
Bastar Central Regional Council Meeting: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के इतिहास में आज एक नया और बेहद महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। जगदलपुर में पहली बार आयोजित हो रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की हाई लेवल बैठक में हिस्सा लेने के लिए देश के तीन बड़े राज्यों के मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। मेजबान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हवाई पट्टी पर आत्मीय स्वागत किया। छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर पहुंचे इन सभी अतिविशिष्ट मेहमानों को राजकीय परंपरा के अनुसार सम्मानित किया गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा की जा रही हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बस्तर में सजेगा विकास का मंच
बस्तर के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित हो रही मध्य क्षेत्रीय परिषद की यह 26वीं बैठक कई मायनों में बेहद खास है। देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह खुद इस हाई प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य राज्यों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, सीमावर्ती विवादों को सुलझाना, नक्सल उन्मूलन और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे प्रशासनिक विषयों पर एक ठोस रणनीति तैयार करना है। केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में होने वाले इस मंथन से बस्तर समेत पूरे मध्य भारत के विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीएम विष्णुदेव साय ने योगी आदित्यनाथ को पहनाया राजकीय गमछा, द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई बात
एयरपोर्ट पर आगवानी के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष तौर पर गर्मजोशी से अभिनंदन किया। सीएम साय ने यूपी के मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ का पारंपरिक राजकीय कोसा गमछा पहनाया और स्मृति चिन्ह भेंट कर यहां की लोक संस्कृति के अनुरूप उनका आदर-सत्कार किया। इस औपचारिक मुलाकात के बाद दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के समसामयिक मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। दोनों नेताओं ने सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और दोनों राज्यों के आपसी व्यापारिक व प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने पर विचार साझा किए।
नक्सलवाद के साए से बाहर निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा है बस्तर
बैठक की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 19 मई का यह दिन बस्तर के पूरे इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब बस्तर की पहचान केवल नक्सली हिंसा, बारूद और अशांति की चुनौतियों से जुड़ी होती थी। आज केंद्र और राज्य सरकार की सजग नीतियों के चलते बस्तर उस खौफनाक साए से बाहर निकलकर शांति, सुरक्षा और तेज विकास की एक बिल्कुल नई पहचान बना रहा है। ऐसे सकारात्मक माहौल में देश के गृह मंत्री और तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों का यहां जुटना स्थानीय जनता के बढ़ते विश्वास का सबसे बड़ा पैमाना है।
अंतरराज्यीय समन्वय को मिलेगी नई ताकत, आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण में मील का पत्थर होगी बैठक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरा भरोसा जताया कि इस उच्च स्तरीय बैठक के जरिए पड़ोसी राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ के संबंध और अधिक मजबूत होंगे। बस्तर में हो रहे इस नीतिगत मंथन से न केवल आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर साझा अभियान चलाने में मदद मिलेगी, बल्कि बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बस्तर को पूरी तरह से आत्मनिर्भर, सुरक्षित और विकसित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में यहां के आदिवासियों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आएगा।



