CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें आत्मानंद स्कूल में फीस वसूली विवाद, बिलासपुर रेल जोन में गंदा पानी, बेमेतरा में स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ घेराव, कस्टोडियल डेथ मामले में न्यायिक जांच का खुलासा, कांकेर में बाघ की दहशत, अनुकंपा नियुक्ति में बड़ा फैसला, जर्जर स्कूलों के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, सेक्स वर्क पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, कबीरधाम होम थिएटर ब्लास्ट और रेलवे टिकट रैकेट का पर्दाफाश समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
बालोद के आत्मानंद स्कूल में शिक्षकों का संकट और छात्रों से वसूली पर विवाद
Education News: बालोद जिले के अछोली स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में पिछले तीन वर्षों से अंग्रेजी और राजनीति विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। इस गंभीर समस्या के कारण 548 विद्यार्थियों की पढ़ाई लंबे समय से प्रभावित हो रही है और समय पर सिलेबस पूरा नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए शाला प्रबंधन समिति ने अपने स्तर पर दो निजी शिक्षकों को रखने का निर्णय लिया, जिनका मानदेय चुकाने के लिए प्रत्येक छात्र से 400-400 रुपए की राशि एकत्र की गई। इस कदम से अभिभावकों में गहरी नाराजगी फैल गई क्योंकि सरकारी और विशेषकर आत्मानंद मॉडल स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है। पालकों के विरोध के बाद प्रभारी प्राचार्य विजय कुमार गांवरे ने स्पष्ट किया कि शासन से स्थायी शिक्षक मिलने पर यह निजी व्यवस्था समाप्त कर दी जाएगी और छात्रों से ली गई राशि उन्हें वापस लौटा दी जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने मामले की पुष्टि करते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है, जिससे शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिलासपुर रेल जोन में गंदा पानी मिलने पर रेल मंत्रालय में मचा हड़कंप
Government: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल जोन के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों और ट्रेनों में पानी की गुणवत्ता को लेकर कैग (CAG) की रिपोर्ट सामने आने के बाद रेल मंत्रालय में भारी हड़कंप मच गया है। हालांकि दिव्यांगजनों की सुविधाओं के मामले में बिलासपुर जोन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया है, लेकिन पानी की खराब स्थिति ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय लंबी समीक्षा बैठक बुलाई और जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए। इस बड़े प्रशासनिक कदम के तहत अब देश भर में करीब 20,000 जगहों पर नए फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाए जाएंगे और वाटर कूलरों के पास ‘टैंक टू टैप’ प्रणाली विकसित की जाएगी। रेल मंत्रालय ने पानी के स्रोतों की नियमित जांच, केंद्रीकृत निगरानी और पुरानी स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई के तीन कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिनका सख्ती से पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बेमेतरा में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ का कलेक्टर कार्यालय घेराव का ऐलान
Crime Update: बेमेतरा जिले में स्वास्थ्य विभाग के भीतर पनसा विवाद अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है, जहाँ छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ (CHO Association) ने 18 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया है। संघ ने जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पर महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार, CHO संवर्ग के साथ भेदभाव, निर्धारित TOR से बाहर के कार्य कराने और बिना अनुमति के वेतन रोकने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि समीक्षा बैठकों के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणियों और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे कार्यस्थल का माहौल पूरी तरह खराब हो गया है। संघ ने POSH अधिनियम के तहत एक सक्षम और निष्पक्ष समिति से इन सभी मामलों की गहराई से जांच कराने और CMHO को तत्काल पद से हटाकर वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है। इस आंदोलन के चलते आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में एकल पदस्थ CHO के फील्ड ड्यूटी पर जाने से OPD, दवा वितरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ कस्टोडियल डेथ मामले में न्यायिक जांच रिपोर्ट से पुलिस की पोल खुली
