
रायपुर/महासमुंद: छत्तीसगढ़ में सोमवार की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दबिश के साथ हुई। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने एक साथ रायपुर और महासमुंद के 9 ठिकानों पर छापा मारा है। महासमुंद में होंडा शोरूम के मालिक जसबीर सिंह बग्गा के मेघ बसंत कॉलोनी स्थित घर पर ईडी की टीम दो वाहनों में सवार होकर पहुंची। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जांच टीम घर के भीतर मौजूद दस्तावेज़ों और बैंक रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है। इसके साथ ही रायपुर में कारोबारी हरमीत खनूजा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर भी भारी सुरक्षा के बीच कार्रवाई जारी है।
मुआवजे में करोड़ों की गड़बड़ी का शक: भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़ा है पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण से जुड़ी है। आरोप है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहित करते समय कुछ अधिकारियों और जमीन मालिकों ने आपसी साठगांठ कर मुआवजे के भुगतान में भारी अनियमितताएं की हैं। ईडी की टीम हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित करीबियों और कुछ सरकारी अधिकारियों के परिसरों पर तलाशी ले रही है ताकि भ्रष्टाचार के सुबूत जुटाए जा सकें। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि रसूखदारों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया है।
क्या है भारतमाला परियोजना? केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट आया विवादों में
भारतमाला परियोजना भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 2017-18 में शुरू किया गया था। इसके तहत देशभर में लगभग 34,800 किलोमीटर लंबे आर्थिक गलियारे (Economic Corridors) विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट में केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि बंदरगाहों को जोड़ने वाली कनेक्टिविटी और कोस्टल रोड्स का निर्माण भी शामिल है। रायपुर से विशाखापट्टनम के बीच बन रहा कॉरिडोर इसी कड़ी का एक हिस्सा है, लेकिन अब मुआवजे में हुए कथित ‘खेल’ ने इस बड़े प्रोजेक्ट पर जांच का साया डाल दिया है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार: खंगाले जा रहे हैं बैंक ट्रांजेक्शन और जमीन के कागजात
हालांकि, अभी तक प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई औपचारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबी चल सकती है। ईडी की टीम मुख्य रूप से उन बैंक ट्रांजेक्शन पर नजर रख रही है जो जमीन अधिग्रहण के मुआवजे के तौर पर दिए गए थे। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्य और बेनामी संपत्तियों के कागजात भी तलाशे जा रहे हैं। महासमुंद और रायपुर के इन ठिकानों पर सुरक्षा के लिए भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है ताकि जांच की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।



