी तरह ब्लॉक किया जा सके।
रायपुर में पैर पसारते ‘रेव कल्चर’ पर पुलिस की सख्त चेतावनी
इस कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस ने शहर के सभी होटल, क्लब और कैफे संचालकों को सख्त हिदायत जारी की है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि राजधानी में किसी भी तरह के अश्लील, संदिग्ध या बिना अनुमति वाले आयोजनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले संचालकों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनके व्यावसायिक लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। इस त्वरित पुलिसिया कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने सराहना की है।