Crime Update: छत्तीसगढ़ के चर्चित श्रवण सूर्यवंशी कस्टोडियल डेथ मामले में पोस्टमार्टम और न्यायिक जांच रिपोर्ट ने पुलिस विभाग के दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं, जिससे राज्य शासन और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। केस डायरी में श्रवण की गिरफ्तारी की तारीख 18 जनवरी 2024 दर्ज है और उसकी मौत 22 जनवरी को होना बताया गया था, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में उसके शरीर पर 6 दिन पुराने गंभीर चोट के निशान मिले हैं जिससे स्पष्ट होता है कि पुलिस ने उसे 16 जनवरी से ही बिना गिरफ्तारी दिखाए अवैध हिरासत में रखकर बेरहमी से पीटा था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि सिर पर गंभीर चोट लगने से पैदा हुई जटिलताओं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण उसकी मौत हुई, जबकि जेल प्रशासन ने इसे शराब छोड़ने की वजह से तबीयत बिगड़ने का नतीजा बताया था। इस मामले में जिला पुलिस और जेल प्रशासन के साथ-साथ राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई लीपापोती पर सुप्रीम कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई है और गृह सचिव तथा डीजीपी को कड़ी फटकार लगाई है, जिससे पुलिस जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
कांकेर के पीव्ही-19 गांव में बाघ की एंट्री से ग्रामीणों में फैली दहशत
Weather Alert: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के पखांजूर अंतर्गत कापसी फॉरेस्ट रेंज के ग्राम पीव्ही-19 में महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (TATR) से आए एक आक्रामक बाघ की दस्तक से पूरे इलाके में भयंकर दहशत का माहौल बन गया है। इस खतरनाक बाघ ने किसान गोपाल सरकार की बांधी हुई गाय को अपना शिकार बनाया और उसे करीब 100 मीटर दूर तक घसीटते हुए ले जाकर उसके शरीर का एक हिस्सा खा लिया। पशु चिकित्सक डॉ. अजमेर सिंह ने मौके पर मिले पगमार्क और शिकार के तरीकों की गहन जांच के बाद बाघ के हमले की आधिकारिक पुष्टि की है, जिससे किसानों और स्थानीय ग्रामीणों में शाम होते ही अपने घरों में दुबकने की मजबूरी बन गई है। महाराष्ट्र सीमा से सटा हुआ यह पूरा क्षेत्र मुख्य रूप से बाघ कॉरिडोर के अंतर्गत आता है और इसी बाघ द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र में एक ग्रामीण की जान लेने की घटना भी सामने आ चुकी है। वन विभाग की टीम और डॉक्टरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है और ग्रामीणों को रात के समय अकेले बाहर न निकलने की कड़ी चेतावनी देते हुए क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ा दी है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अनुकंपा नियुक्ति में बड़े बच्चे को मिलेगा पहला हक
Government: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और स्पष्ट फैसला सुनाते हुए मुंगेली जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के उस आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया है जिसमें छोटे बेटे को प्राथमिकता दी गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर यदि परिवार में कई दावेदार मौजूद हैं, तो कानूनी वारिसों के बीच वरिष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर बड़े बच्चे को ही अनुकंपा नियुक्ति पाने का पहला हक मिलना चाहिए। न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल की एकल पीठ ने मुंगेली जिले के धरमपुरा सरकारी स्कूल के चपरासी स्वर्गीय ईश्वर सिंह क्षत्रिय के मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया, जिनकी पहली पत्नी के 35 वर्षीय बेटे जितेंद्र सिंह और दूसरी पत्नी के बेटे राजकुमार के बीच नौकरी को लेकर विवाद चल रहा था। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि आगामी 30 दिनों के भीतर नए सिरे से सभी कानूनी पहलुओं की जांच कर बड़े बेटे की पात्रता पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए, जिससे राज्य के प्रशासनिक और पारिवारिक विवादों के मामलों में एक मजबूत कानूनी मिसाल कायम हुई है।
जर्जर भवनों और शिक्षकों की कमी के खिलाफ छत्तीसगढ़ के छात्र सड़कों पर उतरे
Education News: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति, जर्जर भवनों, शिक्षकों की भारी कमी और शौचालयों के अभाव से त्रस्त होकर ‘जेन-अल्फा’ कहे जाने वाले आधुनिक छात्र और उनके अभिभावक पिछले डेढ़ महीने से लगातार सड़कों पर उतरकर तीव्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। रायगढ़, महासमुंद, बालोद, धमतरी और कोंडागांव जैसे कई जिलों में छात्रों ने स्कूलों के मुख्य गेट पर ताले जड़ दिए हैं और प्रशासनिक कार्यालयों तक जोरदार तिरंगा मार्च निकाले हैं। धमधा के खैरझिटी में प्राथमिक स्कूल भवन पिछले तीन साल से पूरी तरह जर्जर होने के कारण बच्चे पंचायत भवन में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं, जिसके विरोध में छात्रों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) दफ्तर तक पैदल मार्च निकाला। प्रदेशभर में 1,800 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहाँ केवल एक ही शिक्षक के भरोसे पूरे विद्यालय की शैक्षणिक जिम्मेदारी चल रही है, जिससे विषयवार पढ़ाई का स्तर लगातार गिर रहा है और छात्र स्थायी शिक्षकों की मांग को लेकर उग्र आंदोलन करने को विवश हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: वयस्क महिला का सेक्स वर्क करना अपराध नहीं
