
CG Land Purchase Sale Ban: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से जमीन की रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए जिले के 25 गांवों में भूमि की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से अस्थायी रोक लगा दी है। कलेक्टर द्वारा जारी किए गए इस नए सरकारी आदेश के बाद इन चिन्हित गांवों में अब जमीनों की रजिस्ट्री, खाता विभाजन, नामांतरण और डायवर्शन जैसे सभी जरूरी काम रोक दिए गए हैं। प्रशासन ने यह कदम देश की एक बड़ी रेल परियोजना के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण और सर्वे के काम को बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करने के लिए उठाया है।
ईस्ट एंड वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के रूट में आ रहे हैं ये गांव, दुर्ग-भिलाई के उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ईस्ट एंड वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से होकर गुजरने वाली है। इसी के चलते दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 तहसील के अंतर्गत आने वाले कई गांवों को इस रूट में शामिल किया गया है। यह पूरा फ्रेट कॉरिडोर लगभग 2100 से 2200 किलोमीटर लंबा तैयार किया जा रहा है, जो पश्चिम बंगाल के दानकुनी से शुरू होकर झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र होते हुए गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इस विशेष मालगाड़ी ट्रैक के बन जाने से भिलाई स्टील प्लांट, स्थानीय सीमेंट फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक सेक्टर को बेहद सस्ता और तेज माल परिवहन की सुविधा मिलने लगेगी।
अवैध हस्तांतरण को रोकने और वास्तविक भू-स्वामियों के हक की रक्षा के लिए प्रशासन ने उठाया सख्त कदम
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही किसी बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा होती है, वैसे ही जमीनों के अवैध हस्तांतरण और फर्जीवाड़े की आशंका काफी ज्यादा बढ़ जाती है। बाहरी भू-माफिया सीधे-साधे ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर कम दामों में जमीनें हथियाने का प्रयास करने लगते हैं, जिससे बाद में मुआवजा वितरण के समय वास्तविक भूमि स्वामियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी गड़बड़ी को रोकने और पूरी अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह प्रतिबंध लगाया गया है। अगर किसी ग्रामीण या जमीन मालिक को बेहद जरूरी काम के लिए अपनी भूमि का सौदा करना है, तो उन्हें सबसे पहले कलेक्टर के पास आवेदन देना होगा, जिसके बाद संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 तहसील के इन 25 गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री पर लगा ब्रेक, देखें पूरी सूची
कलेक्टर द्वारा जारी सूची के अनुसार तीनों तहसीलों के प्रभावित गांवों का ब्योरा पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है। इन गांवों के लोग आगामी आदेश तक अपनी जमीनों का कोई भी सौदा नहीं कर पाएंगे।
- दुर्ग तहसील के अंतर्गत: बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई और डुमरडीह गांव शामिल हैं।
- पाटन तहसील के अंतर्गत: परेवाडीह, पहंडोर, औंधी, मगरूरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरूदडीह और बटंग गांव में रोक लगाई गई है।
- भिलाई-3 तहसील के अंतर्गत: सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा और उरला गांव इस पाबंदी के दायरे में आएंगे।
बिना किसी विवाद के सरकारी मुआवजा देने की तैयारी, उद्योगों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी योजना
यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट दुर्ग जिले के आर्थिक और औद्योगिक विकास के लिए आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। प्रशासन की कोशिश है कि रेलवे ट्रैक के लिए जो भी जमीन ली जाए, उसका सही और पूरा मुआवजा सीधे असली किसानों के बैंक खातों में पहुंचे। इस अस्थायी प्रतिबंध के कारण जमीनों के मालिकाना हक को लेकर भविष्य में कोई भी कानूनी पेंच या विवाद खड़ा नहीं होगा। जिला प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां एक तरफ किसानों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी गतिरोध या कोर्ट-कचहरी के चक्कर के इस राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तय समय के भीतर आसानी से पूरा कर लिया जाएगा।



