
CG Coal Scam Charge Sheet: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी (अवैध उगाही) घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी ने रायपुर की विशेष अदालत में इस मामले से जुड़ा छठा पूरक चालान पेश कर दिया है। 9 हजार से अधिक पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास के एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है। EOW का दावा है कि इस आयोजन के लिए घोटाले की अवैध रकम में से 25 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
खैरागढ़ उपचुनाव के दौरान आयोजित हुआ था कार्यक्रम
CG EOW Coal Levy Scam: मामला खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव के दौरान आयोजित हुए ‘हमर भांचा राम’ कार्यक्रम से जुड़ा है। उस समय इस सांस्कृतिक आयोजन को लेकर काफी राजनीतिक विवाद हुआ था। भारतीय जनता पार्टी ने तत्कालीन राज्य सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा का तर्क था कि एक तरफ स्थानीय शोभायात्राओं की अनुमति में पाबंदियां लगाई जा रही हैं, जबकि दूसरी ओर इस विशेष कार्यक्रम को तुरंत हरी झंडी दे दी गई।
व्हाट्सऐप चैट से मिला 25 लाख रुपये के लेन-देन का सुराग
CG EOW Coal Levy Scam: EOW की चार्जशीट के अनुसार, जांच अधिकारियों को मामले के प्रमुख आरोपियों के बीच हुई डिजिटल बातचीत के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव और मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के बीच व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत से पता चला है कि कार्यक्रम के निष्पादन और व्यवस्था के लिए 25 लाख रुपये की राशि का इंतजाम किया गया था। EOW ने इसी डिजिटल चैट को आधार बनाकर अदालत में अपने दावे पेश किए हैं।
चार्जशीट में 12 प्रमुख नाम शामिल
Coal Levy Scam Update: EOW द्वारा अदालत में पेश किए गए इस छठे पूरक चालान में कुल 12 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है। इनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, रामगोपाल अग्रवाल और निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू के भाई पीयूष साहू जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। चालान दाखिल होने के बाद इस पूरे मामले में अदालती कार्यवाही की रफ्तार तेज हो गई है।
कोर्ट परिसर में बयानबाजी से गरमाई राज्य की राजनीति
Raipur Special Court News: अदालत में चार्जशीट पेश किए जाने के दौरान और उसके बाद की बयानबाजी से राज्य का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। पेशी के दौरान विधायक देवेंद्र यादव द्वारा दिए गए बयानों के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है। जांच एजेंसी के इस नए खुलासे के बाद से प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
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