
Contract Employees Regularization: छत्तीसगढ़ के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत संविदा और अनियमित कर्मचारियों के लिए सकारात्मक खबर सामने आई है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर प्रदेश के लगभग तीन लाख अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के कर्मचारियों के मुद्दों का चरणबद्ध तरीके से समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
सीएम साय ने बिंदुवार मांगपत्र भेजने के दिए निर्देश
भारतीय मजदूर संघ के मध्य क्षेत्र प्रभारी सीवी राजेश के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी संबंधित विभाग कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को बिंदुवार और सूचीबद्ध तरीके से शासन के समक्ष प्रेषित करें। मांगों की समीक्षा के बाद मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के साथ एक अलग बैठक आयोजित कर समाधान का रास्ता निकाला जाएगा।
बिजली कर्मचारियों की ओपीएस और संविदाकर्मियों के मानदेय पर चर्चा
बैठक के दौरान राज्य के बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) पुनः बहाल करने के विषय पर भी बातचीत हुई। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के मुख्य सचिव को संघ के प्रतिनिधियों के साथ समय निर्धारित कर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नगरीय निकायों के स्वायत्तशासी संस्थानों में कार्यरत सफाईकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों और अग्निशमन कर्मियों के मानदेय में वृद्धि करने तथा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
आंगनबाड़ी और मानदेय कर्मचारियों के लिए भी बनी सहमति
इस मुलाकात में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मितानिनों, मध्याह्न भोजन रसोइयों और निर्माण श्रमिकों के अधिकारों को लेकर भी बात रखी गई। संघ का कहना है कि सरकार ने इन वर्गों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिया है। गौरतलब है कि राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदाकर्मी लंबे समय से स्थायी सेवा और समान कार्य-समान वेतन जैसी मांगों को लेकर प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद कर्मचारियों में मांगों के निराकरण की नई उम्मीद जगी है।



