
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने अवैध और जहरीली शराब के एक बहुत बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है. खरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धनागर में देर रात दी गई दबिश के दौरान पुलिस ने एक मुख्य तस्कर को दबोचा है. पकड़े गए आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में तैयार की गई नकली शराब, नामी कंपनियों के रैपर, बोगस होलोग्राम और पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद से इलाके के अन्य अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है.
खरसिया के धनागर गांव में पुलिस की देर रात छापेमारी, रंगे हाथों पकड़ा गया अवैध शराब का मुख्य सौदागर
रायगढ़ पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि खरसिया के ग्रामीण इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से शराब की री-पैकिंग और मिलावट का काम चल रहा है. इस इनपुट के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने ग्राम धनागर में स्थित संदिग्ध ठिकाने पर अचानक घेराबंदी कर दी. आधी रात को हुई इस अचानक छापेमारी से आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला. मौके पर पुलिस ने अवैध शराब बनाने की पूरी मिनी फैक्ट्री चलती हुई पाई, जिसके बाद मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया गया.

पड़ोसी राज्यों से मंगवाया जाता था कच्चा माल, फिर नामी कंपनियों के नाम पर शुरू होता था पैकिंग का खेल
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इस धंधे के तार अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हुए हैं. पकड़ा गया आरोपी मुख्य रूप से झारखंड और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों से सस्ते दामों पर अवैध शराब और स्पिरिट मंगवाता था. इसके बाद वह इस कच्चे माल को नामी और महंगी अंग्रेजी शराब की खाली बोतलों में भर देता था. मिलावट करने के बाद इन बोतलों को इस तरह से पैक किया जाता था कि पहली नजर में कोई भी इनके असली या नकली होने का अंदाजा नहीं लगा सकता था.

असली दिखाने के लिए बोतलों पर लगाए जाते थे बोगस होलोग्राम, सरकारी आबकारी सील भी पुलिस ने की बरामद
ग्राहकों और जांच टीमों की आंखों में धूल झोंकने के लिए यह गिरोह बेहद शातिराना तरीका अपनाता था. आरोपी के पास से भारी संख्या में नकली होलोग्राम बरामद हुए हैं, जिन्हें बोतलों के ढक्कन पर चिपकाया जाता था ताकि शराब पूरी तरह असली आबकारी विभाग द्वारा प्रमाणित लगे. इसके साथ ही विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के हूबहू दिखने वाले नकली सील और लेबल भी जब्त किए गए हैं. इन सामग्रियों के दम पर आरोपी नकली उत्पाद को असली की कीमत पर बाजार में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था.
लंबे समय से जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों में एक्टिव था नेटवर्क, धड़ल्ले से हो रही थी अवैध सप्लाई
जांच के मुताबिक, यह अवैध नेटवर्क रायगढ़ जिले में पिछले काफी समय से सक्रिय था. आरोपी ने आसपास के कई ढाबों, स्थानीय छोटे तस्करों और ग्रामीण क्षेत्रों के कोचियों के साथ अपना एक मजबूत नेटवर्क बना रखा था. मांग के अनुसार इस ठिकाने से प्रतिदिन दर्जनों पेटियां अंग्रेजी ब्रांड के नाम पर सप्लाई की जा रही थीं. शुरुआती दौर में किसी को भनक इसलिए नहीं लगी क्योंकि पैकेजिंग की फिनिशिंग बिल्कुल असली बोतलों जैसी रखी जाती थी.

एसएसपी शशिमोहन सिंह के निर्देश पर चला विशेष अभियान, जनता की सेहत के साथ राजस्व को भी लग रहा था चूना
यह पूरी कार्रवाई रायगढ़ एसएसपी शशिमोहन सिंह के सीधे निर्देश पर चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत की गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की मिलावटी और नकली शराब के सेवन से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और जान को सीधा खतरा बना हुआ था. इसके साथ ही बिना आबकारी शुल्क चुकाए चोरी-छिपे शराब बेचने के इस काले कारोबार से छत्तीसगढ़ शासन को मिलने वाले आबकारी राजस्व (Excise Revenue) को भी हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा था.
रिमांड पर लेकर आरोपी से कड़ाई से पूछताछ जारी, अंतरराज्यीय गिरोह के कई बड़े चेहरों का हो सकता है खुलासा
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस उसे रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है. अफसरों का स्पष्ट मानना है कि इस धंधे में सिर्फ एक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकता, बल्कि झारखंड और ओडिशा के मुख्य सप्लायरों सहित स्थानीय स्तर पर संरक्षण देने वाले कई अन्य चेहरों के नाम भी जल्द सामने आ सकते हैं. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को एक-एक कर जोड़ने में लगी है.



