
CG Dhan Kharidi Rules: छत्तीसगढ़ में आगामी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के बीच प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सभाकक्ष में एग्रीस्टेक और बकेट क्लेम से जुड़ी समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता निरीक्षकों और समिति प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस बार एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन और संयुक्त खातों का बकेट क्लेम पूरा होना अनिवार्य रहेगा। नियम पूरे न करने वाले किसान अपनी उपज नहीं बेच सकेंगे।
संस्थागत किसानों की छूट समाप्त, सभी के लिए पंजीयन अनिवार्य
Collector Order On Paddy Procurement: पिछले वर्षों में संस्थागत पंजीयन वाले किसानों को प्रक्रिया में जो विशेष छूट दी जा रही थी, उसे इस बार पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब संस्थागत खाताधारकों समेत सभी श्रेणियों के किसानों का पोर्टल पर पंजीयन कराना जरूरी कर दिया गया है। जिन किसानों या संस्थाओं का पंजीयन समय पर पूरा नहीं होगा, उन्हें धान बेचने की अनुमति नहीं मिलेगी। जो किसान इस वर्ष धान नहीं बेचना चाहते, उनसे समिति द्वारा लिखित घोषणा पत्र लिया जाएगा, जिसमें दर्ज होगा कि वे अपनी इच्छा से पंजीयन नहीं करा रहे हैं।
संयुक्त खातों के लिए बकेट क्लेम और सहमति सत्यापन जरूरी
Chhattisgarh Agriculture News: जिन कृषि भूमियों में एक से अधिक हिस्सेदार दर्ज हैं, उन्हें संयुक्त खाता माना जाता है। ऐसे खातों के लिए प्रत्येक हिस्सेदार की बकेट आईडी बनाकर एग्रीस्टेक में पंजीयन कराना आवश्यक है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी सह-खातेदारों का सत्यापन पूरा होना चाहिए। जब तक खाते से जुड़े सभी सदस्यों का बकेट क्लेम और सत्यापन पूरा नहीं होगा, तब तक संबंधित जमीन का धान खरीदी के लिए पंजीयन आगे नहीं बढ़ पाएगा।
बाहर रहने वाले सह-खातेदारों को ओटीपी से मिलेगी ऑनलाइन सुविधा
han Kharidi Agristack Portal: यदि किसी संयुक्त खाते का हिस्सेदार दूसरे शहर या राज्य में रहता है, तो उसे प्रक्रिया पूरी कराने के लिए भौतिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। समिति या उपार्जन केंद्र से उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजकर ऑनलाइन सहमति दर्ज की जा सकती है। इस व्यवस्था से बाहर रहने वाले किसानों को राहत मिलेगी और सत्यापन का काम भी तय समय के भीतर पूरा हो सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे विशेष शिविर, घर-घर दी जाएगी जानकारी
पंजीयन और बकेट क्लेम के पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए ग्रामीण इलाकों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से मौके पर ही दस्तावेजों का मिलान, ओटीपी आधारित सहमति और पंजीयन का काम पूरा किया जाएगा। किसान अपना पंजीयन निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, तहसील कार्यालय या लोक सेवा केंद्र के जरिए करा सकते हैं।
नोटिस की तामीली की रसीद रखना प्रबंधकों के लिए अनिवार्य
समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि जिन किसानों का बकेट क्लेम लंबित है, उन्हें जारी किए जाने वाले नोटिस की विधिवत तामीली कराई जाए। तामीली रसीद पर अधिकृत व्यक्ति का नाम, पद, हस्ताक्षर और तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद न खड़ा हो। प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि खरीदी शुरू होने पर किसी तरह की असुविधा न उठानी पड़े।
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