Crime Update: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज एक चर्चित मामले की सुनवाई करते हुए एक बेहद अहम और प्रगतिशील फैसला सुनाया है जिसके तहत किसी वयस्क महिला के स्वेच्छा से सेक्स वर्क में शामिल होने को मात्र इसी आधार पर आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने रिकॉर्ड का बारीकी से मुआयना करने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता महिला के विरुद्ध इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) अधिनियम के तहत कोई भी ठोस सबूत या सामग्री उपलब्ध नहीं थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 19 मई 2022 के प्रसिद्ध बुद्धदेव कर्मास्कर बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले के फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सेक्स वर्कर भी कानून के समान संरक्षण की पूर्ण हकदार हैं और वयस्क महिला द्वारा आपसी सहमति से किया जा रहा कार्य कानूनन अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। इस विधिक स्पष्टीकरण के आधार पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला के खिलाफ दर्ज मूल एफआईआर, चार्जशीट और लंबित समस्त आपराधिक कार्यवाहियों को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द कर दिया है।
कबीरधाम होम थिएटर ब्लास्ट कांड: शादी का तोहफा बना मौत का सामान, आरोपी को दोहरे उम्रकैद की सजा
Crime Update: कबीरधाम जिले के रेंगाखार थाना क्षेत्र के चमारी गांव में करीब तीन साल पहले शादी के उपहार में मिले होम थिएटर में बम ब्लास्ट कर दो सगे भाइयों की निर्मम हत्या करने वाले कुख्यात आरोपी सरजू उर्फ संजू मरकाम को स्थानीय अदालत ने दोषी करार देते हुए दोहरी उम्रकैद की कड़ी सजा सुनाई है। वर्ष 2023 में हुई इस सनसनीखेज घटना के दौरान नवविवाहित हेमेंद्र मेरावी और उसके भाई राजकुमार मेरावी ने जब अपने घर पर नया होम थिएटर बिजली से जोड़कर चालू किया था, तो उसमें प्लांट किया गया शक्तिशाली विस्फोटक जोरदार धमाके के साथ फट गया जिससे कमरे की दीवार और छत तक ढह गई। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि आरोपी सरजू का मृतक के परिवार से जुड़ी एक महिला के साथ प्रेम-प्रसंग था और इसी शादी से नाराज होकर उसने गहरी साजिश के तहत होम थिएटर के अंदर खतरनाक विस्फोटक फिट करवाकर उसे उपहारों के बीच भिजवाया था। अदालत ने घटनास्थल से बरामद बारूदयुक्त मिट्टी, इलेक्ट्रॉनिक तारों, कार्टन और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत दो हत्याओं और पांच हत्या के प्रयासों में दोषी ठहराते हुए 9,500 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
रेलवे टिकट कालाबाजारी का बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ से तत्काल टिकट बनाकर यूपी भेजने वाला पीआरएस स्टाफ गिरफ्तार
Crime Update: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर सिटी पीआरएस (PRS) काउंटर से संचालित हो रहे रेलवे आरक्षित टिकटों की अवैध खरीद-बिक्री के एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए नगर पालिका के एक संविदा कर्मचारी और उत्तर प्रदेश के एक दलाल को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर आरपीएफ निरीक्षक सुनीता मिंज की टीम ने जांच के दौरान पाया कि 1 अगस्त 2026 को बैकुंठपुर काउंटर से जारी एक खाली टिकट पर पेन से हाथ लिखकर फर्जी पीएनआर नंबर दर्ज किया गया था जो इलाहाबाद जंक्शन में चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। आरपीएफ की तकनीकी जांच और आरोपियों के मोबाइल व्हाट्सएप चैट से यह बड़ा खुलासा हुआ कि संविदा कर्मचारी अविनाश कुमार काउंटर से अवैध रूप से खाली टिकटों पर हाथ से विवरण भरकर बस के जरिए बनारस भेजता था जिसके बदले उसे प्रति यात्री 400 रुपये का कमीशन मिलता था, जबकि दूसरा आरोपी संजय कुमार विश्वकर्मा उत्तर प्रदेश के भदोही से उन टिकटों को ग्राहकों को 600 से 800 रुपये तक के भारी मुनाफे पर बेचता था। आरोपियों के पास से कुल 3 लाख 68 हजार 351 रुपये मूल्य के 60 तत्काल और सामान्य टिकटों के स्क्रीनशॉट तथा हाथ से लिखे पीएनआर वाले 14 संदिग्ध टिकट बरामद किए गए हैं, और इस पूरे नेटवर्क के अन्य सहयोगियों की तलाश तेज कर दी गई है।



