
छत्तीसगढ़ की सियासत में राज्यसभा चुनाव की आहट के साथ ही ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ चरम पर पहुँच गई है। भारतीय जनता पार्टी ने एक नया पोस्टर जारी कर कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला है। इस बार भाजपा के निशाने पर राज्यसभा प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के प्रति उनकी कथित निष्ठा है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस में स्थानीय नेताओं के समर्पण से ज्यादा आलाकमान की ‘व्यक्तिगत सेवा’ को महत्व दिया जा रहा है, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष पनप रहा है।
‘सोनिया सेवा’ बनाम स्थानीय नेतृत्व: भाजपा का व्यंग्य
भाजपा द्वारा जारी पोस्टर में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर कटाक्ष करते हुए लिखा गया है कि गुलाब के फूल बिछाकर स्वागत करने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज की मेहनत धरी की धरी रह गई। पोस्टर में तंज कसा गया है कि फूलोदेवी नेताम की “सोनिया सेवा” इन दोनों कद्दावर नेताओं की पैरवी पर भारी पड़ी है। भाजपा यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि कांग्रेस में योग्यता और क्षेत्रीय समीकरणों के बजाय गांधी परिवार की करीबी को ही प्राथमिकता दी जाती है।
पोस्टर के जरिए शक्ति प्रदर्शन और गुटबाजी का खुलासा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्टर में भूपेश बघेल और दीपक बैज को राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के सामने हाथ जोड़े खड़ा दिखाया गया है। चित्रण में दिखाया गया है कि बघेल अपने बेटे के लिए और बैज स्वयं के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं। पोस्टर के संवादों के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि प्रियंका गांधी ने फूलोदेवी नेताम को इसलिए चुना क्योंकि उन्होंने सोनिया गांधी की निष्ठापूर्वक सेवा की थी। यह पोस्टर न केवल चुटकी लेता है, बल्कि कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रही कथित गुटबाजी को भी सार्वजनिक करता है।
अजय चंद्राकर का हमला: “उम्मीदवार को अब मिल रही पहचान”
भाजपा के कद्दावर नेता और वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने इस पोस्टर वॉर का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस में राज्यसभा सांसदों का चयन हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पिछली बार चुने गए तीन सांसदों को तो जनता ठीक से जानती भी नहीं थी, लेकिन इस पोस्टर वॉर की वजह से कम से कम अब नए उम्मीदवारों को प्रदेश में पहचान मिल रही है। चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व छत्तीसगढ़ के स्थानीय हितों के बजाय केवल अपनी व्यक्तिगत पसंद को तरजीह देता है।
अफीम की खेती पर सफाई: “गलत को गलत कहना ही होगा”
मीडिया से चर्चा के दौरान जब अजय चंद्राकर से दुर्ग में भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती मिलने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी इस मामले की आंतरिक जांच करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि “जो गलत है, वह गलत है,” चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए, इसमें भाजपा या कांग्रेस का पक्ष देखना तर्कसंगत नहीं है।
धान खरीदी और शराब बिक्री पर भूपेश बघेल को घेरा
अजय चंद्राकर ने धान खरीदी पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों को अनैतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि बघेल को इस विषय पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उनकी सरकार ने किसानों के साथ न्याय नहीं किया था। वहीं, होली के दौरान हुई रिकॉर्ड शराब बिक्री पर उन्होंने तर्क दिया कि सरकार ने किसानों को धान का बोनस समय पर दे दिया था, अब यदि कोई उस पैसे का उपयोग सामाजिक बुराई यानी शराब पर करता है, तो इसमें शासन को दोष नहीं दिया जा सकता।
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