
School Teacher Online Attendance VSK App: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) ऐप की ई-अटेंडेंस के आधार पर वेतन जारी करने संबंधी कड़े निर्देशों पर अपना रुख नरम कर लिया है। विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि जुलाई माह का वेतन केवल ऐप की उपस्थिति के भरोसे नहीं रोका जाएगा। बिना वास्तविक कारण जाने किसी भी शिक्षक का वेतन रोकना अनुचित होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में डीईओ और संयुक्त संचालकों को दिए गए निर्देश
शिक्षा सचिव ने यह अहम निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संयुक्त संचालकों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने जिलों में अटेंडेंस व्यवस्था की जमीनी समीक्षा करें। किसी भी स्थिति में बिना जांच-पड़ताल किए शिक्षकों का वेतन रोकने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
ऐप में नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों के चलते लिया गया निर्णय
समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि जुलाई के महीने में राज्य के कई दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐप के संचालन में तकनीकी बाधाएं आई हैं। कई स्थानों पर सर्वर डाउन रहने और मोबाइल नेटवर्क न होने से शिक्षक समय पर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं कर सके। विभाग ने माना कि ऐसी स्थिति में शिक्षकों की कोई गलती नहीं है।
नेटवर्क विहीन क्षेत्रों की रिपोर्ट कलेक्टर के माध्यम से भेजी जाएगी
शासन ने तय किया है कि जिन स्कूलों में नेटवर्क या सर्वर की गंभीर समस्या है, वहां का ब्योरा संबंधित जिले के कलेक्टर के माध्यम से उच्च कार्यालय को भेजा जाएगा। जब तक इन क्षेत्रों में तकनीकी कनेक्टिविटी में सुधार नहीं होता, तब तक वहां के लिए वैकल्पिक उपस्थिति व्यवस्था को ही मान्य किया जाएगा।
टीचर्स एसोसिएशन ने उठाई थी आंदोलन की चेतावनी
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने वीएसके ऐप की तकनीकी खामियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने मांग रखी थी कि यदि तकनीकी वजहों से उपस्थिति दर्ज नहीं हुई है, तो संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) से भौतिक सत्यापन कराकर वेतन जारी किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी थी कि समाधान न होने पर 7 अगस्त को प्रदेश भर में डीईओ कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
भौतिक सत्यापन के बाद जारी किया जाएगा शिक्षकों का वेतन
शिक्षकों के विरोध और व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अब विभाग ने डीडीओ प्रमाणीकरण का रास्ता साफ कर दिया है। यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति ऐप पर दर्ज नहीं हो पाई है, तो उसके कारणों की जांच होगी। संस्था प्रमुख या संबंधित अधिकारी द्वारा प्रमाणित किए जाने के बाद शिक्षकों के खाते में जुलाई महीने का वेतन स्थानांतरित कर दिया जाएगा।



