CG Government School Prayer New Rules: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में गूंजेंगे मंत्र: राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना से शुरू होगी क्लास, छुट्टी के समय होगा गायत्री मंत्र का पाठ, देखें आदेश

CG Government School Prayer New Rules: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से प्रार्थना सभा और सांस्कृतिक गतिविधियों का पूरा ढर्रा बदलने जा रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों के लिए एक नया और कड़ा दिशा-निर्देश जारी किया है. इस संबंध में मंत्रालय से प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को लिखित आदेश भेजकर व्यवस्था तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार के इस नए फैसले के तहत अब स्कूलों में रोजाना सुबह की शुरुआत मंत्रोच्चार और राष्ट्रगान से होगी, जबकि छुट्टी के समय छत्तीसगढ़ का राजगीत और शांति पाठ कराया जाएगा.

सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र अनिवार्य

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी ताजा निर्देशों के मुताबिक, अब प्रतिदिन सुबह स्कूल लगते ही सबसे पहले सामूहिक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा. इस सभा में सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत (वंदे मातरम), दीप मंत्र, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का पाठ करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके साथ ही हर दिन प्रार्थना के तुरंत बाद विद्यार्थियों को देश के महान महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग और उनके जीवन के अनमोल वचन सुनाए जाएंगे. विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से बच्चों में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, नैतिक मूल्यों और अनुशासन के प्रति गहरी समझ विकसित होगी.

मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र और छुट्टी के वक्त होगा गायत्री मंत्र का पाठ

नए नियमों का दायरा केवल सुबह की प्रार्थना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे दिन के शेड्यूल में इसे शामिल किया गया है. दोपहर में हाफ टाइम के दौरान मिलने वाले मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) को ग्रहण करने से ठीक पहले सभी बच्चों को एक साथ भोजन मंत्र का पाठ कराया जाएगा. वहीं, शाम को स्कूल की अंतिम घंटी बजने और छुट्टी होने से पहले सभी कक्षाओं के विद्यार्थी एक जगह एकत्र होकर छत्तीसगढ़ का राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’, गायत्री मंत्र और विश्व शांति के लिए शांति मंत्र का सामूहिक पाठ करेंगे. अफसरों का मानना है कि इससे बच्चों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिकता की भावना का विकास होगा.

जिला शिक्षा अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, सभी स्कूलों में कड़ाई से लागू करने के निर्देश

इस नए नियम को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग बेहद गंभीर है. सरकार ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को साफ हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और स्कूल प्राचार्यों के जरिए इस आदेश का जमीनी पालन सुनिश्चित कराएं. आदेश में कहा गया है कि किसी भी सरकारी स्कूल में इस व्यवस्था को लेकर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की उड़नदस्ता टीमें स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगी. अधिकारियों का तर्क है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को अपनी मिट्टी और संस्कारों से जोड़ना बेहद जरूरी है, इसीलिए यह कदम उठाया गया है.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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