रायपुर शहर काजी आरिफ अली बर्खास्त: महिलाओं से अश्लील चैटिंग और हलाला के लिए दबाव डालने का आरोप, वक्फ बोर्ड की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर काजी आरिफ अली फारूकी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। राज्य वक्फ बोर्ड ने यह सख्त कदम उन पर लगे गंभीर नैतिक आरोपों के बाद उठाया है। काजी पर आरोप है कि उन्होंने पद की गरिमा के खिलाफ जाकर कई महिलाओं को देर रात आपत्तिजनक मैसेज भेजे और उनके साथ अश्लील बातें कीं। इस घटना के बाद मुस्लिम समाज में काफी आक्रोश देखा जा रहा है और वक्फ बोर्ड ने इसे पूरे समाज को शर्मसार करने वाली हरकत बताया है।

हलाला का बनाया दबाव: पीड़ित महिला ने खोली काजी की पोल

पूरा विवाद तब गहराया जब बैजनाथपारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लेमीन यतीमखाना से जुड़ी एक महिला ने काजी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पीड़ित महिला का आरोप है कि आरिफ अली फारूकी ने उसे तलाक के मामले में मदद करने का झांसा दिया था। बातचीत के दौरान काजी ने महिला पर हलाला के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। महिला ने हिम्मत दिखाते हुए पहले अपने परिवार को इस बारे में जानकारी दी और फिर सबूतों के साथ राज्य वक्फ बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का कड़ा रुख: बोले- समाज को शर्मसार किया

राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि काजी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि आरिफ अली न केवल महिलाओं से अश्लील बातें करते थे, बल्कि उनके घर तुड़वाने और हलाला जैसे घिनौने कृत्यों में भी शामिल पाए गए हैं। सलीम राज के मुताबिक, काजी महिलाओं को डराते-धमकाते थे कि वे उनका तलाक करवा देंगे और फिर उन्हें हलाला की प्रक्रिया के लिए उनके पास ही आना पड़ेगा।

अश्लील चैट और धमकी: डिजिटल साक्ष्यों ने बढ़ाई मुश्किलें

जांच में यह भी सामने आया है कि शहर काजी कई महिलाओं के साथ देर रात तक मोबाइल पर चैटिंग करते थे। इन चैट्स में बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। वक्फ बोर्ड के पास पहुंचे डिजिटल सबूतों में यह साफ दिख रहा है कि काजी अपने रसूख का इस्तेमाल कर महिलाओं का शोषण करने की कोशिश कर रहे थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर बोर्ड ने उन्हें बर्खास्त करने का फैसला लिया ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

पुराना है विवादों से नाता: नाबालिग की पिटाई का भी है आरोप

आरिफ अली फारूकी का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। लगभग दो साल पहले अक्टूबर 2023 में भी वह सुर्खियों में आए थे। उस वक्त उन पर एक नाबालिग बच्चे की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। बताया जाता है कि काजी ने महज एक हेडफोन खो जाने के शक में बच्चे को बुरी तरह पीटा था। उस समय इस घटना ने पूरे बैजनाथपारा इलाके में सनसनी फैला दी थी। हालांकि, उस मामले में अब तक कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई थी, लेकिन ताजा मामले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

समाज में भारी नाराजगी: नए शहर काजी की नियुक्ति की सुगबुगाहट

बर्खास्तगी के बाद रायपुर के मुस्लिम समाज में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि अगला शहर काजी कौन होगा। लोगों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील पद पर बैठे व्यक्ति का आचरण बेदाग होना चाहिए। वक्फ बोर्ड अब जल्द ही नए नाम पर विचार कर सकता है ताकि धार्मिक और सामाजिक कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए। फिलहाल, आरिफ अली को पद से हटाए जाने को प्रशासन और समाज की ओर से एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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