
CG School Holiday: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। ऐसे हालात में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में आज यानी 29 जुलाई 2026 को अवकाश घोषित किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया छुट्टी का आधिकारिक आदेश
धमतरी के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, क्षेत्र में पिछले कई दिनों से हो रही अनवरत बारिश को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर नगरी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों को 29 जुलाई को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नदी-नालों के उफान से आवागमन में बनी गंभीर समस्या
प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर सड़कों और रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
अभिभावकों से प्रशासन की सतर्कता बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान बच्चों को बेवजह घर से बाहर न निकलने दें। इसके साथ ही नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने जारी की भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून द्रोणिका के सक्रिय होने से बारिश का दौर जारी रहेगा। आपदा प्रबंधन की टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटा जा सके।
स्कूलों में स्थिति सामान्य होने पर शुरू होंगी कक्षाएं
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अवकाश केवल 29 जुलाई के लिए घोषित किया गया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और जलस्तर का समीक्षात्मक जायजा लेने के बाद ही स्कूलों को नियमित रूप से संचालित करने के संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सभी संस्था प्रमुखों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।



